MI Inning
62/0 (6 ov)
Target: 241
Surya Kumar Yadav 5(4)*
Ryan Rickelton 36 (19)
Mumbai Indians need 179 runs in 14.0 remaining overs
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IPL 2026: राजस्थान के मैनेजर भिंडर ने डगआउट में किया फोन का इस्तेमाल! BCCI ने शुरू की जांच; क्या बोले सैकिया?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sun, 12 Apr 2026 08:21 PM IST
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सार
राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर द्वारा डगआउट में फोन इस्तेमाल का मामला आईपीएल 2026 का बड़ा विवाद बन गया है। पीएमओए नियमों के अनुसार यह गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
आईपीएल में विवाद
- फोटो : X
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विस्तार
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ गुवाहाटी में 10 अप्रैल को खेले गए आईपीएल मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए देखे गए, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
ये भी पढ़ें: IPL 2026 Controversy: डगआउट में फोन इस्तेमाल से मचा बवाल, राजस्थान रॉयल्स विवादों में; ललित मोदी ने उठाए सवाल
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फोन इस्तेमाल करते दिखे भिंडर
एसीए स्टेडियम में मौजूद कैमरों में यह घटना लाइव रिकॉर्ड हुई थी, जिसमें भिंडर को एक डिवाइस इस्तेमाल करते हुए देखा गया। उस समय भिंडर युवा बाएं हाथ के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के बगल में बैठे थे, जो स्क्रीन की ओर देख रहे थे। इस घटना ने लीग के सख्त भ्रष्टाचार-रोधी प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसीए स्टेडियम में मौजूद कैमरों में यह घटना लाइव रिकॉर्ड हुई थी, जिसमें भिंडर को एक डिवाइस इस्तेमाल करते हुए देखा गया। उस समय भिंडर युवा बाएं हाथ के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के बगल में बैठे थे, जो स्क्रीन की ओर देख रहे थे। इस घटना ने लीग के सख्त भ्रष्टाचार-रोधी प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
— Cricket Iconic (@ankanghosh335) April 11, 2026
क्या कहते हैं नियम?
आईपीएल के 'खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र' (पीएमओए) के नियमों के अनुसार, एक टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में फोन इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन डगआउट में 'नहीं'। बीसीसीआई सचिव सैकिया ने रविवार को 'आईएएनएस' से पुष्टि की है कि बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) फिलहाल इस घटना के विवरण की जांच कर रही है और उसने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है।
आईपीएल के 'खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र' (पीएमओए) के नियमों के अनुसार, एक टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में फोन इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन डगआउट में 'नहीं'। बीसीसीआई सचिव सैकिया ने रविवार को 'आईएएनएस' से पुष्टि की है कि बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) फिलहाल इस घटना के विवरण की जांच कर रही है और उसने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है।
क्या बोले सचिव सैकिया?
सैकिया ने कहा, 'पीएमओए नियमों के अनुसार, टीम मैनेजर जैसे कुछ व्यक्तियों को फोन रखने की अनुमति होती है। राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर के तौर पर रोमी भिंडर भी फोन रख सकते हैं, लेकिन हमें इस बात की गहन जांच करनी होगी कि फोन किस क्षेत्र में ले जाया गया था और क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी। ऐसा करके, क्या उन्होंने हमारे मौजूदा आईपीएल नियमों और विनियमों के तहत किसी प्रोटोकॉल या नियम का उल्लंघन किया है, इसकी जांच की जा रही है।'
उन्होंने कहा, 'एंटी करप्शन यूनिट ने यह देखने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्या उन्होंने मोबाइल निर्धारित क्षेत्र में रखा था या उससे बाहर। विभिन्न सबूतों को देखने और उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद, वे इसके आधार पर अपनी रिपोर्ट देंगे।'
टूर्नामेंट्स के नियमों के अनुसार, बीसीसीआई की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) प्रमुख की तरफ से नियुक्त दो बीसीसीआई भ्रष्टाचार-रोधी मैनेजर पीएमओए के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होते हैं। उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि उचित व्यवस्थाएं मौजूद हों और सुरक्षा कर्मियों को पूरी तरह से जानकारी दी गई हो।
सैकिया ने कहा, 'पीएमओए नियमों के अनुसार, टीम मैनेजर जैसे कुछ व्यक्तियों को फोन रखने की अनुमति होती है। राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर के तौर पर रोमी भिंडर भी फोन रख सकते हैं, लेकिन हमें इस बात की गहन जांच करनी होगी कि फोन किस क्षेत्र में ले जाया गया था और क्या इसके लिए अनुमति ली गई थी। ऐसा करके, क्या उन्होंने हमारे मौजूदा आईपीएल नियमों और विनियमों के तहत किसी प्रोटोकॉल या नियम का उल्लंघन किया है, इसकी जांच की जा रही है।'
उन्होंने कहा, 'एंटी करप्शन यूनिट ने यह देखने के लिए जांच शुरू कर दी है कि क्या उन्होंने मोबाइल निर्धारित क्षेत्र में रखा था या उससे बाहर। विभिन्न सबूतों को देखने और उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद, वे इसके आधार पर अपनी रिपोर्ट देंगे।'
टूर्नामेंट्स के नियमों के अनुसार, बीसीसीआई की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) प्रमुख की तरफ से नियुक्त दो बीसीसीआई भ्रष्टाचार-रोधी मैनेजर पीएमओए के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होते हैं। उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि उचित व्यवस्थाएं मौजूद हों और सुरक्षा कर्मियों को पूरी तरह से जानकारी दी गई हो।
दोषी पाए जाने पर क्या होगी कार्रवाई?
पीएमओए और एसीयू के कामकाज से जुड़े एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा, 'फोन का इस्तेमाल सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही किया जाना चाहिए। उस स्क्रीनशॉट को देखकर ऐसा लगता है कि वह शायद कुछ देख रहे थे, या गूगल का इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम जैसे किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेक कर रहे थे।'
उन्होंने कहा, 'बस एक ही बात है कि एंटी-करप्शन यूनिट अपनी पूरी जांच के लिए उस डिवाइस का सारा डेटा ले सकती है, जिसका इस्तेमाल वह उस समय कर रहे थे, और खिलाड़ी से यह भी पूछ सकती है कि डिवाइस देखते समय वह असल में क्या देख रहे थे। अगर भिंडर को एसीयू अधिकारियों और गुवाहाटी में मैच रेफरी ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं पाया, तो उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा, या फ्रेंचाइजी पर 10 से 20 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।'
पीएमओए और एसीयू के कामकाज से जुड़े एक सूत्र ने आईएएनएस से कहा, 'फोन का इस्तेमाल सिर्फ आपातकालीन स्थिति में ही किया जाना चाहिए। उस स्क्रीनशॉट को देखकर ऐसा लगता है कि वह शायद कुछ देख रहे थे, या गूगल का इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम जैसे किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चेक कर रहे थे।'
उन्होंने कहा, 'बस एक ही बात है कि एंटी-करप्शन यूनिट अपनी पूरी जांच के लिए उस डिवाइस का सारा डेटा ले सकती है, जिसका इस्तेमाल वह उस समय कर रहे थे, और खिलाड़ी से यह भी पूछ सकती है कि डिवाइस देखते समय वह असल में क्या देख रहे थे। अगर भिंडर को एसीयू अधिकारियों और गुवाहाटी में मैच रेफरी ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं पाया, तो उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा, या फ्रेंचाइजी पर 10 से 20 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।'