ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम का खराब प्रदर्शन जारी है। लगातार दोनों मैच गंवाकर टीम इंडिया एकदिवसीय श्रृंखला में 2-0 से पिछड़ चुकी है। सिडनी में खेले गए दोनों वनडे में भारतीय टीम की कई कमजोरियां उजागर हुई जिसके लिए उनकी जमकर आलोचना भी हो रही है। आइए जानते हैं टीम इंडिया की हार के पांच प्रमुख कारण।
AUSvIND: इन पांच कारणों के चलते टीम इंडिया ने गंवाई सीरीज, हर दांव जा रहा खाली
खराब फील्डिंग:
पिछले मैच की तरह इस बार भी टीम इंडिया की फील्डिंग बेहद निम्न स्तर की रही। रवींद्र जडेजा, शिखर धवन और मोहम्मद शमी ने आसान कैच छोड़े। जडेजा जैसे विश्व स्तरीय फील्डर ने 43.1 ओवर में लाबुशेन का आसान कैच छोड़ा फिर उस बल्लेबाज ने 61 गेंद में 70 रन पीट दिए। हालांकि श्रेयस अय्यर ने एक जबरदस्त थ्रो से डेविड वार्नर को रनआउट किया, वरना स्कोर 400 भी पार हो सकता था।
गेंदबाज फेल:
गेंदबाजों का फेल होना जारी है। भारतीय गेंदबाज पावरप्ले में विकेट लेने में फेल हो रहे हैं तो रन भी जमकर लुटा रहे हैं। पहले वनडे में 374 रन लुटाने के बाद आज 389 रन दे डाले। टीम के स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी पावरप्ले में विकेट नहीं निकाल पा रहे। भारतीय गेंदबाज पिछले पांच से अधिक मुकाबलों में पावरप्ले में विकेट निकालने में फेल रहे हैं। यही वजह है कि अब एक कैलेंडर वर्ष में पहले विकेट के लिए सबसे खराब औसत के साथ गेंदबाजी करने वाली टीमों में भारत केन्या, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे जैसे देशों से भी ऊपर पहुंच गया है। युजवेंद्र चहल फिर से महंगे साबित हुए और विकेट के लिए तरसते दिखे, इनके अलावा नवदीप सैनी सिर्फ रन लुटाने वाले गेंदबाज बनकर रह गए हैं। आज तो वे अपने कोटे के 10 ओवर भी नहीं फेंक पाए और सात ओवर में ही 70 रन लुटा दिए।
ओपनिंग जोड़ी असफल:
पिछले दोनों ही मैच में भारत 350+ का लक्ष्य साध रहा था, लेकिन रोहित शर्मा की गैरमौजदूगी में जिस विस्फोटक शुरुआत की उम्मीद थी, उसकी कमी देखी गई। यह सलामी जोड़ी कमजोर नजर आ रही है। शिखर धवन और मयंक अग्रवाल अच्छी शुरुआत के बाद साझेदारी को बड़ी करने में फेल हो रहे हैं। जिस तरह ऑस्ट्रेलियाई ओपनर शतक तक पहुंच रहे हैं उसके उलट धवन और मयंक में से कोई भी अपनी पारी वहां तक नहीं पहुंचा पा रहा। अच्छी नींव में जिस तरह नंबर तीन पर आने वाले स्टीव स्मिथ लगातार दो शतक ठोक चुके हैं वैसा प्रदर्शन विराट नहीं कर पा रहे। उनपर दबाव साफ देखा जा सकता है।
छठे गेंदबाज की कमी:
हार्दिक पांड्या पूरी तरह फिट नहीं हैं, बावजूद इसके उन्होंने दूसरे वन-डे में गेंदबाजी की। यह भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी एक साल पहले हुई पीठ की सर्जरी के बाद अबतक मैच में गेंद नहीं थाम पाया था। भले ही हार्दिक ने अपनी टीम के दबाव में आने पर गेंदबाजी की जिसमें एक अच्छा ओवर भी डाला, लेकिन यह टीम की सेहत के लिए कतई अच्छा नहीं। ऑस्ट्रेलिया भारत की इस कमजोरी को समझ चुका है और छठे गेंदबाज को टारगेट कर अपनी योजना बनाता है। ऑस्ट्रेलिया के लिए जो काम ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस और आज मोजेज हेनरिक्स करते दिखे, जडेजा को छोड़कर टीम में कोई वैसा खिलाड़ी नहीं।