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Amar Ujala Samwad: बल्लेबाजी के साथ ही फील्डिंग में मोहम्मद कैफ का दिखता था जोर, अब संवाद के मंच पर आएंगे नजर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 24 Jun 2026 07:37 AM IST
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सार
भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ बुधवार को अमर उजाला संवाद में शिरकत करेंगे। अमर उजाला 24 जून को देहरादून में 'अमर उजाला संवाद उत्तराखंड 2026' का आयोजन कर रहा है जिसमें कैफ भी अपनी बात रखेंगे।
अमर उजाला संवाद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज मोहम्मद कैफ अमर उजाला संवाद में शिरकत करेंगे। अमर उजाला 24 जून को देहरादून में 'अमर उजाला संवाद उत्तराखंड 2026' का आयोजन कर रहा है। सतत विकास की थीम पर आयोजित हो रहे इस संवाद में विभिन्न क्षेत्रों की ऐसी हस्तियां शामिल होंगी, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में न सिर्फ पहचान बनाई है, बल्कि लाखों लोगों को प्रभावित भी किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे। वहीं, खेल के क्षेत्र से पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ भी अपनी बात रखेंगे।
अंडर-19 विश्व कप से भारतीय टीम में मिली जगह
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब बेहतरीन फील्डरों और दबाव में मैच जिताने वाले बल्लेबाजों की बात होती है, तो मोहम्मद कैफ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक दिसंबर 1980 को जन्मे मोहम्मद कैफ ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा और आधुनिक फील्डिंग संस्कृति से परिचित कराया। क्रिकेट उनके परिवार की विरासत का हिस्सा रहा, क्योंकि उनके पिता मोहम्मद तारिफ भी घरेलू क्रिकेट खेल चुके थे। मोहम्मद कैफ ने सबसे पहले वर्ष 2000 में सुर्खियां बटोरीं, जब उनकी कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता। इसी सफलता के दम पर उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। कैफ को शुरुआत से ही एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज और शानदार फील्डर के रूप में पहचान मिली।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब बेहतरीन फील्डरों और दबाव में मैच जिताने वाले बल्लेबाजों की बात होती है, तो मोहम्मद कैफ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक दिसंबर 1980 को जन्मे मोहम्मद कैफ ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा और आधुनिक फील्डिंग संस्कृति से परिचित कराया। क्रिकेट उनके परिवार की विरासत का हिस्सा रहा, क्योंकि उनके पिता मोहम्मद तारिफ भी घरेलू क्रिकेट खेल चुके थे। मोहम्मद कैफ ने सबसे पहले वर्ष 2000 में सुर्खियां बटोरीं, जब उनकी कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता। इसी सफलता के दम पर उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। कैफ को शुरुआत से ही एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज और शानदार फील्डर के रूप में पहचान मिली।
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नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में खेली यादगार पारी
कैफ के करियर का सबसे यादगार क्षण वर्ष 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में आया। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए इस मुकाबले में भारत मुश्किल स्थिति में था, लेकिन कैफ ने नाबाद 87 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह पारी आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है और इसी मैच ने कैफ को देशभर में लोकप्रिय बना दिया।
कैफ के करियर का सबसे यादगार क्षण वर्ष 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में आया। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए इस मुकाबले में भारत मुश्किल स्थिति में था, लेकिन कैफ ने नाबाद 87 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह पारी आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है और इसी मैच ने कैफ को देशभर में लोकप्रिय बना दिया।
कैफ का अंतरराष्ट्रीय करियर
अंतरराष्ट्रीय करियर में मोहम्मद कैफ ने 13 टेस्ट और 125 वनडे मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 624 रन हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में उन्होंने 2753 रन बनाए। इस प्रारूप में कैफ ने दो शतक और 17 अर्धशतक लगाए। बल्लेबाजी के अलावा उनकी फुर्तीली फील्डिंग भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकतों में से एक रही। उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में गिना जाता है।
साल 2003 विश्व कप में भी कैफ भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे, जहां भारत फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश और अन्य टीमों के लिए लंबे समय तक योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बावजूद वह घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़े रहे। अंततः जुलाई 2018 में उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। संन्यास के बाद मोहम्मद कैफ क्रिकेट विश्लेषक और कमेंटेटर के रूप में सक्रिय हैं। वह समय-समय पर भारतीय क्रिकेट, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम की रणनीतियों पर अपनी राय रखते हैं, जिससे क्रिकेट जगत में उनकी मौजूदगी लगातार बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय करियर में मोहम्मद कैफ ने 13 टेस्ट और 125 वनडे मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 624 रन हैं, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में उन्होंने 2753 रन बनाए। इस प्रारूप में कैफ ने दो शतक और 17 अर्धशतक लगाए। बल्लेबाजी के अलावा उनकी फुर्तीली फील्डिंग भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकतों में से एक रही। उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में गिना जाता है।
साल 2003 विश्व कप में भी कैफ भारतीय टीम का अहम हिस्सा रहे, जहां भारत फाइनल तक पहुंचा। इसके बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश और अन्य टीमों के लिए लंबे समय तक योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बावजूद वह घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से जुड़े रहे। अंततः जुलाई 2018 में उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। संन्यास के बाद मोहम्मद कैफ क्रिकेट विश्लेषक और कमेंटेटर के रूप में सक्रिय हैं। वह समय-समय पर भारतीय क्रिकेट, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम की रणनीतियों पर अपनी राय रखते हैं, जिससे क्रिकेट जगत में उनकी मौजूदगी लगातार बनी हुई है।