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राज और नीति: सरकार के संकल्प से जनता का समाधान
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सार
राज और नीति: मध्य प्रदेश में जनकल्याण योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए संकल्प से समाधान अभियान शुरू हुआ है। एसआईआर को लेकर सीएम यादव की सख्त रणनीति लागू है। निगम मंडल नियुक्तियां अंतिम दौर में हैं। बड़वानी में प्रशासन द्वारा प्रचारित उद्यमी का सीबीआई ने बड़ा बैंक फ्रॉड उजागर किया। पढे़ं राज और नीति का ये कॉलम।
राज और नीति
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में जन सामान्य को कल्याणकारी योजनाओं का सुगमता से लाभ दिलाने के लिए संकल्प से समाधान अभियान प्रारंभ किया गया है। सूत्रों के अनुसार इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जल कांड के बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन की पहल पर इसे मूर्त रूप दिया गया। इस अभियान में 106 प्रकार की ऐसी सुविधाओं को शामिल किया गया है जो नागरिकों को प्रतिदिन प्राप्त होती हैं। इसके तहत हर नागरिक को यह मौका मिलेगा कि वह इन सुविधाओं का लाभ ले।
इस कार्य में प्रदेश के हर गली मोहल्ले और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ा गया है। करीब ढाई महीने चलने वाले इस अभियान में एक-एक नागरिक की समस्या से सरकार रूबरू होगी। इस योजना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी संभागों के कमिश्नर को भोपाल में बुलाकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस अभियान के सफल क्रियान्वयन की जवाबदारी सौंपी है। हर कमिश्नर को कहा गया है कि वह इस योजना को जमीनी स्तर पर उतारें। योजना में भ्रष्टाचार या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने कमिश्नरों को दिए हैं। उच्च स्तर पर स्वयं मुख्य सचिव इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री की विशेष रणनीति
मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी के पद पर रहे पूर्व आईएएस अधिकारी महेश चौधरी का उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लगातार किया जा रहा है। 65 वर्ष की उम्र होने पर दो माह पूर्व चौधरी का सीएम के ओएसडी का कार्यकाल समाप्त होने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग में प्रशासकीय सदस्य नियुक्त किया है। वे अपने इस कार्य के साथ-साथ प्रतिदिन मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री से जुड़े ऐसे कई काम देख रहे हैं जो सत्ता और संगठन में समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं।
इसमें एक महत्वपूर्ण कार्य है भारत निर्वाचन आयोग के चल रहे 'एसआईआर' का काम। अपने प्रशासकीय अनुभव के आधार पर इस काम में वे प्रदेश के भाजपा संगठन के पदाधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों के सतत संपर्क में रहकर उन्हें आवश्यक जानकारी दे रहे हैं। दरअसल मुख्यमंत्री भी प्रतिदिन रात में वीसी के माध्यम से अपने पार्टी के लोगों से एक-एक विधानसभा क्षेत्र में 'एसआईआर' को लेकर चर्चा करते हैं। जो क्षेत्र इस मामले में पिछड़े हुए हैं उन्हें सक्रिय किया जाता है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी जब भोपाल में होते हैं तो मुख्यमंत्री निवास में आकर शामिल होते हैं, नहीं तो वे ऑनलाइन जुड़ते हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले के जुड़े सभी कार्यों का समन्वय सीएम ने महेश चौधरी को सौंप रखा है।
आज कल में हो सकती है निगम मंडल अध्यक्षों की घोषणा
मध्य प्रदेश में बहु प्रतीक्षित निगम मंडलों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की नियुक्तियों को अब लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है। पता चला है कि मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की सहमति के बाद इस सूची पर भाजपा हाईकमान की मोहर भी लग गई है। एक दो नाम के कारण यह लिस्ट रुकी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि अंतिम रूप से चर्चा के बाद आजकल में घोषणा हो सकती है।
जो नाम संभावित लिस्ट में चर्चा में है, उनमें प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा और लाल सिंह आर्य के नाम भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदोरिया, कमल पटेल, रामनिवास रावत, इमरती देवी,अर्चना चिटनीस, अजय बिश्नोई जैसे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रदीप लारिया, शैलेंद्र कुमार जैन, ध्रुव नारायण सिंह, चेतन सिंह आदि के नाम भी सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
'सफल उद्यमी' की सीबीआई ने खोली पोल
यह अजीबोगरीब मामला है। जिला प्रशासन ने जिस युवक को एक सफल उद्यमी के रूप में प्रचारित किया, उसी के उद्योग से जुड़े लोन को लेकर सीबीआई बैंक फ्रॉड की पोल खोल रही है। तो इसे आप क्या कहेंगे! मध्य प्रदेश में बड़वानी के जिला प्रशासन ने जनसंपर्क विभाग की सफलता की कहानी के माध्यम से कुछ दिनों पहले जिस उद्योगपति की तारीफ के पुल बांधे, केंद्र सरकार की जांच एजेंसी सीबीआई ने उसी के उद्योग का बैंक फ्रॉड उजागर कर दिया। यह मामला है मध्य प्रदेश में बड़वानी जिले में सेंधवा के पास स्थित निमाड़ एग्रो पार्क का है, जहां सीबीआई ने इस उद्योग की पोल खोलते हुए करोड़ों रुपए के बैंक फ्रॉड का खुलासा किया है। इस मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीबीआई, राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस अब आगे क्या कार्रवाई करती है।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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इस कार्य में प्रदेश के हर गली मोहल्ले और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ा गया है। करीब ढाई महीने चलने वाले इस अभियान में एक-एक नागरिक की समस्या से सरकार रूबरू होगी। इस योजना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी संभागों के कमिश्नर को भोपाल में बुलाकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस अभियान के सफल क्रियान्वयन की जवाबदारी सौंपी है। हर कमिश्नर को कहा गया है कि वह इस योजना को जमीनी स्तर पर उतारें। योजना में भ्रष्टाचार या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने कमिश्नरों को दिए हैं। उच्च स्तर पर स्वयं मुख्य सचिव इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
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एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री की विशेष रणनीति
मुख्यमंत्री कार्यालय में ओएसडी के पद पर रहे पूर्व आईएएस अधिकारी महेश चौधरी का उपयोग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लगातार किया जा रहा है। 65 वर्ष की उम्र होने पर दो माह पूर्व चौधरी का सीएम के ओएसडी का कार्यकाल समाप्त होने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग में प्रशासकीय सदस्य नियुक्त किया है। वे अपने इस कार्य के साथ-साथ प्रतिदिन मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री से जुड़े ऐसे कई काम देख रहे हैं जो सत्ता और संगठन में समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं।
इसमें एक महत्वपूर्ण कार्य है भारत निर्वाचन आयोग के चल रहे 'एसआईआर' का काम। अपने प्रशासकीय अनुभव के आधार पर इस काम में वे प्रदेश के भाजपा संगठन के पदाधिकारियों, मंत्रियों और विधायकों के सतत संपर्क में रहकर उन्हें आवश्यक जानकारी दे रहे हैं। दरअसल मुख्यमंत्री भी प्रतिदिन रात में वीसी के माध्यम से अपने पार्टी के लोगों से एक-एक विधानसभा क्षेत्र में 'एसआईआर' को लेकर चर्चा करते हैं। जो क्षेत्र इस मामले में पिछड़े हुए हैं उन्हें सक्रिय किया जाता है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी जब भोपाल में होते हैं तो मुख्यमंत्री निवास में आकर शामिल होते हैं, नहीं तो वे ऑनलाइन जुड़ते हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले के जुड़े सभी कार्यों का समन्वय सीएम ने महेश चौधरी को सौंप रखा है।
आज कल में हो सकती है निगम मंडल अध्यक्षों की घोषणा
मध्य प्रदेश में बहु प्रतीक्षित निगम मंडलों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की नियुक्तियों को अब लगभग अंतिम रूप दिया जा चुका है। पता चला है कि मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की सहमति के बाद इस सूची पर भाजपा हाईकमान की मोहर भी लग गई है। एक दो नाम के कारण यह लिस्ट रुकी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि अंतिम रूप से चर्चा के बाद आजकल में घोषणा हो सकती है।
जो नाम संभावित लिस्ट में चर्चा में है, उनमें प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा और लाल सिंह आर्य के नाम भी बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदोरिया, कमल पटेल, रामनिवास रावत, इमरती देवी,अर्चना चिटनीस, अजय बिश्नोई जैसे नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा प्रदीप लारिया, शैलेंद्र कुमार जैन, ध्रुव नारायण सिंह, चेतन सिंह आदि के नाम भी सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
'सफल उद्यमी' की सीबीआई ने खोली पोल
यह अजीबोगरीब मामला है। जिला प्रशासन ने जिस युवक को एक सफल उद्यमी के रूप में प्रचारित किया, उसी के उद्योग से जुड़े लोन को लेकर सीबीआई बैंक फ्रॉड की पोल खोल रही है। तो इसे आप क्या कहेंगे! मध्य प्रदेश में बड़वानी के जिला प्रशासन ने जनसंपर्क विभाग की सफलता की कहानी के माध्यम से कुछ दिनों पहले जिस उद्योगपति की तारीफ के पुल बांधे, केंद्र सरकार की जांच एजेंसी सीबीआई ने उसी के उद्योग का बैंक फ्रॉड उजागर कर दिया। यह मामला है मध्य प्रदेश में बड़वानी जिले में सेंधवा के पास स्थित निमाड़ एग्रो पार्क का है, जहां सीबीआई ने इस उद्योग की पोल खोलते हुए करोड़ों रुपए के बैंक फ्रॉड का खुलासा किया है। इस मामले में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीबीआई, राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पुलिस अब आगे क्या कार्रवाई करती है।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।