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Cricket: द्विपक्षीय सीरीज से टेस्ट तक, क्या क्रिकेट को अब बड़े बदलाव की जरूरत है? आईसीसी सीईओ ने कही यह बात
Wed, 12 Aug 2026 03:57 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Wed, 12 Aug 2026 03:57 PM IST
सार
आईसीसी सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा कि बेतरतीब द्विपक्षीय सीरीज का दौर खत्म कर क्रिकेट को अधिक संदर्भ और प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने वनडे को विश्व कप से जोड़कर मजबूत करने और टेस्ट क्रिकेट के लिए बेहतर शेड्यूलिंग, मार्केटिंग व नए दर्शकों के अनुरूप प्रस्तुति पर जोर दिया।
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संजोग गुप्ता
- फोटो : ANI
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अचानक से द्विपक्षीय सीरीज आयोजित करने का दौर अब खत्म होना चाहिए। टेस्ट और वनडे क्रिकेट को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इन प्रारूपों को नए सिरे से तैयार करने और बेहतर संदर्भ देने की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के सीईओ संजोग गुप्ता ने पीटीआई के साथ बातचीत में यह बात कही। गुप्ता ने कहा कि क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए कॉन्टेक्स्ट, कल्चर, कॉम्पिटिशन और कॉम्पिटिटिवनेस यानी संदर्भ, संस्कृति, प्रतिस्पर्धा और मुकाबले की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। उनके मुताबिक, इन पहलुओं के बिना क्रिकेट को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखना मुश्किल होगा।
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विश्व कप से जुड़ा हो वनडे का भविष्य
टेस्ट और टी20 के बीच वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर लगातार बहस होती रही है। गुप्ता का मानना है कि वनडे प्रारूप न सिर्फ कायम रह सकता है, बल्कि बेहतर तरीके से आगे भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट की जगह पुरुष और महिला आईसीसी क्रिकेट विश्व कप से मजबूती से जुड़ी हुई है। अब जरूरत इस बात पर विचार करने की है कि वनडे प्रारूप किस पहचान के साथ आगे बढ़े और इसमें भागीदारी का दायरा किस तरह बढ़ाया जाए। पीटीआई के अनुसार, आईसीसी में विश्व कप से पहले वनडे क्रिकेट के लिए एक समर्पित विंडो बनाने को लेकर भी चर्चा हुई है।
टेस्ट और टी20 के बीच वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर लगातार बहस होती रही है। गुप्ता का मानना है कि वनडे प्रारूप न सिर्फ कायम रह सकता है, बल्कि बेहतर तरीके से आगे भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट की जगह पुरुष और महिला आईसीसी क्रिकेट विश्व कप से मजबूती से जुड़ी हुई है। अब जरूरत इस बात पर विचार करने की है कि वनडे प्रारूप किस पहचान के साथ आगे बढ़े और इसमें भागीदारी का दायरा किस तरह बढ़ाया जाए। पीटीआई के अनुसार, आईसीसी में विश्व कप से पहले वनडे क्रिकेट के लिए एक समर्पित विंडो बनाने को लेकर भी चर्चा हुई है।
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टेस्ट क्रिकेट के लिए बेहतर शेड्यूल जरूरी
गुप्ता ने टेस्ट क्रिकेट के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में टेस्ट मैचों की लोकप्रियता और प्रशंसक मूल्य काफी अधिक है, लेकिन अन्य देशों में टेस्ट क्रिकेट को अधिक अवसर और बेहतर आयोजन की जरूरत है। उनके मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट को बेहतर शेड्यूलिंग, पर्याप्त मार्केटिंग और प्रचार, प्रतिस्पर्धी टीमें तथा अनुकूल खेल परिस्थितियों के साथ पेश करना होगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ने टेस्ट क्रिकेट को अधिक संदर्भ देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुप्ता ने कहा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल अब एक महत्वपूर्ण क्रिकेट आयोजन बन चुका है, जबकि सात साल पहले इसका अस्तित्व ही नहीं था।
गुप्ता ने टेस्ट क्रिकेट के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में टेस्ट मैचों की लोकप्रियता और प्रशंसक मूल्य काफी अधिक है, लेकिन अन्य देशों में टेस्ट क्रिकेट को अधिक अवसर और बेहतर आयोजन की जरूरत है। उनके मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट को बेहतर शेड्यूलिंग, पर्याप्त मार्केटिंग और प्रचार, प्रतिस्पर्धी टीमें तथा अनुकूल खेल परिस्थितियों के साथ पेश करना होगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप ने टेस्ट क्रिकेट को अधिक संदर्भ देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गुप्ता ने कहा कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल अब एक महत्वपूर्ण क्रिकेट आयोजन बन चुका है, जबकि सात साल पहले इसका अस्तित्व ही नहीं था।
'अगर विकास नहीं कर रहे तो खत्म हो रहे हैं'
पूर्व में जियोस्टार में स्पोर्ट्स प्रमुख रह चुके गुप्ता ने कहा कि क्रिकेट को दूसरे खेलों के बड़े आयोजनों से सीखने की जरूरत है। उन्होंने टेनिस के विंबलडन और गोल्फ के द मास्टर्स का उदाहरण देते हुए कहा कि इन आयोजनों ने अपनी प्रतिष्ठा और विरासत को बनाए रखते हुए खुद को नए दौर के दर्शकों के लिए प्रासंगिक बनाया है। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य विकास होना चाहिए, यथास्थिति बनाए रखना नहीं। इस दुनिया में अगर आप विकास नहीं कर रहे हैं तो आप खत्म हो रहे हैं।'
पूर्व में जियोस्टार में स्पोर्ट्स प्रमुख रह चुके गुप्ता ने कहा कि क्रिकेट को दूसरे खेलों के बड़े आयोजनों से सीखने की जरूरत है। उन्होंने टेनिस के विंबलडन और गोल्फ के द मास्टर्स का उदाहरण देते हुए कहा कि इन आयोजनों ने अपनी प्रतिष्ठा और विरासत को बनाए रखते हुए खुद को नए दौर के दर्शकों के लिए प्रासंगिक बनाया है। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य विकास होना चाहिए, यथास्थिति बनाए रखना नहीं। इस दुनिया में अगर आप विकास नहीं कर रहे हैं तो आप खत्म हो रहे हैं।'
टेस्ट की विरासत को आर्थिक मजबूती से जोड़ना होगा
गुप्ता ने माना कि टेस्ट क्रिकेट में उच्च गुणवत्ता, प्रतिष्ठा, विरासत और इतिहास का अपना अलग महत्व है। लेकिन उनका कहना है कि इन खूबियों को नए दर्शकों के लिए प्रासंगिक और आकर्षक बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट की आर्थिक व्यवहार्यता पर चर्चा के दौरान अक्सर जुनून, गर्व और विरासत जैसे पहलू हावी हो जाते हैं। हालांकि, क्रिकेट के सभी प्रारूपों और आयोजनों की लोकप्रियता और अर्थशास्त्र को एक साथ देखकर रणनीति तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टी20 क्रिकेट आईसीसी के लिए वैश्विक विकास का प्रमुख माध्यम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वनडे और टेस्ट क्रिकेट के मूल्य और दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया जाएगा।
गुप्ता ने माना कि टेस्ट क्रिकेट में उच्च गुणवत्ता, प्रतिष्ठा, विरासत और इतिहास का अपना अलग महत्व है। लेकिन उनका कहना है कि इन खूबियों को नए दर्शकों के लिए प्रासंगिक और आकर्षक बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट की आर्थिक व्यवहार्यता पर चर्चा के दौरान अक्सर जुनून, गर्व और विरासत जैसे पहलू हावी हो जाते हैं। हालांकि, क्रिकेट के सभी प्रारूपों और आयोजनों की लोकप्रियता और अर्थशास्त्र को एक साथ देखकर रणनीति तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टी20 क्रिकेट आईसीसी के लिए वैश्विक विकास का प्रमुख माध्यम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वनडे और टेस्ट क्रिकेट के मूल्य और दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया जाएगा।
द्विपक्षीय सीरीज पर बोर्डों को बदलना होगा नजरिया
वर्तमान व्यवस्था में द्विपक्षीय क्रिकेट का फैसला संबंधित सदस्य बोर्ड आपस में करते हैं और आईसीसी इसमें सीधे हस्तक्षेप नहीं करता। आईसीसी मुख्य रूप से विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जैसी बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन और शेड्यूलिंग संभालता है। वहीं, द्विपक्षीय क्रिकेट के प्रायोजन और मीडिया अधिकार संबंधित बोर्डों के पास होते हैं। गुप्ता के अनुसार, ऐसे में भविष्य की द्विपक्षीय सीरीज को अधिक संदर्भ, प्रतिस्पर्धा और महत्व के साथ आयोजित करना जरूरी होगा।
वर्तमान व्यवस्था में द्विपक्षीय क्रिकेट का फैसला संबंधित सदस्य बोर्ड आपस में करते हैं और आईसीसी इसमें सीधे हस्तक्षेप नहीं करता। आईसीसी मुख्य रूप से विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जैसी बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन और शेड्यूलिंग संभालता है। वहीं, द्विपक्षीय क्रिकेट के प्रायोजन और मीडिया अधिकार संबंधित बोर्डों के पास होते हैं। गुप्ता के अनुसार, ऐसे में भविष्य की द्विपक्षीय सीरीज को अधिक संदर्भ, प्रतिस्पर्धा और महत्व के साथ आयोजित करना जरूरी होगा।