KS Bharat Retirement: केएस भरत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास, विराट-रोहित और द्रविड़ को कहा धन्यवाद
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज केएस भरत ने सात टेस्ट मैचों के करियर के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। संन्यास लेते हुए उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ समेत परिवार, बीसीसीआई और अपने साथियों का आभार जताया।
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संन्यास की घोषणा करते हुए भरत ने लिखा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने अपने माता-पिता और बहन का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने दो दशकों तक उनके सपनों को साकार करने में पूरा सहयोग दिया। भरत ने कहा कि भारतीय टेस्ट टीम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था, लेकिन देश के लिए खेलने का गौरव हर चुनौती से बड़ा रहा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमित अवसर मिलने के बावजूद भरत का घरेलू क्रिकेट करियर बेहद सफल रहा है। उन्होंने 116 प्रथम श्रेणी मैचों में 6,102 रन बनाए हैं। उनके नाम एक तिहरा शतक भी दर्ज है और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 308 रन रहा है। उन्होंने अपने संन्यास संदेश में स्पष्ट नहीं किया कि वह घरेलू क्रिकेट से भी विदाई ले रहे हैं या नहीं। ऐसे में माना जा रहा है कि वह फिलहाल घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रख सकते हैं।
भरत ने अपने संदेश में बीसीसीआई, कोचों, मैनेजरों और अपने सभी साथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन और विशाखापत्तनम डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन का भी विशेष धन्यवाद किया, जिन्होंने बचपन से लेकर पेशेवर क्रिकेट तक उनके विकास में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने ग्राउंड्समैन के योगदान को भी याद करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।
भरत ने अपने करियर में अहम भूमिका निभाने वाले तीन बड़े नामों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी कप्तानी में उन्हें आईपीएल डेब्यू करने का मौका मिला, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और पहचान बनाने का अवसर मिला। इसके अलावा उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम में पदार्पण कराने वाले कप्तान रोहित शर्मा का भी आभार जताया।
भरत ने कहा कि रोहित की कप्तानी में टेस्ट डेब्यू करना उनके लिए अनमोल अनुभव रहा। पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ को याद करते हुए भरत ने कहा कि इंडिया-ए से लेकर भारतीय टीम तक उनकी यात्रा में द्रविड़ का मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण रहा और उनके समर्थन के बिना भारतीय टेस्ट क्रिकेटर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाता।