{"_id":"69b8ed148b1254ef5d049cd5","slug":"1-25-crore-rupees-fraud-in-digital-arrest-mastermind-arrested-from-haryana-in-cyber-shield-operation-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raipur: 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर 1.25 करोड़ की ठगी, साइबर शील्ड ऑपरेशन में हरियाणा से मास्टरमाइंड गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raipur: 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर 1.25 करोड़ की ठगी, साइबर शील्ड ऑपरेशन में हरियाणा से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:31 AM IST
विज्ञापन
सार
रायपुर में साइबर ठगी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जहां “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर 1.25 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत अंजाम दिया गया।
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
रायपुर में साइबर ठगी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है, जहां “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर 1.25 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने हरियाणा से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत अंजाम दिया गया।
पीड़ित सपन कुमार को अज्ञात नंबर से कॉल कर खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया गया। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा केस दर्ज होने का डर दिखाकर उसे 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा, जिसे “डिजिटल अरेस्ट” बताया गया।
डर और दबाव में आकर पीड़ित से करीब 1.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। मामले की जांच में पुलिस ने रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर होते हुए ट्रैक किया और तत्काल होल्ड करवा दिया। अब तक 58 लाख रुपये पीड़ित को वापस कराए जा चुके हैं, जबकि बाकी रकम भी खातों में होल्ड है।
तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर मुख्य आरोपी सोमनाथ महतो को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। आरोपी लगातार ठिकाना बदल रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि ठगी की रकम कई लेयर के बैंक खातों के जरिए घुमाई गई, जिससे यह एक संगठित साइबर गिरोह का मामला माना जा रहा है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
Trending Videos
पीड़ित सपन कुमार को अज्ञात नंबर से कॉल कर खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया गया। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा केस दर्ज होने का डर दिखाकर उसे 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा, जिसे “डिजिटल अरेस्ट” बताया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डर और दबाव में आकर पीड़ित से करीब 1.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। मामले की जांच में पुलिस ने रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर होते हुए ट्रैक किया और तत्काल होल्ड करवा दिया। अब तक 58 लाख रुपये पीड़ित को वापस कराए जा चुके हैं, जबकि बाकी रकम भी खातों में होल्ड है।
तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर मुख्य आरोपी सोमनाथ महतो को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया। आरोपी लगातार ठिकाना बदल रहा था, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि ठगी की रकम कई लेयर के बैंक खातों के जरिए घुमाई गई, जिससे यह एक संगठित साइबर गिरोह का मामला माना जा रहा है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।