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CG News: 11 जून से आमरण अनशन करेंगे आप नेता उत्तम; डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर होगा बड़ा आंदोलन
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 28 May 2026 03:30 PM IST
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सार
Chhattisgarh Aap: छत्तीसगढ़ में डी.एड. अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मुद्दा बेहद गंभीर होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने नियुक्ति की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में राज्य सरकार को खुली चेतावनी दी है।
आप नेता उत्तम जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा पत्र
- फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
Chhattisgarh Aap: छत्तीसगढ़ में डी.एड. अभ्यर्थियों की नियुक्ति का मुद्दा बेहद गंभीर होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने नियुक्ति की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के समर्थन में राज्य सरकार को खुली चेतावनी दी है। इस संबंध में पार्टी नेता उत्तम जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि यदि 10 जून तक पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, तो वे 11 जून से आमरण अनशन करेंगे।
पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में डी.एड. महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लगभग 2300 सहायक शिक्षक पद रिक्त हैं। इनमें से करीब 1600 पद आदिवासी महिला और पुरुष अभ्यर्थियों से जुड़े बताए गए हैं। अभ्यर्थी पिछले 153 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से नियुक्ति नहीं मिलने के कारण वे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहे हैं।
कोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति नहीं: जायसवाल
उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में दावा किया है कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी है। उन्होंने इसे अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देनी चाहिए।
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गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने का आरोप
पत्र में आरोप लगाया कि आंदोलनरत अभ्यर्थियों की आवाज को दबाने के लिए उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया। उन्हें तीन बार जेल भेजा गया और चार दिनों तक हिरासत में रखा गया। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने अपना संघर्ष नहीं छोड़ा और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा। जायसवाल ने कहा कि अभ्यर्थियों को अब भी उम्मीद है कि सरकार उनके भविष्य को लेकर सकारात्मक निर्णय लेगी।
'मानसिक दबाव में अभ्यर्थी'
पत्र में आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि नियुक्ति में देरी के कारण कई अभ्यर्थी निराशा में हैं। कुछ अभ्यर्थी आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने की स्थिति तक पहुंच रहे हैं। जायसवाल ने इसे अत्यंत गंभीर सामाजिक और मानवीय संकट बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
10 जून तक नियुक्ति की मांग
आम आदमी पार्टी नेता जायसवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 10 जून तक सभी 1600 पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा तक नियुक्ति नहीं दी गई, तो वे 11 जून से आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल जाती।
सरकार से संवेदनशील निर्णय की अपील
जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पुनः निवेदन किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि यह केवल नियुक्ति का मामला नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए डी.एड. अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति प्रदान की जाए।
पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ में डी.एड. महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लगभग 2300 सहायक शिक्षक पद रिक्त हैं। इनमें से करीब 1600 पद आदिवासी महिला और पुरुष अभ्यर्थियों से जुड़े बताए गए हैं। अभ्यर्थी पिछले 153 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से नियुक्ति नहीं मिलने के कारण वे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक संकट से गुजर रहे हैं।
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कोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति नहीं: जायसवाल
उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में दावा किया है कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी है। उन्होंने इसे अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देनी चाहिए।
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गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने का आरोप
पत्र में आरोप लगाया कि आंदोलनरत अभ्यर्थियों की आवाज को दबाने के लिए उन्हें कई बार गिरफ्तार किया गया। उन्हें तीन बार जेल भेजा गया और चार दिनों तक हिरासत में रखा गया। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने अपना संघर्ष नहीं छोड़ा और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा। जायसवाल ने कहा कि अभ्यर्थियों को अब भी उम्मीद है कि सरकार उनके भविष्य को लेकर सकारात्मक निर्णय लेगी।
'मानसिक दबाव में अभ्यर्थी'
पत्र में आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मानसिक स्थिति को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि नियुक्ति में देरी के कारण कई अभ्यर्थी निराशा में हैं। कुछ अभ्यर्थी आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने की स्थिति तक पहुंच रहे हैं। जायसवाल ने इसे अत्यंत गंभीर सामाजिक और मानवीय संकट बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
10 जून तक नियुक्ति की मांग
आम आदमी पार्टी नेता जायसवाल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 10 जून तक सभी 1600 पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि तय समय सीमा तक नियुक्ति नहीं दी गई, तो वे 11 जून से आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी पात्र डी.एड. अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल जाती।
सरकार से संवेदनशील निर्णय की अपील
जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पुनः निवेदन किया है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि यह केवल नियुक्ति का मामला नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए डी.एड. अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति प्रदान की जाए।