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Chhattisgarh: बरसात से पहले अलर्ट मोड में सरकार, जलभराव रोकने और बाढ़ प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 24 Apr 2026 12:53 PM IST
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सार
छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम से पहले नगरीय प्रशासन विभाग ने शहरों में जलभराव रोकने, बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी इंतजाम करने और नाला-नालियों की सफाई तेज करने के निर्देश जारी किए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम से पहले नगरीय प्रशासन विभाग ने शहरों में जलभराव रोकने, बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरी इंतजाम करने और नाला-नालियों की सफाई तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। सभी नगरीय निकायों को 31 मई तक बड़े नालों, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूरी करने कहा गया है।
हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बरसात से पहले तैयारियां दुरुस्त करने पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों में सफाई और तैयारियों का भौतिक निरीक्षण करेगी। काम संतोषजनक नहीं मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी।
अतिक्रमण हटाने और निकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर
विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि पानी निकासी में बाधा बनने वाले अतिक्रमण हटाए जाएं। निर्माणाधीन नालों में पड़ी सामग्री हटाने, कच्चे-पक्के अवरोध खत्म करने और अंतिम छोर तक गहरी सफाई सुनिश्चित करने कहा गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष होंगे सक्रिय
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी निकायों में कंट्रोल रूम स्थापित करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने और 24 घंटे निगरानी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ संभावित और निचली बस्तियों का चिन्हांकन कर सुरक्षित स्थानों की पहचान करने को भी कहा गया है।
संक्रामक बीमारियों से बचाव पर भी फोकस
बरसात के दौरान जलजनित और संक्रामक रोगों की आशंका को देखते हुए स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सतर्कता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है। विभाग ने बरसात और तेज हवाओं को देखते हुए पेड़ों पर लगे साइन बोर्ड, विज्ञापन बोर्ड, ढीले बिजली तार और हाईटेंशन लाइनों के आसपास खतरे वाली सामग्रियां हटाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
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हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बरसात से पहले तैयारियां दुरुस्त करने पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों में सफाई और तैयारियों का भौतिक निरीक्षण करेगी। काम संतोषजनक नहीं मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी होगी।
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अतिक्रमण हटाने और निकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर
विभाग ने नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि पानी निकासी में बाधा बनने वाले अतिक्रमण हटाए जाएं। निर्माणाधीन नालों में पड़ी सामग्री हटाने, कच्चे-पक्के अवरोध खत्म करने और अंतिम छोर तक गहरी सफाई सुनिश्चित करने कहा गया है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष होंगे सक्रिय
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी निकायों में कंट्रोल रूम स्थापित करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने और 24 घंटे निगरानी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ संभावित और निचली बस्तियों का चिन्हांकन कर सुरक्षित स्थानों की पहचान करने को भी कहा गया है।
संक्रामक बीमारियों से बचाव पर भी फोकस
बरसात के दौरान जलजनित और संक्रामक रोगों की आशंका को देखते हुए स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य सतर्कता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है। विभाग ने बरसात और तेज हवाओं को देखते हुए पेड़ों पर लगे साइन बोर्ड, विज्ञापन बोर्ड, ढीले बिजली तार और हाईटेंशन लाइनों के आसपास खतरे वाली सामग्रियां हटाने के निर्देश भी जारी किए हैं।

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