IND Inning
38/1 (3.3 ov)
Target: 258
Ishan Kishan 12(5)*
Sanju Samson 23 (11)
India need 220 runs in 16.3 remaining overs
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Explainer: तीन मैच के बाद ही वैभव क्यों हुए प्लेइंग-11 से बाहर? श्रेयस ने बताया कारण; दिग्गजों ने उठाए सवाल
Sat, 11 Jul 2026 08:38 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, साउथैंप्टन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, साउथैंप्टन
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 11 Jul 2026 08:38 PM IST
सार
इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टी20 में भारत ने युवा वैभव सूर्यवंशी को बाहर कर संजू सैमसन को वापस बुलाया। भारत सीरीज पहले ही हार चुका है, इसलिए भविष्य के जिम्बाब्वे दौरे का हिस्सा सूर्यवंशी को बाहर करने के फैसले से गावस्कर और शास्त्री जैसे दिग्गज हैरान हैं।
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : IANS
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विस्तार
इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और आखिरी टी20 मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने एक ऐसा हैरान करने वाला फैसला लिया है जिसने दिग्गजों को भी चौंका दिया। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ तीन मैच खिलाने के बाद प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। उनकी जगह अनुभवी खिलाड़ी संजू सैमसन की एकादश में वापसी हुई है, जिन्हें पहले सूर्यवंशी के लिए ही टीम से ड्रॉप किया गया था।
भारत पहले ही इस टी20 सीरीज को गंवा चुका है, जहां इंग्लैंड शुरुआती चार मैचों के बाद 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मैच बारिश की भेंट चढ़ा था, जबकि अगले तीन मैच इंग्लैंड ने अपने नाम किए थे। वैभव को पहले मैच में मौका नहीं मिला था, जबकि दूसरे टी20 से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था।
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भारत पहले ही इस टी20 सीरीज को गंवा चुका है, जहां इंग्लैंड शुरुआती चार मैचों के बाद 3-0 की अजेय बढ़त बना चुका है। भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मैच बारिश की भेंट चढ़ा था, जबकि अगले तीन मैच इंग्लैंड ने अपने नाम किए थे। वैभव को पहले मैच में मौका नहीं मिला था, जबकि दूसरे टी20 से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था।
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उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा प्रदर्शन
सूर्यवंशी ने ब्रिटेन दौरे के भारत दौरे पर सात में से तीन मैच खेले और इंग्लैंड के खिलाफ अपनी तीन छोटी पारियों में कुल 42 रन बनाए। तेज स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने के बावजूद, वैभव अपनी तीन पारियों में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की गेंदों से मिलने वाले अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर पाए। सिर्फ तीन मैचों के बाद वैभव को टीम से बाहर किए जाने की बात सुनील गावस्कर को पसंद नहीं आई और उन्होंने इस फैसले के लिए टीम मैनेजमेंट की कड़ी आलोचना की।
- भारतीय टीम में हाल के दिनों में चयन चौंका रहा जो फैंस और दिग्गजों की समझ से परे रहा है।
- वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में मौका नहीं मिला था।
- इसके बाद अगले तीन मैचों में जब मौका मिला, तो उन्होंने क्रमशः 14, 13 और 15 रन बनाए। वे कोई बड़ा इम्पैक्ट छोड़ने में नाकाम रहे।
- सूर्यवंशी के आने से पहले सैमसन को लगातार मौके मिले थे, लेकिन उन्होंने पिछली तीन पारियों में सिर्फ 5, 0 और 1 रन बनाए थे, जिसके बाद उन्हें ड्रॉप किया गया था। अब एक बार फिर उन्हें वापस लाया गया है।
सूर्यवंशी ने ब्रिटेन दौरे के भारत दौरे पर सात में से तीन मैच खेले और इंग्लैंड के खिलाफ अपनी तीन छोटी पारियों में कुल 42 रन बनाए। तेज स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करने के बावजूद, वैभव अपनी तीन पारियों में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की गेंदों से मिलने वाले अतिरिक्त उछाल का सामना नहीं कर पाए। सिर्फ तीन मैचों के बाद वैभव को टीम से बाहर किए जाने की बात सुनील गावस्कर को पसंद नहीं आई और उन्होंने इस फैसले के लिए टीम मैनेजमेंट की कड़ी आलोचना की।
फैसले पर उठे सवाल
सीरीज का नतीजा पहले ही साफ हो चुका है, ऐसे में यह पांचवां मैच सिर्फ एक औपचारिकता मात्र है। यही वजह है कि सुनील गावस्कर, नासिर हुसैन और रवि शास्त्री जैसे दिग्गज सूर्यवंशी को बाहर किए जाने के फैसले से बेहद हैरान दिखे। इन दिग्गजों का मानना है कि जब सीरीज में खोने के लिए कुछ नहीं था, तो युवा सूर्यवंशी को मौका दिया जाना चाहिए था। गावस्कर और ग्रीम स्वान ने कयास लगाए थे कि शायद ईशान किशन इस मैच में न खेलें, क्योंकि कोच गौतम गंभीर और ईशान के बीच मैदान पर काफी लंबी बातचीत देखी गई थी। भारत को इस सीरीज के ठीक बाद 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ अगली टी20 सीरीज खेलनी है। चौंकाने वाली बात यह है कि वैभव सूर्यवंशी उस जिम्बाब्वे दौरे की टीम का हिस्सा हैं, जबकि संजू सैमसन को उसमें जगह नहीं मिली है। ऐसे में भविष्य की तैयारी के लिहाज से भी सूर्यवंशी का खेलना ज्यादा सही फैसला माना जा रहा था।
गावस्कर ने कहा, टीम में उनका न होना बहुत ही निराशाजनक है। ओपनिंग बल्लेबाजों की खासियत यह है कि वे सीमित ओवर प्रारूप में बाद के क्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने क्षमता दिखाई है। अगर यह मैच जीतना जरूरी होता, तो मैं किसी अनुभवी खिलाड़ी को खिलाने के फैसले से सहमत होता। यह मैच उतना अहम नहीं है। मुझे लगता है कि हमने एक मौका गंवा दिया है। बस उम्मीद है कि कोई उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे समझा जाएगा कि यह अंत नहीं है। मुझे बस लगता है कि सिर्फ तीन मैचों के बाद 15 साल के खिलाड़ी को टीम से बाहर करना थोड़ा मुश्किल फैसला है।
सीरीज का नतीजा पहले ही साफ हो चुका है, ऐसे में यह पांचवां मैच सिर्फ एक औपचारिकता मात्र है। यही वजह है कि सुनील गावस्कर, नासिर हुसैन और रवि शास्त्री जैसे दिग्गज सूर्यवंशी को बाहर किए जाने के फैसले से बेहद हैरान दिखे। इन दिग्गजों का मानना है कि जब सीरीज में खोने के लिए कुछ नहीं था, तो युवा सूर्यवंशी को मौका दिया जाना चाहिए था। गावस्कर और ग्रीम स्वान ने कयास लगाए थे कि शायद ईशान किशन इस मैच में न खेलें, क्योंकि कोच गौतम गंभीर और ईशान के बीच मैदान पर काफी लंबी बातचीत देखी गई थी। भारत को इस सीरीज के ठीक बाद 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ अगली टी20 सीरीज खेलनी है। चौंकाने वाली बात यह है कि वैभव सूर्यवंशी उस जिम्बाब्वे दौरे की टीम का हिस्सा हैं, जबकि संजू सैमसन को उसमें जगह नहीं मिली है। ऐसे में भविष्य की तैयारी के लिहाज से भी सूर्यवंशी का खेलना ज्यादा सही फैसला माना जा रहा था।
गावस्कर ने कहा, टीम में उनका न होना बहुत ही निराशाजनक है। ओपनिंग बल्लेबाजों की खासियत यह है कि वे सीमित ओवर प्रारूप में बाद के क्रम में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं। उन्होंने क्षमता दिखाई है। अगर यह मैच जीतना जरूरी होता, तो मैं किसी अनुभवी खिलाड़ी को खिलाने के फैसले से सहमत होता। यह मैच उतना अहम नहीं है। मुझे लगता है कि हमने एक मौका गंवा दिया है। बस उम्मीद है कि कोई उसके कंधे पर हाथ रखकर उसे समझा जाएगा कि यह अंत नहीं है। मुझे बस लगता है कि सिर्फ तीन मैचों के बाद 15 साल के खिलाड़ी को टीम से बाहर करना थोड़ा मुश्किल फैसला है।
कप्तान अय्यर ने क्या कहा?
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस बदलाव बचाव किया। अय्यर ने कहा, हां हमने टीम में दो बदलाव किए हैं। वॉशिंगटन सुंदर की जगह सूर्यांश शेडगे आए हैं और सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को शामिल किया गया है। मुझे लगता है कि यह सही समय है जब हमें यह समझने की जरूरत है कि एक टीम के रूप में आगे बढ़ने के लिए हमारे लिए क्या सबसे सही संयोजन है। इसी को ध्यान में रखकर हमने यह फैसला लिया है।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस बदलाव बचाव किया। अय्यर ने कहा, हां हमने टीम में दो बदलाव किए हैं। वॉशिंगटन सुंदर की जगह सूर्यांश शेडगे आए हैं और सूर्यवंशी की जगह संजू सैमसन को शामिल किया गया है। मुझे लगता है कि यह सही समय है जब हमें यह समझने की जरूरत है कि एक टीम के रूप में आगे बढ़ने के लिए हमारे लिए क्या सबसे सही संयोजन है। इसी को ध्यान में रखकर हमने यह फैसला लिया है।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : IANS
भारत ने लगातार किए बदलाव
- भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में प्लेइंग-11 में कई बार बदलाव किए, लेकिन कोई संयोजन सफल नहीं हो सका।
- पहले मैच में संजू और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने ओपनिंग की, लेकिन सफल नहीं हुए।
- इसके बाद अगले तीन मैचों में वैभव और अभिषेक पारी का आगाज करने उतरे। वैभव से काफी उम्मीदें थी, लेकिन तीनों ही मैच में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।
- वैभव उस फॉर्म में नजर नहीं आए जिसकी उम्मीद उनसे की जा रही थी।
एशियाड से पहले सुलझानी होगी गुत्थी
भारतीय टीम के लिए आने वाले दिन काफी व्यस्त हैं। भारत को इंग्लैंड दौरे के बाद 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। इस दौरे पर सैमसन टीम में शामिल नहीं हैं, जबकि वैभव को मौका मिला है। यह तय है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव और अभिषेक को ओपनिंग में मौका मिलेगा। अगर ये जोड़ी वहां भी सफल नहीं हुई तो गौतम गंभीर की अगुआई वाली टीम प्रबंधन का सिरदर्द बढ़ जाएगा। ऐसे में एशियाई खेलों के लिए चयन मुश्किल होगा। उस वक्त यह देखना होगा कि ओपनिंग के लिए वैभव को भेजें या सैमसन को मौका दें। हालांकि, वैभव के डेब्यू के बाद ऐसी भी खबरें चली थी कि एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में बदलाव हो सकता है। स्थिति अनुकूल नहीं चल रही है, ऐसे में एशियाड से पहले भारत को शीर्ष क्रम की गुत्थी सुलझानी होगी जहां भारत स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगा।
सीरीज खत्म होने के बाद भी वैभव के मामले को जिस तरह से भारत ने संभाला, उस पर चर्चा होती रहेगी। भले ही टीम प्रबंधन ने आखिरी मैच के लिए सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को वापस लाने का फैसला किया, लेकिन सिर्फ तीन मैचों के बाद 15 साल के खिलाड़ी को बाहर करने का फैसला भारतीय टीम मैनेजमेंट की सोच पर सवाल खड़े करेगा।
भारतीय टीम के लिए आने वाले दिन काफी व्यस्त हैं। भारत को इंग्लैंड दौरे के बाद 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। इस दौरे पर सैमसन टीम में शामिल नहीं हैं, जबकि वैभव को मौका मिला है। यह तय है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ वैभव और अभिषेक को ओपनिंग में मौका मिलेगा। अगर ये जोड़ी वहां भी सफल नहीं हुई तो गौतम गंभीर की अगुआई वाली टीम प्रबंधन का सिरदर्द बढ़ जाएगा। ऐसे में एशियाई खेलों के लिए चयन मुश्किल होगा। उस वक्त यह देखना होगा कि ओपनिंग के लिए वैभव को भेजें या सैमसन को मौका दें। हालांकि, वैभव के डेब्यू के बाद ऐसी भी खबरें चली थी कि एशियाई खेलों के लिए भारतीय टीम में बदलाव हो सकता है। स्थिति अनुकूल नहीं चल रही है, ऐसे में एशियाड से पहले भारत को शीर्ष क्रम की गुत्थी सुलझानी होगी जहां भारत स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगा।
सीरीज खत्म होने के बाद भी वैभव के मामले को जिस तरह से भारत ने संभाला, उस पर चर्चा होती रहेगी। भले ही टीम प्रबंधन ने आखिरी मैच के लिए सैमसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को वापस लाने का फैसला किया, लेकिन सिर्फ तीन मैचों के बाद 15 साल के खिलाड़ी को बाहर करने का फैसला भारतीय टीम मैनेजमेंट की सोच पर सवाल खड़े करेगा।