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Amar Ujala Samwad: मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा अमर उजाला संवाद में करेंगे शिरकत, क्रिकेट पर रखेंगे राय
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 24 Jun 2026 07:37 AM IST
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सार
अमर उजाला संवाद के मंच पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा नजर आएंगे। बुधवार को देहरादून में अमर उजाला संवाद का आयोजन हो रहा है। आइए जानते हैं आकाश चोपड़ा के बारे में...
अमर उजाला संवाद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमर उजाला 24 जून को देहरादून में 'अमर उजाला संवाद उत्तराखंड 2026' का आयोजन कर रहा है। सतत विकास की थीम पर आयोजित हो रहे इस संवाद में विभिन्न क्षेत्रों की ऐसी हस्तियां शामिल होंगी, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में न सिर्फ पहचान बनाई है, बल्कि लाखों लोगों को प्रभावित भी किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और मशहूर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और क्रिकेट को लेकर कई किस्से सुनाएंगे।
हिंदी कमेंट्री का जाना-पहचाना नाम
आकाश हिंदी कमेंट्री में जाना-पहचाना नाम हैं। 19 सितंबर 1977 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मे आकाश चोपड़ा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में की। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10 हजार से अधिक रन बनाकर खुद को देश के सबसे सफल घरेलू बल्लेबाजों में शामिल किया।
आकाश हिंदी कमेंट्री में जाना-पहचाना नाम हैं। 19 सितंबर 1977 को उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्मे आकाश चोपड़ा ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में की। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10 हजार से अधिक रन बनाकर खुद को देश के सबसे सफल घरेलू बल्लेबाजों में शामिल किया।
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आकाश चोपड़ा का करियर
आकाश चोपड़ा को भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका वर्ष 2003 में मिला। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और 2003 से 2004 के बीच भारत के लिए 10 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 437 रन बनाए। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं चला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद आकाश चोपड़ा ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही हिंदी क्रिकेट कमेंट्री का एक बड़ा चेहरा बन गए। उनकी शैली में तुकबंदी, रोचक वाक्य और आसान भाषा का मिश्रण देखने को मिलता है, जिसने उन्हें लाखों दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया। वह वर्तमान समय में भी क्रिकेट विश्लेषक और कमेंटेटर के रूप में सक्रिय हैं।
आकाश चोपड़ा को भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका वर्ष 2003 में मिला। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और 2003 से 2004 के बीच भारत के लिए 10 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 437 रन बनाए। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लंबा नहीं चला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली रहा। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद आकाश चोपड़ा ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही हिंदी क्रिकेट कमेंट्री का एक बड़ा चेहरा बन गए। उनकी शैली में तुकबंदी, रोचक वाक्य और आसान भाषा का मिश्रण देखने को मिलता है, जिसने उन्हें लाखों दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाया। वह वर्तमान समय में भी क्रिकेट विश्लेषक और कमेंटेटर के रूप में सक्रिय हैं।
कमेंट्री के अलावा आकाश चोपड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बेहद प्रभावशाली हैं। उनका यूट्यूब चैनल क्रिकेट विश्लेषण, मैच समीक्षा और खिलाड़ियों पर बेबाक राय के लिए जाना जाता है। सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए उन्होंने खुद को नई पीढ़ी के क्रिकेट प्रशंसकों से जोड़े रखा है। लेखन के क्षेत्र में भी आकाश चोपड़ा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने क्रिकेट पर कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें घरेलू क्रिकेट के अनुभवों और भारतीय क्रिकेट की अंदरूनी कहानियों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। उनकी पुस्तकों को क्रिकेट प्रेमियों और समीक्षकों दोनों ने सराहा है।