'रोहित-विराट के संन्यास पर फैसला उन्हीं का होना चाहिए': बोले अजहरुद्दीन, गिल और सरफराज पर भी उठाए सवाल
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कहा है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास का फैसला पूरी तरह उनका व्यक्तिगत मामला है और इस पर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने शुभमन गिल को टी20 टीम से बाहर रखने पर सवाल उठाए, जबकि सरफराज खान और आकिब नबी की अनदेखी को भी निराशाजनक बताया। साथ ही उन्होंने श्रेयस अय्यर की कप्तानी का समर्थन किया और टेस्ट क्रिकेट को अधिक बढ़ावा देने की वकालत की।
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रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर अजहरुद्दीन ने कहा, 'यह बहुत व्यक्तिगत मामला है। खिलाड़ी को खुद तय करना चाहिए कि उसके लिए संन्यास लेने का सही समय कब है। जब उसे लगे कि अब काफी हो गया है या नहीं, यह फैसला उसी का होना चाहिए। रोहित और विराट दोनों ने भारतीय क्रिकेट को बहुत कुछ दिया है और मुझे यकीन है कि उनमें अभी भी काफी क्रिकेट बाकी है।'
उन्होंने आगे कहा, 'लोग लगातार संन्यास की बातें करते रहते हैं, लेकिन खिलाड़ी खुद जानता है कि उसके शरीर में क्या चल रहा है, उसकी मानसिक स्थिति कैसी है और उसके खेल पर क्या असर पड़ रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने देश के लिए बहुत बड़ी सेवा की है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।'
VIDEO | When asked about the future and potential retirement of veterans Rohit Sharma and Virat Kohli and how much of cricket he felt was left in them, former India captain Mohammad Azharuddin insisted the decision must remain strictly theirs.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 17, 2026
"It's a very personal thing, you… pic.twitter.com/5SEn6aO4hx
अजहरुद्दीन ने शुभमन गिल को टी20 टीम से बाहर रखने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उनका मानना है कि गिल सभी प्रारूपों के खिलाड़ी हैं और उन्हें किसी भी फॉर्मेट से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'गिल कप्तानी बहुत अच्छी तरह संभाल रहे हैं। उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी काफी सुधार आया है। वह बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। मुझे समझ नहीं आता कि उन्हें टी20 टीम में क्यों नहीं चुना जाता। वह सभी प्रारूपों के खिलाड़ी हैं और उन्हें किसी भी फॉर्मेट से बाहर नहीं किया जाना चाहिए था।'
अजहरुद्दीन ने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले सरफराज खान और तेज गेंदबाज आकिब नबी की अनदेखी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद इन खिलाड़ियों को उसका उचित इनाम नहीं मिला। उन्होंने कहा, 'आकिब नबी बेहतरीन रेड-बॉल गेंदबाज हैं। वह स्विंग गेंदबाजी के शानदार विशेषज्ञ हैं। पिछले दो वर्षों से लगातार विकेट लेने के बावजूद उन्हें टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली। यह बेहद निराशाजनक है।' उन्होंने आगे कहा, 'ये खिलाड़ी लगातार घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हर कोई कहता है कि घरेलू क्रिकेट खेलो, लेकिन अगर प्रदर्शन को पहचान ही नहीं मिलेगी तो घरेलू क्रिकेट खेलने का फायदा क्या है?'
अजहरुद्दीन का मानना है कि भारत को अधिक टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट के बिना क्रिकेट नहीं है। यही असली परीक्षा है, जहां परिस्थितियां, पिच और चुनौतियां लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है। हमें ज्यादा बहु-दिवसीय क्रिकेट को बढ़ावा देना होगा।'
पूर्व कप्तान ने टी20 टीम की कप्तानी संभाल रहे श्रेयस अय्यर का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्हें यह मौका पूरी तरह से अपनी मेहनत के दम पर मिला है। वह एक अच्छे कप्तान बन सकते हैं। उनका क्रिकेटिंग दिमाग काफी अच्छा है और समय के साथ वह और बेहतर खिलाड़ी बनेंगे।'
वहीं, अजहरुद्दीन ने सूर्यकुमार यादव को कप्तानी और टीम से बाहर किए जाने के चयनकर्ताओं के फैसले का समर्थन किया। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करना जरूरी है और सिर्फ पुराने प्रदर्शन के आधार पर टीम में जगह नहीं मिल सकती।