Korba: दो साल बाद हत्या का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, शराब में जहर मिलाकर दोस्त की ली थी जान, जानें पूरा मामला
दो साल पुराने हत्या मामले का मुख्य आरोपी वैभव भारती गिरफ्तार हो गया है। आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर पुरानी रंजिश के चलते युवक को जहरीली शराब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया था। सह-आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को भी दबोच लिया।
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उरगा थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए चर्चित हत्या प्रकरण का मुख्य आरोपी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। करीब दो वर्षों से फरार चल रहे वैभव भारती को कोरबा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इससे एक दिन पहले पुलिस ने मामले के सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को भी गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही इस बहुचर्चित हत्याकांड के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक विकास अग्रवाल और मुख्य आरोपी वैभव भारती के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोपी को संदेह था कि विकास उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
जांच के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले विकास को जमकर शराब पिलाई। जब वह नशे की हालत में था, तब बाजार से चूहे मारने की जहरीली दवा लाकर शराब में मिला दी और वही शराब उसे पिला दी। जहरीला पदार्थ शरीर में पहुंचते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच के दौरान पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट में शराब में जहरीले पदार्थ की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। घटना के बाद से दोनों आरोपी लगातार फरार थे, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम भी घोषित किया था।
उरगा थाना पुलिस ने पिछले दो वर्षों में तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी। पहले 31 जुलाई को सह-आरोपी जितेंद्र मसीह को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी वैभव भारती के ठिकाने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वैभव ने हत्या की पूरी साजिश और वारदात को स्वीकार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से दो साल पुराने इस मामले का खुलासा कर पुलिस ने न्यायिक कार्रवाई को आगे बढ़ाया है।
हत्या के ईनामी आरोपी गिरफ्तार
