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Raipur News: ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मिल रहा अवसर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 03 Feb 2026 02:11 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत मंच मिल रहा है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत मंच मिल रहा है। मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों ने शैक्षणिक गुणवत्ता और परिणामों के मामले में नई मिसाल कायम की है।
राज्य में इस योजना के अंतर्गत रायपुर में बालकों और बिलासपुर में बालिकाओं के लिए प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां स्कूली शिक्षा के साथ-साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनटीएसई, क्लैट, सीए, सीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जा रही है। वर्ष 2025-26 के लिए इन दोनों विद्यालयों में कुल 750 सीटें स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से अब तक 350 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है।
रायपुर स्थित नवीन प्रयास बालक आवासीय विद्यालय में गणित और जीवविज्ञान समूह की 375 सीटों में 350 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। वहीं बिलासपुर के नवीन प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय में भी गणित और जीवविज्ञान समूह के लिए 375 सीटें स्वीकृत हैं।
पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-25 में इन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा। प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय, बिलासपुर में कक्षा 10वीं के सभी 104 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 103 विद्यार्थियों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। इसी तरह प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, रायपुर में कक्षा 10वीं के 86 विद्यार्थियों में से सभी ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कुल मिलाकर दोनों विद्यालयों के 190 विद्यार्थियों में से 189 ने 60 प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ सफलता दर्ज की, जिससे परिणाम 99 प्रतिशत से भी अधिक रहा।
विद्यार्थियों को इन विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। पढ़ाई और कोचिंग की व्यवस्था चयनित कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से की जाती है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक नियमित अध्ययन के साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल, सीए, सीएस और क्लैट की कोचिंग दी जाती है। इसके अलावा छात्रों को एनटीएसई और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शामिल होने का अवसर मिलता है।
विद्यालय परिसरों में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध है। प्रतियोगी परीक्षाओं की संदर्भ पुस्तकें और परीक्षा शुल्क भी शासन द्वारा वहन किया जाता है। खेल और मनोरंजन की सुविधाएं भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदान की जा रही हैं।
इसके अलावा चयनित विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप प्रदाय योजना भी लागू है। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित छात्रों को लैपटॉप या आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं प्लस टू में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 40 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत आईआईटी, आईआईएम, एम्स, एनएलयू और शासकीय मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों में चयनित विद्यार्थियों को एकमुश्त 50 हजार रुपये की सहायता भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के माध्यम से ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सके।
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राज्य में इस योजना के अंतर्गत रायपुर में बालकों और बिलासपुर में बालिकाओं के लिए प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां स्कूली शिक्षा के साथ-साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल, एनटीएसई, क्लैट, सीए, सीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जा रही है। वर्ष 2025-26 के लिए इन दोनों विद्यालयों में कुल 750 सीटें स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से अब तक 350 विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है।
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रायपुर स्थित नवीन प्रयास बालक आवासीय विद्यालय में गणित और जीवविज्ञान समूह की 375 सीटों में 350 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। वहीं बिलासपुर के नवीन प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय में भी गणित और जीवविज्ञान समूह के लिए 375 सीटें स्वीकृत हैं।
पिछले शैक्षणिक सत्र 2024-25 में इन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम बेहद उत्साहजनक रहा। प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय, बिलासपुर में कक्षा 10वीं के सभी 104 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 103 विद्यार्थियों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। इसी तरह प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, रायपुर में कक्षा 10वीं के 86 विद्यार्थियों में से सभी ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कुल मिलाकर दोनों विद्यालयों के 190 विद्यार्थियों में से 189 ने 60 प्रतिशत से अधिक अंकों के साथ सफलता दर्ज की, जिससे परिणाम 99 प्रतिशत से भी अधिक रहा।
विद्यार्थियों को इन विद्यालयों में पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। पढ़ाई और कोचिंग की व्यवस्था चयनित कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से की जाती है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक नियमित अध्ययन के साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल, सीए, सीएस और क्लैट की कोचिंग दी जाती है। इसके अलावा छात्रों को एनटीएसई और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शामिल होने का अवसर मिलता है।
विद्यालय परिसरों में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध है। प्रतियोगी परीक्षाओं की संदर्भ पुस्तकें और परीक्षा शुल्क भी शासन द्वारा वहन किया जाता है। खेल और मनोरंजन की सुविधाएं भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदान की जा रही हैं।
इसके अलावा चयनित विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप प्रदाय योजना भी लागू है। प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित छात्रों को लैपटॉप या आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं प्लस टू में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रति वर्ष 40 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत आईआईटी, आईआईएम, एम्स, एनएलयू और शासकीय मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेजों में चयनित विद्यार्थियों को एकमुश्त 50 हजार रुपये की सहायता भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के माध्यम से ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सके।
