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जब एआई की मदद से खड़ी कर दी कंपनी

ब्रायन ग्रीन, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitin Gautam Updated Sat, 11 Apr 2026 07:36 AM IST
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सार

एआई पर बहस का नतीजा कुछ भी हो, पर मैथ्यू ने सिर्फ एआई की मदद से कंपनी बनाकर इसकी असली ताकत साबित कर दी।

power of artificial intelligence company build with ai help at home
एआई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मैथ्यू गैलाघर ने सिर्फ दो महीने में, लगभग 20,000 डॉलर और एक दर्जन से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स के सहारे एक नई डिजिटल कंपनी खड़ी कर दी। 41 वर्षीय गैलाघर ने एआई की ताकत का पूरा इस्तेमाल किया और जिन कामों को वह खुद नहीं कर सकते थे, उन्हें समझदारी से आउटसोर्स कर दिया। गैलाघर की टेलीहेल्थ कंपनी, ‘मेड्वी’ वजन कम करने वाली दवाओं (जीएलपी-1) से जुड़ी है। कंपनी ने अपने पहले व्यावसायिक वर्ष 2025 में 40.1 करोड़ डॉलर की शानदार बिक्री की। दिलचस्प बात यह है कि अपने इस तेजी से बढ़ते कारोबार में गैलाघर ने केवल एक ही कर्मचारी को अपने साथ जोड़ा और वह हैं उनके छोटे भाई इलियट।
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हाल ही में, एक मुलाकात के दौरान, गैलाघर, जिनके बिखरे हुए घुंघराले बाल, ढीली-ढाली टी-शर्ट और हाथों पर बने टैटू उनकी अलग पहचान बना रहे थे, ने बताया कि वह मेड्वी का पूरा काम घर से ही संभालते हैं। उनका दिन पूरी तरह काम में बीतता है, सिवाय उन पलों के, जब वह सो रहे होते हैं, नहा रहे होते हैं या अपने बच्चों के साथ समय बिता रहे होते हैं। उन्होंने अपनी आवाज का एआई क्लोन भी तैयार किया है, जो उनकी जगह फोन कॉल करता है और अपॉइंटमेंट्स तय करता है, ताकि वह काम पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकें।
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इससे पहले 2016 में उन्होंने ‘वॉच गैंग’ नाम का एक स्टार्टअप शुरू किया था, जो हाथ की बनी घड़ियां बेचने से जुड़ा था। गैलाघर ने इसे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए और 60 लोगों की टीम भी बनाई। पर यह मुनाफा नहीं कमा पाया। फिर, साल 2022 में उन्हें एआई के साथ प्रयोग करने की प्रेरणा मिली। दो साल बाद उनकी मुलाकात मेडिकल स्टार्टअप ‘केयरवैलिडेट’ के सह-संस्थापक जितेन छाबरा से हुई। इस मुलाकात के बाद मैथ्यू ने एक पुराने और साधारण बिजनेस आइडिया (जीएलपी-1 दवाओं के लिए बिचौलिए की भूमिका) से नई शुरुआत की।

गैलाघर ने मेड्वी की वेबसाइट बनाने के लिए उन्नत एआई टूल्स का उपयोग किया। साथ ही, उन्होंने एआई एजेंट्स और ऑटोमेटेड बॉट्स जैसे कस्टम टूल्स विकसित किए, जिससे सिस्टम आपस में आसानी से जुड़ सकें। ग्राहकों से संवाद के लिए विभिन्न एआई वॉइस टूल्स आजमाए। वह कहते हैं कि मेड्वी कोई एआई कंपनी नहीं है, पर इसे बनाने की पूरी ताकत एआई से ही आई है। सितंबर 2024 में मेड्वी ने आधिकारिक तौर पर अपना कारोबार शुरू किया।

हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं थीं। मेड्वी का कस्टमर सर्विस चैटबॉट कभी-कभी दवाओं की कीमतें खुद ही बना देता था और मैथ्यू उन कीमतों को मान भी लेते थे। कई बार चैटबॉट भ्रमित होकर यह तक कह देता था कि मेड्वी बालों के झड़ने की दवाएं बेचती है, जबकि ऐसा नहीं था। इसके अलावा, अगर कोई ग्राहक किसी असली इन्सान से बात करना चाहता, तो चैटबॉट उसे सीधे गैलाघर के निजी मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर कर देता। नतीजतन, 1,000 से ज्यादा कॉल्स सीधे उनके पास आने लगीं। हालांकि, इस असहज स्थिति को भी गैलाघर ने बखूबी संभाला। उन्होंने कॉल्स को मैनेज करने का तरीका ईजाद किया और एक पेशेवर लॉ फर्म तथा एआई आधारित अकाउंटिंग टूल्स की जगह एक अकाउंटिंग फर्म की सेवाएं लीं। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मीडिया एजेंसियों की मदद ली।

एक बार गैलाघर ने मेड्वी की वेबसाइट में एक छोटा-सा बदलाव किया और फिर एक लंबी यात्रा पर निकल गए। रास्ते में उन्हें फोन आया कि पिछले एक घंटे से कोई ऑर्डर ही नहीं आया है। वह तुरंत समझ गए कि वेबसाइट के अपडेट में कोई गड़बड़ी हुई है। उसे ठीक करने के लिए कंपनी में कोई और था नहीं , सो वह फौरन घर पहुंचे। यह एक बड़ी तकनीकी चूक थी। इसके बाद, उन्होंने अपने भाई इलियट को नौकरी पर रखा। इलियट का मुख्य काम ग्राहकों की बातचीत को सुनना, उसे व्यवस्थित करना और जरूरी जानकारी छांटना है।

2025 के अंत तक कंपनी के 2.5 लाख ग्राहक बन चुके थे। इतनी बड़ी सफलता के बाद भी गैलाघर की अपनी टीम को बढ़ाने की कोई खास योजना नहीं है। हालांकि, वह यह समझते हैं कि इन्सानी जुड़ाव का महत्व पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता। इसी सोच के तहत, अपने कुछ खास ग्राहकों से बेहतर रिश्ते बनाने के लिए उन्होंने सात ‘ह्यूमन अकाउंट मैनेजर’ नियुक्त किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ग्राहकों को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए ‘ह्यूमन अकाउंट मैनेजर’ भी एआई का ही सहारा ले रहे हैं।

फ्लिकी एआई
फ्लिकी एक एआई-संचालित वीडियो निर्माण टूल है, जो साधारण टेक्स्ट-जैसे ब्लॉग पोस्ट, स्क्रिप्ट या छोटे कैप्शन, आदि को एक आकर्षक और पेशेवर वीडियो में बदल देता है। इसमें आपको किसी जटिल वीडियो एडिटिंग सॉफ्टवेयर या टाइमलाइन की आवश्यकता नहीं होती। बस आपको अपना टेक्स्ट पेस्ट करना होता है और यह अपने आप विजुअल्स से लेकर वॉइसओवर तक सब कुछ तैयार कर देता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी भी तरह की एडिटिंग स्किल की जरूरत नहीं होती। यह टूल खासतौर पर कंटेंट क्रिएटर्स, मार्केटर्स, एजुकेटर्स के लिए बेहद उपयोगी है।
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