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बिलासपुर: सीपत के खोंधरा जंगल में वन्यजीवों की लगातार मौत, नौ माह में सात चीतल की गई जान; वन विभाग पर उठे सवाल

अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 11 May 2026 11:19 AM IST
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सार

सीपत क्षेत्र के खोंधरा और सोंठी जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्यजीव गांवों की ओर आ रहे हैं, जहां आवारा कुत्तों के हमले से 9 महीनों में 7 चीतलों की मौत हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर निगरानी, पानी की व्यवस्था और शिकारियों पर अंकुश न लगाने का आरोप लगाया है।

Seven chitals have died in Raigarh over past nine months due to attacks by stray dogs
वन्यजीवों की लगातार मौतें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सीपत क्षेत्र के खोंधरा और सोंठी जंगलों में वन्यजीवों की लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार को खोंधरा जंगल में एक नर चीतल का शव मिलने के बाद क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सूचना पर वन अमला मौके पर पहुंचा।

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हालांकि, लोगों का आरोप है कि विभाग समय रहते निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, जंगल में भीषण गर्मी के दौरान वन्यजीवों के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस कारण चीतल और अन्य वन्यजीव पानी की तलाश में गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। बस्तियों के आसपास पहुंचने पर आवारा कुत्तों के हमले में उनकी मौत हो रही है। 
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लोगों के अनुसार, पिछले 9 महीनों में कुत्तों के हमले से करीब 7 चीतलों की जान जा चुकी है। डेढ़ महीने पहले सोंठी क्षेत्र में एक गर्भवती मादा चीतल की मौत का मामला भी सामने आया था।

शिकारियों की सक्रियता पर आरोप
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि खोंधरा का जंगल अब शिकारियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनता जा रहा है। देर रात बाहरी क्षेत्रों से आने वाले शिकारी जंगल में सक्रिय रहते हैं। लेकिन वन विभाग की गश्त और कार्रवाई नजर नहीं आती। लोगों का कहना है कि कई मामलों को दबा दिया जाता है और केवल सामने आने वाली घटनाओं पर औपचारिक कार्रवाई की जाती है।

वन अधिकारियों से संपर्क का प्रयास
इस मामले में खोंधरा सर्किल के डिप्टी रेंजर नागेंद्र दत्त मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की गई। हालांकि, उनसे बात नहीं हो सकी। बिलासपुर डीएफओ नीरज कुमार से भी फोन पर संपर्क करना चाहा। लेकिन उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया।

जंगलों के भीतर पानी की पर्याप्त मात्रा नहीं होने का कारण वन्यजीव रहवासी क्षेत्र मे भटक कर पहुंच जा रहें हैं, खोंदरा जंगल से एक चीतल गांव की ओर पानी की तलाश में पहुंच गया था। जिसपर कुत्तों ने हमला कर दिया था। फिलहाल, जंगल मे तलाबों के लिए प्रपोजल बनाया गया है। जल्द इस पर काम शुरू हो जायेगा- नीरज कुमार - वन मंडल अधिकारी बिलासपुर

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