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Raipur News: छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन, पटना के अस्पताल में ली अंतिम सांस
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:41 AM IST
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सार
छत्तीसगढ़ पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार रात निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और पटना के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
छत्तीसगढ़ के पूर्व डीजीपी विश्वरंजन का निधन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विश्वरंजन का शनिवार रात निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और पटना के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार पिछले महीने उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि उन्हें हृदय से जुड़ी गंभीर समस्या थी। उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और शनिवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
2007 में संभाली थी डीजीपी की जिम्मेदारी
विश्वरंजन वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ के डीजीपी बनाए गए थे। तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के निधन के बाद राज्य सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने लगभग चार वर्षों तक इस पद पर रहते हुए पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की। 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे विश्वरंजन का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था। हालांकि डीजीपी बनने से पहले उन्होंने लंबे समय तक राज्य से बाहर विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
इंटेलिजेंस ब्यूरो में भी निभाई अहम भूमिका
विश्वरंजन लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति पर रहे। वहां उन्होंने अतिरिक्त निदेशक सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दक्षता और अनुभव के लिए याद किया जाता है। उनके निधन पर पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
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जानकारी के अनुसार पिछले महीने उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी था, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि उन्हें हृदय से जुड़ी गंभीर समस्या थी। उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और शनिवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली।
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2007 में संभाली थी डीजीपी की जिम्मेदारी
विश्वरंजन वर्ष 2007 में छत्तीसगढ़ के डीजीपी बनाए गए थे। तत्कालीन डीजीपी ओपी राठौर के निधन के बाद राज्य सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने लगभग चार वर्षों तक इस पद पर रहते हुए पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की। 1973 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे विश्वरंजन का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला था। हालांकि डीजीपी बनने से पहले उन्होंने लंबे समय तक राज्य से बाहर विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
इंटेलिजेंस ब्यूरो में भी निभाई अहम भूमिका
विश्वरंजन लंबे समय तक इंटेलिजेंस ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति पर रहे। वहां उन्होंने अतिरिक्त निदेशक सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दक्षता और अनुभव के लिए याद किया जाता है। उनके निधन पर पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।