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CG कांग्रेस की मैराथन बैठक: जनवरी और फरवरी में मनरेगा बचाओ संग्राम छेड़ेगी कांग्रेस, सचिन पायलट ने बनाई रणनीति

अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Thu, 08 Jan 2026 11:51 PM IST
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सार

CG Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस मनरेगा में बदलाव के खिलाफ जनवरी और फरवरी में मनरेगा बचाओ संग्राम छेड़ेगी। इसे लेकर राज्य प्रभारी सचिन पायलट ने रणनीति बनाई।

Congress to launch a campaign to save MNREGA in January and February 2026; Sachin Pilot devises strategy
पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक लेते छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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CG Politics: छत्तीसगढ़ कांग्रेस मनरेगा में बदलाव के खिलाफ जनवरी और फरवरी में मनरेगा बचाओ संग्राम छेड़ेगी। इसे लेकर राज्य प्रभारी सचिन पायलट ने रणनीति बनाई। गुरुवार को रायपुर के राजीव भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की मैराथन बैठक में इस संबंध में कई निर्णय लिये गये। इसमें मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत कार्यक्रमों की रूपरेखा और आयोजन की रणनीति और एसआईआर में वंचित पात्र मतदाताओं का नाम जुड़वाने पर चर्चा एवं प्रदेश में चल रही धान खरीदी में किसानों को हो रही समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा की गई।

 

राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट ने पॉलिटिकल अफेयर कमेटी और जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में कहा कि नये साल में पहली बैठक है, आपका नया साल शुभ हो। पिछले दिनों कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में संसद में जो चर्चा हुई उस पर विचार किया। पूरा विपक्ष मनरेगा के संशोधन के विरोध में है। मनरेगा संशोधन को लेकर भाजपा भ्रम फैला रही है। यह मनरेगा को खत्म करना चाहती है। गांव में जो भूमिहीन लोग है वे मनरेगा में संशोधन से प्रभावित होंगे। पहले यह कानून था अब यह योजना बना दिया। पहले ये कानूनी संवैधानिक अधिकार था। दुनिया में यह अकेला कानून था जो रोजगार को संवैधानिक अधिकार देता है। पहले 15 दिन रोजगार नहीं देने पर 16वें दिन भत्ते का प्रावधान था। इनका उद्देश्य इसको खत्म कर दिया। पहले ग्राम पंचायत को ताकत भी काम कराने की। पहले केंद्र राज्यांश 90-100 था इन्होंने उसको 60-40 कर दिया। एआईसीसी के कैलेंडर के अनुसार हमको आंदोलन करना है। कार्यक्रम बनाना है। इसको हम जनता के बीच कांग्रेस की कामयाबी तथा भाजपा की दुर्भावना के रूप में जनता के बीच ले जाना है। मोदी सरकार जैसे तीन कृषि कानून वापस ली, अधिग्रहण कानून वापस ली वैसे ही नरेगा संशोधन भी वापस लेगी।

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'पीएम मोदी ने बजट में कटौती की'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पीएम मोदी ने पहले मनरेगा को कांग्रेस की विफलता का स्मारक बताया था, फिर इसके बजट में कटौती किया। 65 प्रतिशत कटौती कर दिया, मोदी सरकार ने 100 दिन के बदले मनरेगा में राष्ट्रीय औसत काम देने का 37 कार्य दिवस है। छत्तीसगढ़ में यह औसत मात्र 28 दिन था, वर्तमान में छत्तीसगढ़ बजट भी कम दिया, काम भी बंद किया, जिसके छत्तीसगढ़ से लगभग 7.5 लाख लोग पलायन कर असम, महाराष्ट्र, यूपी, कश्मीर जैसे राज्य गये है। हमारी मांग है 400 रू. प्रतिदिन मनरेगा की मजदूरी किया जाए तथा मनरेगा का संशोधन वापस लो।

 

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मनरेगा बचाओ आंदोलन आम आदमी तथा मजदूरों के हित की लड़ाई है। हमें इसको गंभीरता से लेना है तथा केंद्र को बाध्य करना है कि वह मनरेगा बचाओ कानून वापस ले। मनरेगा की लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है।

 

पूर्व उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि मनरेगा के प्रावधानों तथा वर्तमान संशोधनों को हमें जनता के बीच लेकर इस संशोधन से होने वाले नुकसान को बताना होगा।

 

जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम के कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर भी चर्चा हुई तथा निर्णय लिया गया कि प्रदेश भर में मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम पूरी गंभीरता से चलाया जायेगा।

 

जानें कांग्रेस की रणनीति और फैसले-

  • 10 जनवरी 2026 जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस - सभी डीसीसी कार्यालयों में जिला स्तर पर अभियान के औपचारिक शुभारंभ हेतु प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी तथा प्रस्तावित कानून के ग्रामीण रोजगार और आजीविकाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को मीडिया को बताया जाएगा।
  • 11 जनवरी 2026-एक दिवसीय उपवास एवं प्रतीकात्मक विरोध - जिला मुख्यालयों या प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, जैसे महात्मा गांधी या डॉ. बी. आर. आंबेडकर की प्रतिमाओं के पास, पार्टी नेताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों और मनरेगा श्रमिकों की भागीदारी के साथ एक दिवसीय उपवास किया जाएगा।
  • 12 जनवरी से 29 जनवरी 2026 पंचायत स्तर पर जनसंपर्क - सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत स्तर की चौपालें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस चरण के दौरान माननीय कांग्रेस अध्यक्ष तथा माननीय नेता प्रतिपक्ष के पत्र ग्राम प्रधानों, पूर्व ग्राम प्रावधानों, रोजगार सेवकों और मनरेगा श्रमिकों तक पहुंचाए जाएंगे। साथ ही विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण भी किया जाएगा।
  • 30 जनवरी 2026 - वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना - वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरने आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अहिंसा, संवैधानिक मूल्यों और काम के अधिकार पर जोर दिया जाएगा।
  • 31 जनवरी से 6 फरवरी 2026 जिला स्तरीय मनरेगा बचाओ धरना - जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों पर धरने आयोजित किए जाएंगे, जिनके पश्चात VB-GRAM-G विधेयक को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
  • 7 फरवरी से 15 फरवरी 2026 राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव - पीसीसी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर विधानसभाओं का घेराव किया जाएगा, जिसमें अधिकतम मोबिलाइजेशन के माध्यम से केंद्र सरकार की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने की नीति और राज्यों पर डाले जा रहे बोझ को उजागर किया जाएगा।
  • 16 फरवरी से 25 फरवरी 2026 क्षेत्रीय एआईसीसी रैलियां निकाली जायेगी।

 

 

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में एआईसी महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस सिंहदेव, पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, एआईसीसी सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सम्पत कुमार, एआईसीसी सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी जरिता लेतफ्लांग, एआईसीसी सहसचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी विजय जांगिड़, एआईसीसी सचिव राजेश तिवारी एआईसीसी सचिव देवेन्द्र यादव, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू आदि मौजूद रहे।

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