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Chhattisgarh News: मुस्लिम कर्मचारियों पर मेहरबान साय सरकार; रमजान को लेकर दी ये विशेष राहत
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:07 PM IST
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सार
Ramadan: देश-प्रदेश में 19 फरवरी से पवित्र माह रमजान की शुरुआत हो चुकी है।
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
Ramadan: देश-प्रदेश में 19 फरवरी से पवित्र माह रमजान की शुरुआत हो चुकी है। पवित्र रमजान महीने को लेकर साय सरकार ने राज्य के सभी शासकीय मुस्लिम अधिकारी और कर्मचारियों को विशेष राहत दी है। मुस्लिम समाज के ऐसे अधिकारी-कर्मचारी रमजान महीने में एक घंटा पहले ही कार्यालय से घर जा सकते हैं। डॉ. सलीम राज ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सभी जाति, धर्म, पंथ और समाज की आस्था का सम्मान किया जा रहा है। यह निर्णय सामाजिक सद्भाव और धार्मिक संवेदनशीलता का परिचायक है।
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उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की सोच का ही प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेश सरकार के इस फैसले के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे रोजा रख रहे कर्मचारियों को इबादत और पारिवारिक समय के लिए सहूलियत मिलेगी।
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रमजान का महत्व
बता दें कि मुस्लिम समाज के लिए यह महीना इबादत, रोजा और आत्म अनुशासन का विशेष समय माना जाता है। रमजान को रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना कहा जाता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं फिर रात में विशेष नमाज यानी तरावीह अदा की जाती है, जिसमें पवित्र कुरान का पाठ किया जाता है। अपने गुनाहों की माफी भी मांगी जाती है। रोजा व्यक्ति को धैर्य, अनुशासन और आत्मनियंत्रण सिखाता है। दिनभर भूखा-प्यासा रहने से इंसान को जरूरतमंदों की परेशानियों का एहसास होता है, जिससे उसके भीतर संवेदनशीलता बढ़ती है।
इस महीने में जकात और सदका देना भी बेहद अहम माना जाता है। अपनी आमदनी का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देना समाज में बराबरी और भाईचारे की भावना को बढ़ाता है। रमजान की आखिरी दस रातें खास मानी जाती हैं, जिनमें शब-ए-कद्र की रात को हजार महीनों से बेहतर बताया गया है।