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AI से बदलेगा हेल्थ सिस्टम: कबीरधाम जिले के 60 CHO को मिला प्रशिक्षण, डिजिटल टूल्स की दी गई जानकारी
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 07:57 PM IST
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सार
60 सीएचओ को 'एआई फॉर सीएचओ' प्रशिक्षण दिया गया। इससे वे मोबाइल से रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता व गति सुधारेंगे। यह छत्तीसगढ़ की पहली पहल है।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया
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विस्तार
स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति की दिशा में कबीरधाम जिले ने पूरे छत्तीसगढ़ में एक नई मिसाल कायम कर दी है। पब्लिक हेल्थ कंसल्टिंग कंपनी जैमिनी ग्रुप के सहयोग से जिले में 'एआई फॉर सीएचओ” प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 60 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया। यह पहल प्रदेश में अपनी तरह की पहली और सबसे अनोखी मानी जा रही है।
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इस प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह सिखाया गया कि कैसे वे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से मात्र 30 सेकंड में रिपोर्ट, एनक्यूएएस एक्शन प्लान और आधिकारिक पत्र तैयार कर सकते हैं। डिजिटल टूल्स के इस उपयोग से अब स्वास्थ्य केंद्रों में कागजी कामकाज में लगने वाला समय काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा।
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कार्यक्रम में दिव्यांश जायसवाल, डॉ. सुजाता पाण्डेय और डेटा साइंटिस्ट विशेष जायसवाल ने विस्तार से बताया कि एआई किस तरह से जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से दिखाया कि रिपोर्टिंग, डॉक्यूमेंटेशन और प्लानिंग जैसे जटिल कार्य अब बेहद आसान हो सकते हैं। एनक्यूएएस-एआई प्लेटफॉर्म का भी प्रदर्शन किया गया। ये प्लेटफॉर्म विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर सहायता मिल सके।
क्वालिटी सर्टिफिकेशन की तैयारी भी सरल होगी
स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ. डीके तूरे ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि “नई तकनीक के उपयोग से न केवल कार्य करने में आसानी होगी, बल्कि क्वालिटी सर्टिफिकेशन की तैयारी भी सरल हो जाएगी। इससे कम समय में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकेंगे।” प्रशिक्षण में शामिल सीएचओ के उत्साह और एआई की उपयोगिता को देखते हुए अधिकारियों ने इसके दूसरे चरण (पार्ट-2) के आयोजन की भी घोषणा कर दी है। यह संकेत है कि आने वाले समय में कबीरधाम जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्रों में एआई आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।
प्रदेश में इस तकनीक को विस्तार देंगे
जैमिनी ग्रुप का लक्ष्य “प्रोजेक्ट प्रविधि” के तहत पूरे प्रदेश में इस तकनीक को विस्तार देना है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक स्मार्ट, तेज और प्रभावी बनाया जा सके। कबीरधाम की यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकती है, जहां तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं का संगम गांव-गांव तक नई उम्मीद की किरण लेकर पहुंचेगा।