IND 1st Inning
446/7 (111.4 ov)
Mohammed Siraj 11(8)*
Manav Suthar 23 (41)
Day 2 - Session 3, India elected to bat
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R Ashwin: वनडे के भविष्य को लेकर चिंतित हैं अश्विन, बोले- 2027 के बाद 50 ओवर के क्रिकेट को लेकर निश्चित नहीं
Thu, 01 Jan 2026 05:00 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 01 Jan 2026 05:00 PM IST
सार
भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन का कहना है कि रोहित और कोहली के वनडे से संन्यास लेने के बाद इस प्रारूप के भविष्य को लेकर वह निश्चित हैं।
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रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : ANI
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विस्तार
वनडे क्रिकेट के भविष्य को लेकर आमतौर पर चर्चाएं होती हैं, लेकिन पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इसे लेकर एक नई थ्योरी बताई है। अश्विन का कहना है कि 2027 वनडे विश्व कप के बाद वह इस प्रारूप के भविष्य को लेकर निश्चित नहीं हैं। अश्विन का मानना है कि जब विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे स्टार खिलाड़ी क्रिकेट को अलविदा कह देंगे तब वनडे प्रारूप के अस्तित्व और प्रासंगिकता पर तब संकट आ सकता है।
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विजय हजारे ट्रॉफी में Ro-Ko की भागीदारी चर्चा में रही
विराट और रोहित की विजय हजारे ट्रॉफी में भागीदारी को लेकर काफी चर्चा रही, लेकिन अश्विन का मानना है कि बढ़ती हुई टी20 लीग और टेस्ट क्रिकेट की अपनी अलग अहमियत के चलते 50 ओवर के प्रारूप के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। अश्विन ने कहा, 027 विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का भविष्य क्या होगा, इसको लेकर मैं निश्चित नहीं हूं। मैं इसे लेकर थोड़ा चिंतित हूं। मैं विजय हजारे ट्रॉफी देख रहा हूं, लेकिन जिस तरह मैंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी देखी, उसी तरह इसे देख पाना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। हमें यह भी समझना होगा कि दर्शक क्या देखना चाहते हैं। मुझे लगता है टेस्ट क्रिकेट के लिए अब भी जगह है, लेकिन वनडे क्रिकेट के लिए सच में जगह नहीं बची है।
विराट और रोहित की विजय हजारे ट्रॉफी में भागीदारी को लेकर काफी चर्चा रही, लेकिन अश्विन का मानना है कि बढ़ती हुई टी20 लीग और टेस्ट क्रिकेट की अपनी अलग अहमियत के चलते 50 ओवर के प्रारूप के लिए जगह लगातार कम होती जा रही है। अश्विन ने कहा, 027 विश्व कप के बाद वनडे क्रिकेट का भविष्य क्या होगा, इसको लेकर मैं निश्चित नहीं हूं। मैं इसे लेकर थोड़ा चिंतित हूं। मैं विजय हजारे ट्रॉफी देख रहा हूं, लेकिन जिस तरह मैंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी देखी, उसी तरह इसे देख पाना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। हमें यह भी समझना होगा कि दर्शक क्या देखना चाहते हैं। मुझे लगता है टेस्ट क्रिकेट के लिए अब भी जगह है, लेकिन वनडे क्रिकेट के लिए सच में जगह नहीं बची है।
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सभी प्रारुपों में 765 विकेट लेने वाले भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज अश्विन का कहना है कि विराट और रोहित के संन्यास के बाद वनडे प्रारूप और भी कमजोर हो जाएगा। उन्होंने कहा, देखिए, रोहित और विराट जब विजय हजारे ट्रॉफी खेलने आए तो लोगों ने इसे देखना शुरू किया। हमें पता है कि खेल हमेशा खिलाड़ियों से बड़ा होता है, लेकिन कई बार खेल को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए इन खिलाड़ियों (रोहित और विराट)की वापसी की जरूरत होती है। विजय हजारे ट्रॉफी एक घरेलू वनडे टूर्नामेंट है जिसे ज्यादा लोग नहीं देखते। लेकिन विराट और रोहित के खेलने की वजह से लोग इसे देखने पहुंचे। फिर सवाल यह है कि जब वे वनडे खेलना बंद कर देंगे, तब क्या होगा?
अश्विन ने वनडे को बताया शानदार प्रारूप
अश्विन ने कहा कि एक समय 50 ओवरों का क्रिकेट एक शानदार प्रारूप हुआ करता था जिससे महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी सामने आए जो पारी को संभालना जानते थे उन्होंने कहा, वनडे क्रिकेट कभी एक बेहतरीन प्रारूप था जिसने धोनी जैसा खिलाड़ी दिया जो 10–15 ओवर तक सिर्फ एक एक रन लेकर पारी को संभालता था और अंत में विस्फोटक बल्लेबाजी करता था। अब ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं और अब वैसी बल्लेबाजी की जरूरत भी नहीं है क्योंकि अब दो नई गेंदें होती हैं और सर्कल के अंदर पांच क्षेत्ररक्षक रहते हैं।
अश्विन ने कहा कि एक समय 50 ओवरों का क्रिकेट एक शानदार प्रारूप हुआ करता था जिससे महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी सामने आए जो पारी को संभालना जानते थे उन्होंने कहा, वनडे क्रिकेट कभी एक बेहतरीन प्रारूप था जिसने धोनी जैसा खिलाड़ी दिया जो 10–15 ओवर तक सिर्फ एक एक रन लेकर पारी को संभालता था और अंत में विस्फोटक बल्लेबाजी करता था। अब ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं और अब वैसी बल्लेबाजी की जरूरत भी नहीं है क्योंकि अब दो नई गेंदें होती हैं और सर्कल के अंदर पांच क्षेत्ररक्षक रहते हैं।