फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Dhamtari News ›   Madai fair in Angarmoti temple of Dhamtari

अजीबोगरीब परंपरा: धमतरी के इस मंदिर में पुजारी के पैरों से रौंदी जाएं नि:संतान महिलाएं, तो पूरी होती है कामना

Fri, 08 Nov 2024 09:33 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी
अमर उजाला नेटवर्क, धमतरी Published by: अनुज कुमार Updated Fri, 08 Nov 2024 09:33 PM IST
सार

धमतरी में अंगार मोती माता के दरबार में मेले में हर साल की तरह इस साल भी सैकड़ों महिलाएं पहुंची हैं। जो यहां की परंपरा को पूरा करने के लिए आती है। 

विज्ञापन
Madai fair in Angarmoti temple of Dhamtari
अंगारमोती मंदिर में मेला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Dhamtari News:  दण्डकारण्य का प्रवेशद्धार कहे जाने वाले धमतरी इलाके में देवी शक्तियों का हमेशा से ही वास रहा है। लेकिन गंगरेल की तराई में मौजूद अंरगारमोती माता की महिमा निराली है। नवरुपों में पूजे जाने जाने वाली माता का यह रुप यथा नाम तथा गुणों वाली है, जो सदियों से इलाके की रक्षा करते आ रही है।

विज्ञापन


शक्ति और भक्ति के इस सगंम में कई चमत्कार भी होते रहते हैं। माता के इन्ही चमत्कारों की वजह से आज भी गंगरेल स्थित अंगारमोती मंदिर में हर साल की भांति इस साल भी दीवाली के बाद आज पहली शुक्रवार को मेला लगा था। मान्यता है कि आज के दिन निसंतान महिला यहां पुजारी के पैरो से रौंदी जाए, तो उसे संतान की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन


यही वजह है कि आज मेले में सैकड़ों नि:संतान महिलाएं संतान सुख की कामना लेकर मां के दरबार पहुंची थीं। माँ के आशीर्वाद के लिये महिलाओं को प्रथा का पालन भी करना होता है, जो यहां सदियों से प्रचलित है।इसके लिये नि:संतान महिलाएं अंगारमोती माता मंदिर अलसुबह पहुंचकर। अपने बाल खुलकर निराहार रूप में रहती है और हाथ में एक नारियल लेकर ये महिलाएं इंतजार करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माता के पूजा पाठ के बाद मुख्य पुजारी देवी रूप धारण करते है। बैगा पर मां अंगारमोती स्वयं सवार होती है। जैसे ही बैगा मंदिर की तरफ बढ़ते हैं। तभी सभी महिलाएं रास्ते में औंधे लेट जाती हैं। बैगा इन महिलाओं के ऊपर से चलते हुए मंदिर तक जाता है।

मान्यता हैं कि जिन महिलाओं के ऊपर बैगा का पैर पड़ता है। उसकी गोद जरूर हरी होती है। ये तमाम महिलाएं बैगा के पैर के नीचे आने के लिये ऐसा करती हैं ओर ये परम्परा से हजारों महिलाओं की सुनी गोद मां ने भर दी है। पिछली बार करीब 300 महिलाओं ने आशीर्वाद मांगने लेटी थी और इस बार संख्या करीब 500 से ऊपर रहा। हाथ में फुल और नारियल का फल लेकर घंटों इंतजार करती हैं। फिर मेला विहरण के समय जमीन में लेट गई।


इसी पुरानी मान्यता के अनुसार निसंतान महिलाओं को मां अंगारमोती का आशीर्वाद मिल गया। आने वाला वक्त में इन्हीं महिलाओं के आंगन में भी किलकारियां जरूर गूंजेगी। यही वजह है गंगरेल में दूरदराज के लोगों का आज तांता लगा रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed