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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: सर्व शिक्षा अभियान में वित्तीय अनियमितता, सीईओ समेत दो अधिकारियों पर गिरी गाज
Tue, 21 Jul 2026 07:09 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 21 Jul 2026 07:09 PM IST
सार
जिला प्रशासन ने सर्व शिक्षा अभियान के बजट में वित्तीय अनियमितता के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जनपद पंचायत मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विनय कुमार सागर और सहायक ग्रेड-3 भुवन प्रसाद की आगामी दो वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
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सीईओ समेत दो अधिकारियों पर गिरी गाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला प्रशासन ने सर्व शिक्षा अभियान के बजट में वित्तीय अनियमितता पर कार्रवाई की है। जनपद पंचायत मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार सागर और सहायक ग्रेड-3 भुवन प्रसाद पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने जिला स्तरीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह आदेश जारी किया।
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जारी आदेश के अनुसार, शिकायतों के बाद वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए एक दल बना था। जांच प्रतिवेदन मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। उनके जवाब और उपलब्ध दस्तावेज की गहन जांच हुई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
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सामने आया कि सर्व शिक्षा अभियान की राशि का दुरुपयोग हुआ। इसका उपयोग प्रधानमंत्री आवास मेला, पंचायत आम निर्वाचन और स्टेशनरी में किया गया। अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी यह राशि खर्च की गई। सामान्य प्रशासन समिति के निर्णय पर राशि का समायोजन भी हुआ। लेकिन भुगतान प्रक्रिया में आवश्यक संयुक्त हस्ताक्षरों और निर्धारित वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया।
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जांच में यह भी पाया गया कि बैंक खाते के संचालन में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। वित्तीय अभिलेखों के संधारण में भी नियमों की अनदेखी की गई। इससे वित्तीय अनुशासन का स्पष्ट उल्लंघन परिलक्षित हुआ। प्रशासन ने इसे वित्तीय नियमों के विपरीत माना। संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में दोनों अधिकारियों की आगामी दो वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का दंड दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय योजनाओं के संचालन में वित्तीय नियमों का पालन अनिवार्य है। पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।