Dhamtari News: धान खरीदी पर प्रशासन की कड़ी निगरानी, धमतरी के उपार्जन केन्द्रों में सुचारू व्यवस्था
धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है। अब तक 39723 किसानों से 185009 टन धान खरीदा गया है। अवैध भंडारण के खिलाफ उड़नदस्ता दल ने 62 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए अनियमितता पर सख्ती की चेतावनी दी है।
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धमतरी जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024 25 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू और पारदर्शी रूप से जारी है। जिले की 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों और आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के कुल 100 उपार्जन केन्द्रों में अब तक पंजीकृत 129419 किसानों में से 39723 किसानों द्वारा 185009.36 मी. टन धान की बिक्री की जा चुकी है।
बिक्री धान का कुल मूल्य 438.81 करोड़ रुपये है, जिसका भुगतान किसानों को प्रतिदिन नियमित रूप से किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार सभी धान उपार्जन केन्द्रों में खरीदी की व्यवस्था सुव्यवस्थित है। धान खरीदी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने तथा कोचियों और बिचौलियों द्वारा अवैध धान भंडारण और परिवहन की रोकथाम के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर जिले के प्रत्येक विकासखंड में राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता और मंडी विभाग के अधिकारियों का ब्लॉक और जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल गठित किया गया है।
इन दलों द्वारा 10 दिसंबर 2025 तक मंडी अधिनियम 1972 के तहत 62 प्रकरण दर्ज कर 3739.4 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर 11 दिसंबर 2025 को धमतरी, मगरलोड और नगरी के उड़नदस्ता दलों ने विभिन्न प्रतिष्ठानों में आकस्मिक जांच की। जांच के दौरान मगरलोड के व्यापारी तारेन्द्र सिन्हा के प्रतिष्ठान से 33.5 क्विंटल, ग्राम घोटगांव के अशोक कुमार से 45.20 क्विंटल, ग्राम अकालाडोंगरी के ओमप्रकाश पटेल से 20.80 क्विंटल, ग्राम मोंगरागहन के राकेश कौशिक से 24 क्विंटल और कोड़ेगांव आर के जागेश्वर उसेंडी से 16 क्विंटल धान अवैध भंडारित पाया गया। कुल 139.5 क्विंटल अवैध धान जब्त करते हुए सभी के विरुद्ध मंडी अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी को प्रभावित करने वाली किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उड़नदस्ता दल द्वारा अवैध धान भंडारण और परिवहन पर सतत और कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल स्वयं का उत्पादित धान ही उपार्जन केन्द्रों में विक्रय करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।