Dhamtari News: उर्वरक दुकानों पर कृषि विभाग का छापा, दो लाइसेंस निलंबित, तीन विक्रेताओं को नोटिस जारी
कृषि विभाग ने धमतरी और कुरूद में उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया। अनियमितता मिलने पर यादव खाद भंडार और रूपाली कृषि केंद्र के लाइसेंस निलंबित किए गए।
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खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद-उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग सक्रिय है। विभाग जिले में उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सघन निरीक्षण अभियान चला रहा है। संचालक कृषि राहुल देव और कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर यह कार्रवाई हो रही है। कृषि विभाग के अधिकारी लगातार उर्वरक बिक्री केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं।
इसी क्रम में आज उप संचालक कृषि, जिला धमतरी और अनुविभागीय कृषि अधिकारी धमतरी की उपस्थिति में आकस्मिक निरीक्षण हुए। जिले के विभिन्न उर्वरक बिक्री केंद्रों की गहन जांच की गई। विकासखंड धमतरी के रूपाली कृषि केंद्र रामबाग, सांई कृषि केंद्र दानीटोला, सूरज कृषि केंद्र कोलियारी, कुणाल कृषि केंद्र कोलियारी, यादव खाद भंडार दानीटोला, भगवती कृषि केंद्र, संजय कृषि केंद्र आमदी तथा कैलाश सेल्स कॉर्पोरेशन धमतरी का निरीक्षण हुआ। इसके साथ ही विकासखंड कुरूद के किसान सेवा केंद्र मड़ईभाठा, साहू कृषि केंद्र इर्रा, किसान बीज उत्पादक केंद्र कोर्रा, सुनील कृषि केंद्र कचना और सत्यम शिवम कृषक क्लब भखारा की भी जांच की गई।
अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान मेसर्स यादव खाद भंडार दानीटोला और रूपाली कृषि केंद्र रामबाग धमतरी में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इन प्रतिष्ठानों में बिक्री केंद्र मशीन और भौतिक भंडार में अंतर पाया गया। मूल्य सूची और भंडार सूची का प्रदर्शन भी नहीं किया गया था। पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया गया था। इन सभी अनियमितताओं को उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन माना गया। इसके चलते दोनों प्रतिष्ठानों के अनुमति पत्र आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
सतर्कता अभियान और उर्वरक वितरण
कुणाल कृषि केंद्र कोलियारी, सूरज कृषि केंद्र कोलियारी और सांई कृपा कृषि केंद्र दानीटोला में भी अनियमितताएं पाई गईं। इन तीनों केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। कृषि विभाग द्वारा संचालक कृषि के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक उर्वरक विक्रय सतर्कता अभियान भी चलेगा। इस दौरान क्षेत्रीय अधिकारी जमाखोरी, कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री पर विशेष निगरानी रखेंगे। जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से कुल 16,957.34 टन उर्वरकों का वितरण हो चुका है। इसमें 7,540.77 टन यूरिया, 3,005.57 टन सुपर फॉस्फेट, 2,042.09 टन डीएपी, 814.52 टन पोटाश और 3,554.39 टन एनपीके शामिल है।
किसानों से अपील और कृषि लक्ष्य
जिले के डबल लॉक उर्वरक भंडारण केंद्रों में भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मांग और भंडारण की कार्रवाई भी की जा रही है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों अथवा अनुमति पत्रधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें। प्रशासन का प्रयास है कि खरीफ सीजन के दौरान किसी भी किसान को खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर परेशानी न हो। कृषि विभाग का लक्ष्य समय पर पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध कराना है। इससे जिले में खरीफ फसलों के रकबे और उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

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