मक्का की आड़ में 'नशे' की खेती: दुर्ग में BJP नेता सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, चकमा देने के लिए ऐसे उगा रहे थे अफीम
दुर्ग जिले में पुलिस ने पांच एकड़ से अधिक जमीन पर की जा रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया है। मामले में भाजपा नेता सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस ने करीब आठ करोड़ रुपये की अफीम जब्त की है।
विस्तार
दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा झेंझरी के बीच अवैध खेती में भाजपा नेता विनायक ताम्रकार भी शामिल थे। 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में अवैध अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस ने लगभग आठ करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत की अफीम जब्त कर ली है।
जेवरा सिरसा चौकी अंतर्गत ग्राम समोदा झेंझरी के बीच स्थित एक बड़े भूभाग पर अवैध अफीम की खेती की जानकारी जब पुलिस को मिली तो एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। इसके बाद पुलिस के अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तो उनकी भी आंखें फटी की फटी रह गईं। पुलिस पहले अनुमान लगा रही थी कि एक एकड़ जमीन पर ही अफीम की खेती की जा रही है, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस खेतों की तरफ आगे बढ़ी तो पता चला कि एक नहीं बल्कि 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में अफीम की खेती की गई थी।

आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार मक्का और ज्वार के पौधों की आड़ में अफीम की खेती कर रहा था। पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार सहित विकास बिश्नोई और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर को गिरफ्तार किया है, वहीं अचला राम जाट फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। विकास बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है। भाजपा नेता विनायक ताम्रकार विकास बिश्नोई के साथ मिलकर अफीम की खेती करता था।
शिवनाथ नदी के तट से लगी लगभग 110 एकड़ भूमि को तार फेंसिंग से घेरा गया था। बीच में मक्का, गेहूं, धान और चना जैसी फसलें लगी हुई थीं। उन्हीं के बीच अफीम की खेती की जा रही थी। पौधों को विकसित करने के लिए ड्रिप सिंचाई की व्यवस्था भी की गई थी। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार ने सुरक्षा के तौर पर खेत में बाउंसर भी रखे थे, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति अंदर न जा सके।

अफीम की खेती
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि घटनास्थल की पूरी जांच कराई गई है। जांच में पूरी जमीन निजी पाई गई है। कहीं भी सरकारी भूमि पर कब्जा नहीं पाया गया। आरोपियों द्वारा 309 और 310 नंबर का रकबा मधुमती ताम्रकार और प्रीति बाला ताम्रकार के नाम पर है, जो विनायक ताम्रकार के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने अब गिरदावरी की जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि जमीन के रिकॉर्ड में किस फसल का उल्लेख किया गया है।

अफीम की खेती
पुलिस ने बताया कि फार्म हाउस के आसपास किसी भी तरह की कोई प्रोसेसिंग यूनिट नहीं मिली है। यह नेटवर्क किस तरीके से काम कर रहा था, इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, एफएसएल टीम और विशेषज्ञों के आकलन के आधार पर लगभग 8 करोड़ रुपये की अवैध अफीम की खेती होने का अनुमान लगाया है। यह दुर्ग ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में अफीम की खेती का पहला मामला बताया जा रहा है।