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सिर्फ आर्थिक विकास ही काफी नहीं, भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच मजबूत सैन्य शक्ति बनना जरूरी

Jayantilal Bhandari जयंतीलाल भंडारी
Updated Wed, 01 Apr 2026 07:27 AM IST
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सार
भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत के लिए तेजी से आर्थिक विकास करते हुए एक मजबूत सैन्य शक्ति बनना भी जरूरी हो गया है। 
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Economic development alone not enough India necessary to become strong military power geopolitical challenges
भारत का मजबूत सैन्य शक्ति बनना भी जरूरी - फोटो : ANI

विस्तार

यकीनन पश्चिम एशिया सहित पूरी दुनिया में बढ़ते हुए युद्ध के दौर और भारत की सीमाओं पर भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत को तेजी से आर्थिक विकास करते हुए उन्नत परमाणु हथियारों के साथ एक मजबूत सैन्य शक्ति बनना जरूरी हो गया है। हाल ही में, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत तेजी से विकास कर रहा है और 2030 तक जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। संसदीय रक्षा समिति की रिपोर्ट में पड़ोसी देशों के साथ बढ़ते तनाव और भू-राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने तथा सुरक्षा संसाधनों को आधुनिक बनाने की जरूरत बताई गई है।


भारत के सैन्य शक्ति विकास की नई जरूरत अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड द्वारा प्रस्तुत एनुअल थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट 2026 में भी रेखांकित हो रही है। इसमें बताया गया है कि इस समय पाकिस्तान के द्वारा किया जा रहा परमाणु और पारंपरिक हथियारों का विस्तार भारत सहित दक्षिण एशिया और अमेरिका के लिए भी खतरा बन गया है।


गौरतलब है कि पाकिस्तान द्वारा आतंक व घुसपैठ को प्रश्रय और चीन की ओर से सीमा संबंधी चुनौती भारत के भू-राजनीतिक परिदृश्य को बेहद संवेदनशील बनाए हुए है। 2025 में जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, तब पाकिस्तान का साथ देने के लिए चीन, तुर्किये और अजरबैजान सामने आए थे। अब बांग्लादेश से लगी सीमा भी असुरक्षित हो गई है। पाकिस्तान द्वारा चीन की मदद से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल जैसे हथियार विकसित किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में, भारत को तेज आर्थिक विकास के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को युद्ध के लिए भी तैयार करना होगा। साथ ही, मजबूत सेना और उन्नत परमाणु शक्ति बनने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना होगा। भारत ने आतंकवाद के प्रति कठोर नीति अपनाई है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने स्वदेशी हथियारों से दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। साथ ही, एआई के उपयोग से पाकिस्तान के लक्षित आतंकी ठिकानों को बर्बाद करके मिसाल पेश की है। जहां ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ा, वहीं इन दिनों दुनिया को आर्थिक रूप से हिलाने वाले ईरान और इस्राइल-अमेरिका युद्ध के बीच भी भारत अपनी अर्थव्यवस्था को गिरावट से बचाए हुए है। भारत का मजबूत घरेलू बाजार, भारी पूंजीगत व्यय, रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन और विदेशी मुद्रा भंडार की शक्ति भारत का सहारा बनी हुई है।  

पश्चिम एशिया में हो रहे युद्ध से गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध भी चार वर्षों से जारी है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ संघर्ष तेज कर दिया है। अफ्रीका सहित दुनिया के कई हिस्सों में युद्धों का सिलसिला जारी है। चीन-ताइवान, उत्तरी कोरिया और जापान-दक्षिण कोरिया की तनातनी बढ़ती जा रही है। ऐसे में, दुनिया भर के देश अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत कर रहे हैं। अब युद्ध केवल सीमाओं पर ही नहीं लड़े जाते, बल्कि मिसाइलों व ड्रोन के इस्तेमाल से हवा, समुद्र तथा साइबर स्पेस में भी लड़े जाते हैं। इसलिए, भारत को सैन्य साजो-सामान के आधुनिकीकरण के साथ एआई, साइबर तकनीक और आधुनिक मिसाइलों के साथ उन्नत परमाणु शक्ति बनने की डगर पर आगे बढ़ना होगा।

उल्लेखनीय है कि स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, देशों द्वारा अब परमाणु हथियारों में वृद्धि और उन्हें उन्नत बनाने की प्रवृत्ति दिख रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के नौ देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं। स्टेटस ऑफ वर्ल्ड न्यूक्लियर फोर्सेज रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में सैन्य शक्ति के मामले में अमेरिका शीर्ष पर है। परमाणु हथियारों के मद्देनजर रूस पहले, अमेरिका दूसरे, जबकि भारत छठे स्थान पर है। चीन के पास करीब 600, भारत के पास 180 और पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं। ऐसे में, भारत को एक उन्नत परमाणु शक्ति बनने के लिए थोरियम व उन्नत रिएक्टर, फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास में तेजी लानी होगी। साथ ही, ऐसी मजबूत अर्थव्यवस्था भी बनानी होगी, जो जरूरत पड़ने पर जल्दी से उद्योग और तकनीक का उपयोग करके युद्ध के लिए जरूरी सामान बना सके। इसके मद्देनजर भारत सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) लाभप्रद हो सकती है। इसके तहत देश भर में 100 स्थानों पर बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्कों को प्लग एंड प्ले सुविधा से लैस किया जाएगा। देश में साइबर और सूचना युद्ध क्षमताओं को तेजी से विस्तारित करना होगा।

उम्मीद करें कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, मजबूत सैन्य शक्ति और उन्नत परमाणु शक्ति बनने की दिशा में अपेक्षानुसार तेज गति से आगे बढ़ेगा। साथ ही, इस काम में देश के वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्यमी और आम लोग मिलकर एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।
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