धमतरी जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। उन्होंने ईओडब्ल्यू द्वारा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष के खिलाफ की गई कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की झूमा-झटकी भी हुई। कुरूद विधानसभा के पूर्व विधायक लेख राम साहू पुतले में आग लगते ही बाल-बाल बच गए। उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई, नहीं तो आग की चपेट में आ सकते थे।
गिरफ्तारी और आरोप
कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। रामगोपाल अग्रवाल पर करीब 3000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले, 450 करोड़ रुपये के कोल लेवी वसूली मामले और 127 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि घोटाले में नाम आया है। वे इस मामले में करीब तीन साल से फरार चल रहे थे। बीते बुधवार को उन्होंने ईओडब्ल्यू के सामने आकर आत्मसमर्पण किया।
कांग्रेस का विरोध
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक द्वेष और बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने और कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा ले रही है। तारिणी चंद्राकर ने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं का चीरहरण बताया। उन्होंने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल ने हमेशा जांच में सहयोग की बात कही थी। उनके खराब स्वास्थ्य की अनदेखी कर दुर्भावनापूर्वक यह कार्रवाई की गई है।
लोकतंत्र की हत्या का आरोप
तारिणी चंद्राकर ने इस कार्रवाई को सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई भाजपा सरकार की यह हताशा का नतीजा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जेल भेजने और डराने की यह राजनीति अब छत्तीसगढ़ में नहीं चलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं या भाजपा जनहित के मुद्दों पर घिरती है, तब-तब वह कांग्रेसी नेताओं के घरों पर छापे और गिरफ्तारियां शुरू कर देती है। उन्होंने कहा कि रामगोपाल की गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान पर हमला है।