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जीपीएम: बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्ती, समय रहते रुकवाई शादी

अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 19 Apr 2026 08:25 PM IST
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सार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्ती एक बार फिर देखने को मिली, जहा पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 में मिली सूचना के आधार पर पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत सोन बचरवार में एक नाबालिग बालक के विवाह को समय रहते रुकवा दिया गया।

Administration Cracks Down on Child Marriage Wedding Halted Just in Time in GPM
बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्त।।
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विस्तार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्ती एक बार फिर देखने को मिली, जहा पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 में मिली सूचना के आधार पर पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत सोन बचरवार में एक नाबालिग बालक के विवाह को समय रहते रुकवा दिया गया। जानकारी के अनुसार 19 अप्रैल 2026 से विवाह की तैयारियां शुरू होने वाली थीं, जिसकी सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई।

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सूचना मिलते ही मामले को जिला बाल संरक्षण अधिकारी के संज्ञान में लाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी बीरेंद्र कुर्रे द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में ब्लॉक परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्य, थाना पेंड्रा पुलिस, उपसरपंच, सचिव एवं ग्राम पंचायत के पंच शामिल रहे।

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संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान बालक की उम्र से संबंधित दस्तावेजों, विशेष रूप से अंकसूची की जांच की गई। जांच में बालक की उम्र 17 वर्ष 10 माह 14 दिन पाई गई, जो कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम है। यह स्पष्ट होने पर टीम ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए विवाह को रोकने की कार्रवाई की।

अधिकारियों ने बालक और बालिका दोनों पक्षों के माता-पिता एवं परिजनों को समझाइश दी और बाल विवाह के दुष्परिणामों के साथ-साथ इसके कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इससे बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। टीम की समझाइश के बाद परिजनों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए विवाह नहीं करने पर सहमति जताई।

इसके पश्चात दोनों पक्षों से लिखित रूप में घोषणा पत्र/पंचनामा तैयार कर हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें स्पष्ट रूप से बाल विवाह नहीं करने का आश्वासन लिया गया। इस तरह प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक नाबालिग का विवाह रुकवाया जा सका। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें, ताकि समय रहते ऐसी कुप्रथा पर रोक लगाई जा सके।

बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्त।।

बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्त।।

 

बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्त।।

बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की सख्त।।

 

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