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GPM: छठी कार्यक्रम में पत्नी पर बसूले से हमला, पति को तीन साल का कठोर कारावास; अदालत ने सुनाई सजा
Thu, 23 Jul 2026 10:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 10:12 AM IST
सार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में छठी कार्यक्रम के दौरान पत्नी पर बसूले से जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने आरोपी पति बुधराम उईके को दोषी ठहराया। प्रत्यक्षदर्शी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसे तीन वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा थाना क्षेत्र में छठी कार्यक्रम के दौरान अपनी पत्नी पर बसूले से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने बरपारा धनगवां निवासी बुधराम उईके (40) को दोषसिद्ध पाते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 600 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे 15 दिन का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कौशल सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, पेंड्रा थाना क्षेत्र के नवाटोला भाड़ी निवासी खेलन सिंह कुशराम ने 13 अप्रैल 2025 को थाना पेंड्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके पुत्र के जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित छठी कार्यक्रम में उसकी सास चन्द्रवती और ससुर बुधराम उईके ग्राम धनगवां से आए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 की शाम करीब 7 बजे वह घर में भोजन कर रहा था। तभी पत्नी ईश्वरी के रोने की आवाज सुनकर वह आंगन पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसकी सास चन्द्रवती खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं, जबकि ससुर बुधराम हाथ में लोहे का बसूला लिए खड़े थे। प्रार्थी को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल महिला के कंधे के नीचे पीठ की ओर गंभीर चोट लगी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बुधराम ने पत्नी की हत्या की नीयत से बसूले से हमला किया।
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शिकायत के आधार पर थाना पेंड्रा पुलिस ने मामला दर्ज कर 13 अप्रैल 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। विवेचना के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का बसूला और घटना के समय पहनी गई शर्ट बरामद की गई। घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और अन्य नमूने एकत्र कर एफएसएल बिलासपुर भेजे गए। जांच पूरी होने के बाद 5 जून 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों, जब्त किए गए हथियार और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर बुधराम उईके को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
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अभियोजन के अनुसार, पेंड्रा थाना क्षेत्र के नवाटोला भाड़ी निवासी खेलन सिंह कुशराम ने 13 अप्रैल 2025 को थाना पेंड्रा में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके पुत्र के जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित छठी कार्यक्रम में उसकी सास चन्द्रवती और ससुर बुधराम उईके ग्राम धनगवां से आए थे।
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रिपोर्ट के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 की शाम करीब 7 बजे वह घर में भोजन कर रहा था। तभी पत्नी ईश्वरी के रोने की आवाज सुनकर वह आंगन पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसकी सास चन्द्रवती खून से लथपथ जमीन पर पड़ी थीं, जबकि ससुर बुधराम हाथ में लोहे का बसूला लिए खड़े थे। प्रार्थी को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल महिला के कंधे के नीचे पीठ की ओर गंभीर चोट लगी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बुधराम ने पत्नी की हत्या की नीयत से बसूले से हमला किया।
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शिकायत के आधार पर थाना पेंड्रा पुलिस ने मामला दर्ज कर 13 अप्रैल 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। विवेचना के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे का बसूला और घटना के समय पहनी गई शर्ट बरामद की गई। घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और अन्य नमूने एकत्र कर एफएसएल बिलासपुर भेजे गए। जांच पूरी होने के बाद 5 जून 2025 को न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों, जब्त किए गए हथियार और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर बुधराम उईके को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।