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धमतरी में सिल्ली बांध के खुले गेट: तीन दिन की बारिश से भरा डैम, 100 साल पुराना है इसका इतिहास
Mon, 09 Sep 2024 09:06 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 09 Sep 2024 09:06 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के धमतरी में बन 100 साल पुराने सिल्ली बांध के गेट खुल गए हैं। अच्छी बारिश की वजह से ऑटोमेटिक सायफन सिस्टम से बांध के गेट खुल गए। बीते दिन दिन से रूक-रूक कर बारिश हो रही है।
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सिल्ली बांध के गेट खुले
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
धमतरी जिले में तीन दिनों से रुक-रुक झमाझम बारिश हो रही है। जिससे नदी नाले उफान पर हैं। वहीं धमतरी जिले में स्थित एशिया महाद्वीप का एकलौता साइफन सिस्टम वाले मुरुम सिल्ली बांध के ऑटोमेटिक गेट खुल गए।
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बता दें कि अच्छी बारिश से बांध में पानी की आवक तेजी से हो रही है। जिसके कारण पांच टीएमसी से अधिक वाला बांध लबालब भर गया। जैसे ही पानी का स्तर खतरे के निशान पर पहुंचा तो ऑटोमेटिक साइफन गेट खुल गए और करीब 4750 सौ क्यूसेक पानी बांध से निकलने लगा।
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इसके साथ ही रेगुलेटर गेट से 2000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। ये सारा पानी अब गंगरेल बांध में आएगा। वहीं बारिश के चलते 9450 क्यूसेक पानी का आवक बना हुआ है। गौरतलब है कि मुरुम सिल्ली बांध को बने 100 साल पूरे हो चुके है। ऑटोमेटिक साइफन सिस्टम वाला मुरुम सिल्ली बांध पूरे एशिया में इकलौता है।जिसे 1923 में इसे अंग्रेजो ने बनाया था।फिलहाल बांध के गेट खुलने के बाद सैलानियों के पहुँचना शुरू हो गया है।
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