सुशासन तिहार: बेमेतरा के सहसपुर में लगी CM साय की चौपाल, मंदिर में की पूजा-अर्चना; ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं
ग्रामीण महिला पूनम साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से उनके परिवार की जरूरतें पूरी करने में बड़ी मदद मिल रही है। सीएम ने ग्रामीणों को अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को सुशासन तिहार के तहत बेमेतरा जिले के ग्राम सहसपुर का आकस्मिक दौरा किया। उन्होंने 13वीं-14वीं शताब्दी में निर्मित भगवान शिव और हनुमान के प्राचीन मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
सीएम ने सहसपुर में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर चर्चा की और कई घोषणाएं कीं, जिनमें हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए नया भवन, शिव और हनुमान मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, 33 केवी विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण और सहसपुर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना शामिल है। ग्रामीण महिला पूनम साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से उनके परिवार की जरूरतें पूरी करने में बड़ी मदद मिल रही है। सीएम ने ग्रामीणों को अपनी समस्याएं और सुझाव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
फणिनागवंशी राजाओं द्वारा निर्मित मंदिर
सहसपुर का यह प्राचीन मंदिर कवर्धा के फणिनागवंशी राजाओं द्वारा नागर शैली में बनवाया गया था। सोलह स्तंभों पर टिका शिव मंदिर और आठ स्तंभों वाला हनुमान मंदिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध वास्तुकला और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है। सुरम्य वातावरण में स्थित ये मंदिर आज भी अपनी ऐतिहासिकता और कला को संजोए हुए हैं।
कबीरधाम के ग्राम दलदली पहुंचे सीएम साय
सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कबीरधाम जिले के बोड़ला ब्लॉक अंतर्गत सुदूर और दुर्गम पहाड़ियों पर बसे ग्राम दलदली पहुंचे। आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह बैगा बाहुल्य इस अंतिम सीमावर्ती गांव में मुख्यमंत्री के आगमन की खबर फैलते ही दलदली समेत चेन्द्रादादर, पीपरखुंटा, भूर्सीपकरी, केसमर्दा, लरबक्की, आमा नारा, कुकरापानी, तरेगांव जंगल, दुर्जनपुर, छुही, बांटीपथरा, मुडघुसरी जंगल, लब्दा और बांकी गांव के लोग पहुंचे हुए थे।
कनई नदी से पेयजल लाकर हर घर तक पहुंचाया जाएगा
इस मौके पर उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं की हैं। सीएम साय ने कहा कि दलदली समेत पूरे वनांचल क्षेत्र में पीने के पानी की बड़ी समस्या का अब स्थायी समाधान होगा। स्थानीय कनई नदी से पेयजल लाकर हर घर तक पहुंचाया जाएगा। पेयजल संकट दूर करने के लिए सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। कबीरधाम जिले में छीरपानी जलाशय से कुसुमघटा जल प्रदाय योजना के तहत 123 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 66 ग्रामों में जलापूर्ति होगी। वहीं, रामपुर-ठाठापुर-दशरंगपुर-सुतियापाठ जल प्रदाय योजना के लिए 78 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे 54 ग्राम को राहत मिलेगी।
मोदी की गारंटी को पूरा किया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मोदी की गारंटी के तहत हमारी सरकार ने हर वादा पूरा किया है। शपथ लेते ही प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृति दी गई, किसानों को 310 रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीदी और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा लागू की। दो वर्ष का बकाया बोनस भी दिया गया। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को सीधा लाभ पहुंचाया गया। तेंदूपत्ता संग्रहकों के मानक बोरे की दर बढ़ाकर 5500 रुपये की गई। श्रीरामलला दर्शन योजना से 22 हजार हितग्राहियों को लाभ मिला और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना फिर से प्रारंभ की गई।
डिप्टी सीएम ने सभा को संबोधित किया
इस समाधान शिविर को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक व डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में 'मोदी की गारंटी' को पूरा करते हुए पीएम आवास योजना के तहत 18 लाख नए आवासों की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि इन आवासों के लिए हमने सड़क पर लंबी लड़ाई लड़ी है। आज इस संघर्ष का सुखद परिणाम छग के गांव-गांव में नजर आने लगा है।