सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Panchayat secretaries strike continues in Kabirdham

CG: मोदी की गारंटी अब तक नहीं हुई पूरी, ग्राम पंचायत के सचिवों की 18वें दिन भी हड़ताल जारी; काम बंद

अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम, कोरबा Published by: श्याम जी. Updated Thu, 03 Apr 2025 05:03 PM IST
विज्ञापन
सार

कबीरधाम जिले में पंचायत सचिवों का हड़ताल जारी है। पंचायत सचिवों का कहना है कि पिछले 30 वर्ष से सरकार द्वारा गठित समिति को देखते हुए आ रहे हैं। इस बार पंचायत सचिव सरकार के समिति गठन के झांसे में नहीं आने वाले हैं।

Panchayat secretaries strike continues in Kabirdham
हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

कबीरधाम जिले के ग्राम पंचायतों में काम करने वाले पंचायत सचिवों का हड़ताल जारी है। गुरुवार को हड़ताल का 18वां दिन है। ये कवर्धा शहर के धरना स्थल राजीव गांधी पार्क पर धरने में बैठे हैं। इनकी प्रमुख मांग मोदी की गारंटी को पूरा किया जाना है। 

Trending Videos


पंचायत सचिव डमरु नाथ योगी, सीमा भास्कर, शेख सफुरूद्दीन, राजेंद्र परिहार ने बताया कि बीते विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी में पंचायत सचिवों को शासकीयकरण करने का वादा किया गया था। इसे भाजपा ने अपने जनघोषणा पत्र में शामिल किया था। सरकार बनने के 100 दिन के अंदर पंचायत सचिवों को शासकीयकरण किए जाने का आश्वस्त किया गया, लेकिन आज सरकार बने 400 से अधिक दिन हो रहे हैं। इसके बाद भी राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का ठोस पहल नहीं किया गया है। सिर्फ समिति बनाकर सचिवों को गुमराह किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले 30 वर्ष से सरकार द्वारा गठित समिति को देखते हुए आ रहे हैं। इस बार पंचायत सचिव सरकार के समिति गठन के झांसे में नहीं आने वाले हैं। सिर्फ शासकीयकरण को लेकर ही अनवरत आंदोलन पर बैठे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर ग्राम पंचायत के सचिवों के हड़ताल में चले जाने से पंचायतों में कामकाज ठप्प है। ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। पीएम आवास, मनरेगा, पेंशन वितरण समेत पंचायतों के मूलभूत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बता दें कि प्रदेश पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर 17 मार्च से विधानसभा घेराव रैली से शुरूआत करते हुए आज तीन अप्रैल तक यह हड़ताल जारी है।

प्रदेश भर में हड़ताल पर पंचायत सचिव
नियमितिकरण की मांग को लेकर पंचायत सचिव कोरबा सहित प्रदेश में हड़ताल पर हैं। पंचायत सचिवों के हड़ताल पर जाने के कारण सरकारी कामकाज पर इसका असर नजर आ रहा है। कोरबा जिले के पौड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सरपंचों ने इस मामले को लेकर जिला मुख्यालय में प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि पंचायत का संपूर्ण प्रभार हमें दिया जाए।

सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने में दिक्कत हो रही
कोरबा जिले के सबसे बड़े विकासखंड पौड़ी उपरोड़ा के सरपंच चाहते हैं कि किसी भी कारण से ग्राम पंचायत का कामकाज बाधित न होने पाए। सचिवों के हड़ताल पर होने से लोगों के सामान्य काम नहीं हो पा रहे हैं और सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने में दिक्कत हो रही है। वजह यह है कि प्रक्रियाओं की जानकारी सचिवों को है। उनकी कमी से संबंधित कार्यों को किया जाना मुश्किल ही नहीं बल्कि असंभव हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर सरपंचों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रशासन को आवेदन दिया। उन्होंने मांग दोहराई है कि पंचायत सचिवों को उनका काम करने दिया जाए और हमें अगली जिम्मेदारी दी जाए।

अधिकारी इसमें कुछ नहीं कर सकते
एक सरपंच ने बताया कि प्रशासन के द्वारा उन्हें स्पष्ट किया गया है कि यह मामला शासन स्तर का है और जिले के अधिकारी इसमें कुछ नहीं कर सकते। सरपंच संघ के पदाधिकारी रामदास ने बताया कि पानी बिजली और सड़क को लेकर काफी समस्या बनी हुई है, जहां ग्रामीण अपनी समस्याओं को उनके सामने रख रहे हैं, लेकिन सचिन के हड़ताल में चले जाने से ग्राम प्रभावित हो रहा है। वहीं, विभिन्न मांगों को लेकर आ जाओ कलेक्टर के पास आए हुए हैं।

17 तारीख से सचिव हड़ताल पर चले गए
सरपंच सहतर सिंह ने आरोप लगाया है कि अगर सचिवों को हड़ताल में जानना था तो उन्हें प्रभार देकर जाना चाहिए था, ऐसे में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पोड़ी उपरोड़ा इलाके के सरपंच प्रताप सिंह मरावी ने बताया कि तीन तारीख को शपथ ग्रहण किया गया। वहीं, 17 तारीख से सचिव हड़ताल पर चले गए। इससे पहले कार्यकाल में जहां सचिव नहीं थे वहां रोजगार सहायक को काम दिया गया था इस तरह अभी वर्तमान में सचिन के हड़ताल में चले जाने से प्रभाव सरपंचों को दिया जाना चाहिए। पोड़ी उपरोड़ा के 114 सरपंचों की मांग है कि उन्हें सचिव का कार्यभार दिया जाना चाहिए।

जब तक पंचायत सचिव चाहेंगे वे हड़ताल करेंगे
लोग अपनी समस्याओं को लेकर उनके पास आ रहे हैं, लेकिन सचिन के हड़ताल में चले जाने से लोगों की जो मूलभूत समस्या है। वह उन्हें नहीं मिल पा रही है। वहीं, उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा है। सरपंच संघ को ऐसा लगता है कि इस मामले में बीच का रास्ता प्रशासन निकल सकता है, लेकिन तकनीकी दांवपेंच क्या है, सरपंच इस बारे में बेखबर है। कहने का मतलब यह कि जब तक पंचायत सचिव चाहेंगे वे हड़ताल करेंगे। इससे पहले सरकार ने कहा था कि अगर पंचायत सचिव कम पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed