{"_id":"69b803b69fc7132c2e0c919b","slug":"gujarat-high-court-disqualified-kiran-more-three-others-from-contesting-baroda-cricket-association-elections-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"BCA polls: गुजरात हाईकोर्ट से किरण मोरे को लगा झटका, जानें क्यों नहीं लड़ सकेंगे बड़ौदा क्रिकेट संघ का चुनाव?","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
BCA polls: गुजरात हाईकोर्ट से किरण मोरे को लगा झटका, जानें क्यों नहीं लड़ सकेंगे बड़ौदा क्रिकेट संघ का चुनाव?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Mon, 16 Mar 2026 06:51 PM IST
विज्ञापन
सार
गुजरात हाई कोर्ट ने पूर्व भारतीय क्रिकेट किरण मोरे और तीन अन्य को बड़ा झटका दिया है। उच्च न्यायालय ने इस सभी को बडौदा क्रिकेट संघ के चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है।
जॉन राइट के साथ किरण मोरे
- फोटो : IANS
विज्ञापन
विस्तार
गुजरात उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारत के पूर्व क्रिकेटर किरण मोरे और तीन अन्य को बड़ौदा क्रिकेट संघ (बीसीए) के चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया। अदालत ने निर्वाचन अधिकारी के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें विभिन्न पदों के लिए उनके नामांकन पत्रों को स्वीकार किया गया था। न्यायमूर्ति निरल आर मेहता ने उस याचिका को स्वीकार कर लिया जिसमें उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का हवाला दिया गया था जिसमें क्रिकेट संस्था में उम्मीदवारों के नौ साल का कुल कार्यकाल पूरा करने और अनिवार्य ब्रेक (कूलिंग ऑफ अवधि) का जिक्र था।
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने चुनाव अधिकारी के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें उन्होंने पदाधिकारियों के पद के लिए मोरे, अमूल जिकर, अनंत इंदुलकर और अमर पेटीवाले के नामांकन पत्र स्वीकार किए थे और 22 फरवरी को जारी उम्मीदवारों की अंतिम सूची में उनके नाम प्रकाशित किए थे। याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि प्रतिवादी बीसीए के पदाधिकारियों के पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।
अदालत ने कहा कि नतीजतन निर्वाचन अधिकारी द्वारा पदाधिकारियों के पद के लिए प्रतिवादियों के नामांकन पत्र स्वीकार करने और 22 फरवरी को जारी उम्मीदवारों की अंतिम सूची में उनके नाम प्रकाशित करने का फैसला रद्द किया जाता है। अदालत ने निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं और कानून तथा आदेश में की गई टिप्पणियों के अनुसार परिणाम घोषित करें। अदालत ने प्रतिवादियों के अंतरिम व्यवस्था के अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया और उन्हें अदालत के आदेश को लेकर अपील करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
Trending Videos
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने चुनाव अधिकारी के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें उन्होंने पदाधिकारियों के पद के लिए मोरे, अमूल जिकर, अनंत इंदुलकर और अमर पेटीवाले के नामांकन पत्र स्वीकार किए थे और 22 फरवरी को जारी उम्मीदवारों की अंतिम सूची में उनके नाम प्रकाशित किए थे। याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि प्रतिवादी बीसीए के पदाधिकारियों के पद के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि नतीजतन निर्वाचन अधिकारी द्वारा पदाधिकारियों के पद के लिए प्रतिवादियों के नामांकन पत्र स्वीकार करने और 22 फरवरी को जारी उम्मीदवारों की अंतिम सूची में उनके नाम प्रकाशित करने का फैसला रद्द किया जाता है। अदालत ने निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं और कानून तथा आदेश में की गई टिप्पणियों के अनुसार परिणाम घोषित करें। अदालत ने प्रतिवादियों के अंतरिम व्यवस्था के अनुरोध को भी स्वीकार कर लिया और उन्हें अदालत के आदेश को लेकर अपील करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।