ड्रग तस्करी: सक्ती में 94 शीशी कोडीन सिरप जब्त, हिमाचल से ओडिशा होते छत्तीसगढ़ तक फैला नेटवर्क, चार गिरफ्तार
सक्ती जिले में पुलिस ने नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कोडीन युक्त ऑनरेक्स कफ सिरप की इंटर-स्टेट तस्करी का खुलासा किया। 94 शीशी सिरप, कार और बाइक जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
विस्तार
सक्ती जिले में नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रतिबंधित कोडीन युक्त ऑनरेक्स कफ सिरप के इंटर-स्टेट तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान 94 शीशी नशीली सिरप, एक कार और एक बाइक जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कोडीन युक्त कफ सिरप की मैन्युफैक्चरिंग हिमाचल प्रदेश की फार्मास्यूटिकल फैक्ट्रियों में वैध मेडिकल उपयोग के नाम पर की जा रही थी। इसके बाद सिरप को ओडिशा के रास्ते छत्तीसगढ़ लाकर नशे के लिए खपाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को पुलिस को मुखबिर से गिरोह की सूचना मिली। इसके बाद एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी सक्ती भुवनेश्वरी पैकरा के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर से सूचना मिली कि घरघोड़ा निवासी ध्वजा राम कुर्रे और कृष्ण कुमार डडसेना कार से सिरप लेकर आ रहे हैं, जबकि अड़भार निवासी सिकंदर गबेल (28) और कृष्ण कुमार जांगड़े बाइक से खेप रिसीव करने जा रहे हैं।
सूचना पर पुलिस ने खरसिया-अड़भार रोड पर घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोका। तलाशी के दौरान 94 नग ऑनरेक्स कफ सिरप (कुल 9 लीटर 400 मिली) बरामद की गई। पुलिस ने कार क्रमांक CG 13 BF 3626 और बाइक को जब्त कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस में कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई केवल ड्रग रिकवरी तक सीमित नहीं रहेगी। जब्त वाहनों को राजसात कर नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने कहा कि नशीली दवाओं के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। यह एक पूरा सप्लाई चेन है, जिसकी एंड-टू-एंड जांच की जाएगी।
200 रुपये की सिरप 500 तक में बेची जा रही
जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 200 रुपये कीमत वाली सिरप को नशे के आदी युवाओं को 500 रुपये या उससे अधिक में बेचा जा रहा था। पुलिस के अनुसार मात्र 10-20 मिली की मात्रा से ही व्यक्ति घंटों सुस्त और अचेत-सा रहता है, जिससे यह सिरप नशेड़ियों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
ग्रामीण इलाकों में कमजोर निगरानी का उठा रहे लाभ
पुलिस ने बताया कि ओडिशा के कुछ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में निगरानी कमजोर होने का फायदा उठाकर गिरोह वहां थोक में स्टॉक जमा करता था। इसके बाद छोटे लॉट बनाकर बाइक और कार के जरिए खरसिया, अड़भार रोड, पोता और आसपास के गांवों में सप्लाई की जा रही थी।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
