{"_id":"695bd62797e54951a70d6cbb","slug":"accused-garlanded-with-shoes-and-slippers-and-paraded-in-raigarh-anti-mining-violence-case-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG: महिला पुलिसकर्मी के कपड़े फाड़कर की थी बदसलूकी, आरोपी को चप्पलों की माला पहनाकर कराई परेड, देखें वीडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG: महिला पुलिसकर्मी के कपड़े फाड़कर की थी बदसलूकी, आरोपी को चप्पलों की माला पहनाकर कराई परेड, देखें वीडियो
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: राहुल तिवारी
Updated Mon, 05 Jan 2026 08:50 PM IST
विज्ञापन
सार
रायगढ़ जिले में एंटी माइनिंग प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी से मारपीट और कपड़े फाड़ने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी चित्रसेन साहू को गिरफ्तार किया। आरोपी को जूतों चप्पलों की माला पहनाकर सार्वजनिक परेड कराई गई। अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
आरोपी को जूतों-चप्पलों की माला पहनाकर परेड कराई गई
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एंटी-माइनिंग विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी पर भीड़ द्वारा हमला करने और उसके कपड़े फाड़ने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चित्रसेन साहू को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को सार्वजनिक रूप से परेड कराई गई और उसके बाद कोर्ट में पेश किया गया। इस घटना के संबंध में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Trending Videos
यह घटना तब सामने आई जब विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने महिला पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया। वायरल हुए एक वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे भीड़ ने पुलिसकर्मी को घेर लिया और उसके साथ अभद्रता की। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था और पुलिस पर सख्त कार्रवाई का दबाव था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की और घटना में शामिल मुख्य आरोपी चित्रसेन साहू को चिन्हित किया। साहू को गिरफ्तार करने के बाद, कानून व्यवस्था के तहत उसकी सार्वजनिक परेड कराई गई। यह कदम अपराधियों में भय पैदा करने और जनता को सुरक्षा का आश्वासन देने के उद्देश्य से उठाया गया। परेड के बाद, साहू को आगे की कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपी चित्रसेन साहू के गले में जूतों-चप्पलों की माला पहनाकर उसे परेड कराई गई। यह प्रतीकात्मक कार्य जनता के गुस्से और आक्रोश को दर्शाता है, जिसने इस तरह के कृत्य को समाज के लिए अत्यंत निंदनीय माना है। इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना और उन्हें उनके कृत्य की गंभीरता का एहसास कराना होता है।