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SECL कुसमुंडा खदान में फिर हादसा: 150 फीट गहरी खाई में पलटा डंपर, कर्मचारी की मौत; हड़ताल पर उतरे कर्मचारी
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 08:56 AM IST
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सार
कोरबा की एसईसीएल कुसमुंडा खदान में डंपर 150 फीट गहरी खाई में गिरने से विभागीय कर्मचारी सत्यनारायण की मौत हो गई। लगातार हादसों से नाराज कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी है।
150 फीट गहरी खाई में पलटा डंपर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा जिले की एसईसीएल कुसमुंडा खदान में लगातार हो रहे हादसों से कर्मचारियों में भारी रोष है। बीते रात एक ट्रेलर हादसे में ड्राइवर की मौत के बाद, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक और दुर्घटना हुई। इसमें डंपर पलटने से एक विभागीय कर्मचारी सत्यनारायण की जान चली गई।
इस घटना के बाद आक्रोशित खदानकर्मियों ने रविवार सुबह काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय सत्यनारायण रात करीब एक बजे खोदरी फेस में 60 टन डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। तभी डंपर अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में सत्यनारायण गंभीर रूप से घायल हुए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। सत्यनारायण के चार छोटे बच्चे हैं और वह परिवार के अकेले कमाने वाले थे। कर्मचारियों का आरोप है कि खदान प्रबंधन और प्रबंधक कैलाशचंद बल लगातार काम का दबाव बनाते हैं। वे कर्मचारियों की सुरक्षा और समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं।
कर्मचारियों की मांगें
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कई मांगें रखी हैं। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले प्रबंधक कैलाशचंद बल को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही, मृतक सत्यनारायण के परिवार के एक सदस्य को सात दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने को कहा है। कर्मचारियों ने उचित मुआवजा प्रदान करने की भी मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।
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पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही कुसमुदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। लगातार हो रहे इन हादसों से खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इस घटना के बाद आक्रोशित खदानकर्मियों ने रविवार सुबह काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय सत्यनारायण रात करीब एक बजे खोदरी फेस में 60 टन डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। तभी डंपर अनियंत्रित होकर करीब 150 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में सत्यनारायण गंभीर रूप से घायल हुए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। सत्यनारायण के चार छोटे बच्चे हैं और वह परिवार के अकेले कमाने वाले थे। कर्मचारियों का आरोप है कि खदान प्रबंधन और प्रबंधक कैलाशचंद बल लगातार काम का दबाव बनाते हैं। वे कर्मचारियों की सुरक्षा और समस्याओं पर ध्यान नहीं देते हैं।
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कर्मचारियों की मांगें
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने कई मांगें रखी हैं। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले प्रबंधक कैलाशचंद बल को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही, मृतक सत्यनारायण के परिवार के एक सदस्य को सात दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने को कहा है। कर्मचारियों ने उचित मुआवजा प्रदान करने की भी मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।
पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही कुसमुदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। लगातार हो रहे इन हादसों से खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
