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T20 World Cup: 'इससे ज्यादा हम क्या करते', आईसीसी का फैसला बांग्लादेश को स्वीकार; बीसीबी ने दी प्रतिक्रिया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 25 Jan 2026 08:40 AM IST
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सार
टी20 विश्व कप से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश की प्रतिक्रिया आई है। बांग्लादेश ने आईसीसी के इस फैसले को स्वीकार करते हुए एक बार फिर अपना तर्क रखा है।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड
- फोटो : BCB
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विस्तार
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने आईसीसी के फैसले को स्वीकार किया और कहा कि इससे ज्यादा बोर्ड कुछ भी नहीं कर सकता था। आईसीसी ने शनिवार को बांग्लादेश की जगह टी20 विश्व कप में स्कॉटलैंड की टीम को शामिल किया था। सात फरवरी से होने वाले इस टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका को करनी है। बांग्लादेश ग्रुप सी में शामिल था, लेकिन उसने सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में खेलने से मना कर दिया था।
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'बीसीबी ने सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया'
बांग्लादेश अपनी जिद पर अड़ा हुआ था जिस कारण आईसीसी को कड़ा रुख अपनाते हुए टीम को विश्व कप से बाहर करना पड़ा था। अब बांग्लादेश की ओर से इस पर प्रतिक्रिया दी गई है। बीसीबी मीडिया समिति के अध्यक्ष अमजद हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश बोर्ड ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया, लेकिन पता था कि आईसीसी ना तो हमारे देश की मांग स्वीकार करेगा ना ही वो ऐसा करना चाहेगा। लेकिन हम इससे ज्यादा कर सकते थे।
बांग्लादेश अपनी जिद पर अड़ा हुआ था जिस कारण आईसीसी को कड़ा रुख अपनाते हुए टीम को विश्व कप से बाहर करना पड़ा था। अब बांग्लादेश की ओर से इस पर प्रतिक्रिया दी गई है। बीसीबी मीडिया समिति के अध्यक्ष अमजद हुसैन ने कहा कि बांग्लादेश बोर्ड ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया, लेकिन पता था कि आईसीसी ना तो हमारे देश की मांग स्वीकार करेगा ना ही वो ऐसा करना चाहेगा। लेकिन हम इससे ज्यादा कर सकते थे।
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हुसैन ने कहा, हमने अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ कोशिश की। हम आईसीसी बोर्ड के फैसले का सम्मान करते हैं और बोर्ड ने बहुमत से फैसला लिया है कि हमारे मैच स्थानांतरित नहीं होंगे। इसके बाद भी हमने अपनी तरफ से कोशिश की और उनसे अपील की। चूंकि वे ऐसा नहीं करेंगे या नहीं करना चाहते, इसलिए हम और कुछ नहीं कर सकते। हमने आईसीसी बोर्ड के फैसले को स्वीकार कर लिया है, क्योंकि आईसीसी ने कहा है कि हमारा मैच श्रीलंका में स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने संकेत दिया कि बीसीबी किसी अलग मध्यस्थता या किसी अन्य प्रक्रिया का सहारा नहीं ले सकती है। हुसैन ने कहा, इस स्थिति में हम भारत जाकर नहीं खेल सकते और हमारा रुख वही रहेगा। हम यहां किसी अलग मध्यस्थता या किसी अन्य प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। हमने सरकार से बात की है। सरकार ने कहा है कि विश्व कप में खेलने के लिए भारत जाना हमारे लिए, हमारे खिलाड़ियों, पत्रकारों या टीम के साथ जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होगा। ऐसे में हमने अनुरोध किया कि हमारा मैच श्रीलंका में स्थानांतरित कर दिया जाए। हालांकि, कई दौर की बैठकों के बाद भी आईसीसी इस पर सहमत नहीं हुआ। चूंकि आईसीसी ने कोई जवाब नहीं दिया है, इसलिए हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते क्योंकि यह सरकार का फैसला है।
उन्होंने संकेत दिया कि बीसीबी किसी अलग मध्यस्थता या किसी अन्य प्रक्रिया का सहारा नहीं ले सकती है। हुसैन ने कहा, इस स्थिति में हम भारत जाकर नहीं खेल सकते और हमारा रुख वही रहेगा। हम यहां किसी अलग मध्यस्थता या किसी अन्य प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। हमने सरकार से बात की है। सरकार ने कहा है कि विश्व कप में खेलने के लिए भारत जाना हमारे लिए, हमारे खिलाड़ियों, पत्रकारों या टीम के साथ जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं होगा। ऐसे में हमने अनुरोध किया कि हमारा मैच श्रीलंका में स्थानांतरित कर दिया जाए। हालांकि, कई दौर की बैठकों के बाद भी आईसीसी इस पर सहमत नहीं हुआ। चूंकि आईसीसी ने कोई जवाब नहीं दिया है, इसलिए हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते क्योंकि यह सरकार का फैसला है।
किस तरह विश्व कप से बाहर हुआ बांग्लादेश?
- बीसीबी ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में नहीं खेलने की मांग की और आईसीसी से उसके मुकाबले श्रीलंका में कराने कहा
- बीसीबी की मांग के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने आग में घी डालने का काम किया।
- आईसीसी ने सबसे पहले बीसीबी से बात की। बीसीबी ने चूंकि सुरक्षा का हवाला दिया था तो आईसीसी ने इसकी समीक्षा की।
- आईसीसी को भारत में सुरक्षा में कहीं कमी नजर नहीं आई। आईसीसी ने बीसीबी को इससे अवगत कराया, लेकिन बांग्लादेश अपनी जिद पर ही अड़ा रहा और उसने लगातार भारत में नहीं खेलने की बात दोहराई।
- बीसीबी ने आईसीसी के सामने यह भी विकल्प रखा कि बांग्लादेश को ग्रुप सी से हटाकर ग्रुप बी में शामिल किया जाए और आयरलैंड को ग्रुप सी में भेजा जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रुप बी के मैच श्रीलंका में होने हैं।
- आईसीसी का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ढाका में बीसीबी अधिकारियों से मिला और मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बांग्लादेश अपने हठ पर कायम रहा।
- 21 जनवरी को आईसीसी बोर्ड की बैठक हुई जिसमें बांग्लादेश की मांग बहुमत के आधार पर खारिज कर दी गई।
- आईसीसी ने बांग्लादेश को अल्टीमेटम दे दिया था कि या तो वह तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में खेले या उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम में शामिल किया जाएगा।
- आईसीसी के अल्टीमेटम के बाद बीसीबी और खिलाड़ियों की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद बीसीबी ने फिर पुराना राग अलापते हुए कहा कि उसकी टीम भारत नहीं जाएगी।
- 24 जनवरी को आईसीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि विश्व कप में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है।