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Raigarh News: रायगढ़ में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 2.17 करोड़ रुपये का लेनदेन; पांच आरोपी गिरफ्तार

अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़ Published by: रायगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 16 Mar 2026 06:39 PM IST
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सार

रायगढ़ में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने महिला के संस्थान के नाम से खोले बैंक खाते से 2.17 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजेक्शन किया।

Cyber Police arrested 5 accused of interstate cyber fraud gang following complaint filed by woman Raigarh
पांच आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

रायगढ़ जिले में साइबर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला की शिकायत के बाद इस गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 2.17 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया था। आरोपियों ने एक एनजीओ कार्यकर्ता महिला को सीएसआर कोष दिलाने के नाम पर उसके बैंक खाते का इस्तेमाल कर यह धोखाधड़ी की।

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इंदिरा नगर निवासी आयशा परवीन ने 12 मार्च को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में उन्हें अभय यादव और विजय चंद्रा से मिलवाया गया था। विजय चंद्रा ने सीएसआर कोष के तहत सामाजिक कार्यों के लिए अनुदान दिलाने का झांसा दिया। 
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इसके बाद महिला ने अपने संस्थान के नाम से एक्सिस बैंक में एक खाता खुलवाया। आरोपियों ने महिला को गुवाहाटी बुलाया, जहां उसके मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। इस फाइल के जरिए वे महिला के खाते को नियंत्रित करते थे और कई संदिग्ध लेनदेन कराते रहे। 

रायगढ़ लौटने के बाद 14 जनवरी को बैंक से फोन आया, जिससे महिला को अपने खाते में हो रही साइबर धोखाधड़ी का पता चला। जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर 2025 से ही खाते में संदिग्ध लेनदेन शुरू हो गए थे। महिला की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अभय यादव पहले एक स्थानीय बैंक में काम कर चुका था। उसकी पहचान विजय चंद्रा से थी, जो अजय साहू और मितेश सोनी के माध्यम से साइबर फ्रॉड गिरोह से जुड़ा था। यह गिरोह टेलीग्राम ग्रुप के जरिए सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में साइबर फ्रॉड गैंग को कॉर्पोरेट बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इन खातों का उपयोग ठगी के पैसों के लेनदेन के लिए किया जाता था, जिसके बदले आरोपियों को फ्रॉड से प्राप्त रकम का पांच से 15 फीसदी कमीशन मिलता था।

आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में 25 से 30 बैंक खाते अलग-अलग राज्यों में उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया गया है। प्रारंभिक जांच में पीड़ित महिला के खाते के संबंध में देशभर से 44 अलग-अलग साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। इन शिकायतों में करोड़ों रुपये के विवादित लेनदेन शामिल हैं, जो इस अंतरराज्यीय गिरोह के बड़े पैमाने पर सक्रिय होने का संकेत देते हैं।

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