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IND vs NZ: किस तरह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे रवि बिश्नोई, तीसरे टी20 के बाद बताया सफलता का राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 26 Jan 2026 12:59 PM IST
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सार
भारतीय टीम के स्पिनर रवि बिश्नोई ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में शानदार गेंदबाजी की। बिश्नोई लंबे समय बाद भारत के लिए खेलने उतरे थे।
रवि बिश्नोई
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारतीय टीम के स्पिनर रवि बिश्नोई पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे थे। वॉशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के कारण उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम में जगह मिली। बिश्नोई को पहले दो मैचों में प्लेइंग-11 में खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन तीसरे टी20 मैच में वह एकादश में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए। इस 25 वर्षीय लेग स्पिनर ने इससे पहले पिछले साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए आखिरी मैच खेला था।
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लखनऊ ने बिश्नोई को किया था रिलीज
मैच के बाद बिश्नोई ने बताया कि किस तरह वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल हुए। उनका मानना है कि एक साल की कड़ी मेहनत, आत्मनिरीक्षण और अपनी गेंदबाजी की लेंथ में नियंत्रण बनाए रखने पर काम करने से उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ और वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे। बिश्नोई का पिछले आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। इसके बाद लखनऊ सुपर जाएंट्स ने उन्हें रिलीज कर दिया था लेकिन पिछली नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 7.20 करोड़ रुपये में खरीदा।
मैच के बाद बिश्नोई ने बताया कि किस तरह वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल हुए। उनका मानना है कि एक साल की कड़ी मेहनत, आत्मनिरीक्षण और अपनी गेंदबाजी की लेंथ में नियंत्रण बनाए रखने पर काम करने से उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ और वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे। बिश्नोई का पिछले आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। इसके बाद लखनऊ सुपर जाएंट्स ने उन्हें रिलीज कर दिया था लेकिन पिछली नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 7.20 करोड़ रुपये में खरीदा।
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बिश्नोई ने कहा, पिछले एक साल में मैंने अपनी लेंथ पर काम किया है क्योंकि पिछले आईपीएल सत्र में मेरा प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा था। पिछले सत्र में मेरा अपनी लाइन और लेंथ पर मेरा ज्यादा नियंत्रण नहीं था। लेकिन मैंने स्टंप्स पर 5-6 मीटर की लेंथ पर गेंदबाजी करने की पूरी कोशिश की, क्योंकि उस लेंथ पर की गई गेंद पर शॉट लगाना मुश्किल होता है। जब आप टीम से बाहर होते हैं तो काफी मुश्किल होता है। यह भारतीय टीम बहुत मजबूत है और इसमें जगह बनाना आसान नहीं है। इसलिए आपको सीमित अवसर मिलते हैं। मेरे लिए यह अच्छा है कि मुझे अपनी गेंदबाजी पर काम करने का मौका मिला। मैंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया और उससे मुझे वापसी करने में मदद मिली।
मैच से पहले नवर्स थे बिश्नोई
बिश्नोई ने कहा, एक गेंदबाज के लिए टी20 मैच हमेशा मुश्किल होता है। बुमराह भाई ने अच्छी गेंदबाजी की, हार्दिक भाई ने अच्छी गेंदबाजी की, हर्षित राणा ने भी शुरुआत में विकेट लिया। अगर हम शुरुआत में ही दो-तीन विकेट ले लेते हैं, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए मुश्किल हो जाती है। मुझे इस मैच में अवसर मिला और शुरू में मैं थोड़ा नर्वस था लेकिन साथ ही उत्साहित भी था। आपको जब भी मौका मिलता है तो आपको अच्छा प्रदर्शन करना होता है इसलिए घबराहट और उत्साह दोनों ही होते हैं। मैंने अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करने की कोशिश की। अगर गेंद उस लेंथ पर अच्छी गति से गिरती है तो शॉट मारना बहुत मुश्किल होता है। ऐसा नहीं है कि मुझे 100 किमी प्रति घंटे से अधिक या 100 किमी प्रति घंटे से कम की रफ्तार से गेंदबाजी करनी है। मैं उस दिन जैसा महसूस करता हूं, वैसी ही गेंदबाजी करता हूं।
बिश्नोई ने कहा, एक गेंदबाज के लिए टी20 मैच हमेशा मुश्किल होता है। बुमराह भाई ने अच्छी गेंदबाजी की, हार्दिक भाई ने अच्छी गेंदबाजी की, हर्षित राणा ने भी शुरुआत में विकेट लिया। अगर हम शुरुआत में ही दो-तीन विकेट ले लेते हैं, तो बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए मुश्किल हो जाती है। मुझे इस मैच में अवसर मिला और शुरू में मैं थोड़ा नर्वस था लेकिन साथ ही उत्साहित भी था। आपको जब भी मौका मिलता है तो आपको अच्छा प्रदर्शन करना होता है इसलिए घबराहट और उत्साह दोनों ही होते हैं। मैंने अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी करने की कोशिश की। अगर गेंद उस लेंथ पर अच्छी गति से गिरती है तो शॉट मारना बहुत मुश्किल होता है। ऐसा नहीं है कि मुझे 100 किमी प्रति घंटे से अधिक या 100 किमी प्रति घंटे से कम की रफ्तार से गेंदबाजी करनी है। मैं उस दिन जैसा महसूस करता हूं, वैसी ही गेंदबाजी करता हूं।