CG: रायपुर में 15.5 किलो गांजा तस्करी के दोषी दो युवकों को 10-10 साल की जेल, एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगा
रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 15.5 किलो गांजा तस्करी के मामले में मध्य प्रदेश के दो युवकों को दोषी ठहराया। दोनों को 10-10 साल के सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
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विशेष एनडीपीएस न्यायालय रायपुर ने 15.5 किलोग्राम गांजे की तस्करी के मामले में मध्य प्रदेश के दो युवकों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
बस स्टैंड के पास पकड़े गए थे आरोपी
मामले के अनुसार, रायपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश से आए दो युवक शहर में गांजे की बड़ी खेप खपाने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर दोनों युवकों को रोका और पूछताछ की। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद बैग से 15.5 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी गांजा स्थानीय तस्करों तक पहुंचाने के लिए रायपुर आए थे। पुलिस ने गांजा जब्त कर दोनों को गिरफ्तार किया और एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
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एफएसएल रिपोर्ट से हुई गांजे की पुष्टि
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए। जब्त किए गए पदार्थ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से कराई गई जांच की रिपोर्ट भी पेश की गई, जिसमें पदार्थ के गांजा होने की पुष्टि हुई।
बचाव पक्ष ने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए उन्हें झूठा फंसाए जाने की दलील दी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। अदालत ने पुलिस की जब्ती कार्रवाई और गवाहों के बयानों को विश्वसनीय माना और दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध पाया।
अदालत ने फैसले में कहा कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार समाज और खासकर युवाओं के भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। ऐसे मामलों में आरोपियों के प्रति सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती। इसके बाद अदालत ने दोनों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।