T20 WC: रंग में भंग डालने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान! पहले बांग्लादेश को उकसाया, अब खुद लगातार दे रहा गीदड़भभकी
टी20 विश्व कप 2026, जो क्रिकेट के जश्न का मंच होना चाहिए था, अब सियासी जिद और साजिशों का अखाड़ा बनता जा रहा है। जहां एक ओर खिलाड़ी मैदान में देश का नाम रोशन करने को तैयार हैं, वहीं बोर्ड और सरकारें क्रिकेट को हथियार बना रही हैं। बांग्लादेश की जिद के बाद अब पाकिस्तान की धमकियों ने खेल की आत्मा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह सिर्फ क्रिकेट नहीं, करोड़ों फैंस की भावनाओं से खिलवाड़ है।
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बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बांग्लादेश को उकसाने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उनका मानना है कि पाकिस्तान बेवजह इस विवाद में घुस रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शुक्ला ने कहा, 'पाकिस्तान बिना किसी वजह के इस मामले में दखल दे रहा है और बांग्लादेश को भड़का रहा है। पाकिस्तान ने बांग्लादेशियों पर जो ज़ुल्म किए हैं, वह सब जानते हैं और अब वे उन्हें गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।'
#WATCH | Delhi | On Scotland will replace Bangladesh at the ICC Men’s T20 World Cup 2026, BCCI Vice-President Rajeev Shukla says, "We wanted Bangladesh to play and we also assured full security, but since they have made this decision, it is very difficult to change the entire… pic.twitter.com/HZ7XecHOAX
— ANI (@ANI) January 26, 2026
बांग्लादेश विवाद की शुरुआत मुस्तफिजुर रहमान से हुई। दरअसल, आईपीएल 2026 के लिए 16 दिसंबर को अबु धाबी में मिनी नीलामी हुई थी। तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने नीलामी में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि उनका आधार मूल्य दो करोड़ रुपये था। मुस्तफिजुर को नीलामी में मोटी रकम मिली। मुस्तफिजुर एकमात्र बांग्लादेशी खिलाड़ी नहीं थे जो आईपीएल नीलामी में उतरे थे। इस बार बांग्लादेश के कुल सात खिलाड़ी थे जो ऑक्शन टेबल पर उतरे। इन खिलाड़ियों में रिशाद हुसैन, तस्कीन अहमद, तंजीम हसन साकिब, नाहिद राणा, रकीबुल हसन, मोहम्मद शोरिफुल इस्लाम और मुस्तफिजुर रहमान शामिल थे। इनमें से केवल मुस्तफिजुर को ही खरीदार मिला था। मुस्तफिजुर को लेने के लिए केकेआर और चेन्नई सुपर किंग्स (केकेआर) के बीच होड़ देखने मिली थी और अंत में केकेआर मोटी कीमत पर इस बांग्लादेशी खिलाड़ी को लेने में सफल रहा था।
- नीलामी में जैसे ही केकेआर ने मुस्तफिजुर को खरीदा उसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने केकेआर, विशेषकर फ्रेंचाइजी के मालिक शाहरुख खान को घेरना शुरू कर दिया गया था।
- इस मामले को लेकर सबसे ज्यादा अगर किसी की आलोचना हुई तो वह शाहरुख ही थे। कथावाचक से लेकर राजनेताओं ने शाहरुख की आलोचना की थी।
- मामला बढ़ने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सामने आना पड़ा था।
- बीसीसीआई ने तीन जनवरी 2026 को केकेआर को निर्देश दिया कि वह मुस्तफिजुर को टीम से बाहर करे जिसके बाद फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक रूप से मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया।
- बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था, हाल ही में देश भर में चल रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर, बीसीसीआई ने केकेआर फ्रेंचाइजी को निर्देश दिया है कि वे अपने एक खिलाड़ी, बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज कर दें।
- बीसीसीआई ने यह भी कहा था कि यदि केकेआर किसी रिप्लेसमेंट की मांग करता है, तो बीसीसीआई उसे इसकी अनुमति देगा।
- मुस्तफिजुर रहमान पहले भी आईपीएल का हिस्सा रहे हैं और कई फ्रेंचाइजी के लिए खेल चुके हैं। लेकिन इस बार ही उनके खेलने पर बवाल हुआ।
- दरअसल, इसकी पूरी जड़ बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं।
- हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई इन खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई थी।
- इस कारण ही भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कुछ दिनों में टकरार देखने मिली।
- सबसे पहले कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता संगीत सोम ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। इन्होंने शाहरुख खान को घेरा था।
मुस्तफिजुर को आईपीएल से बाहर करने के बाद बांग्लादेश बुरी तरह बौखला गया और उसने उकसाने वाले बयान देने शुरू कर दिए। बीसीबी ने भारत में सुरक्षा का हवाला देकर टी20 विश्व कप के मैच भारत में नहीं खेलने की मांग की। बीसीबी की मांग के बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने आग में घी डालने का काम किया। नजरुल ने लगातार भारत विरोधी बयान दिए और क्रिकेट बोर्ड को आईसीसी से बांग्लादेश टीम के मैच भारत के बजाए श्रीलंका में कराने के लिए कहा। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने देश में आईपीएल के प्रसारण पर भी रोक लगा दी।
फिर इस मामले पर जय शाह की अध्यक्षता वाली आईसीसी की एंट्री हुई। आईसीसी ने सबसे पहले बीसीबी से बात की। बीसीबी ने चूंकि सुरक्षा का हवाला दिया था तो आईसीसी ने इसकी समीक्षा की। लेकिन उसे भारत में सुरक्षा में कहीं कमी नजर नहीं आई। आईसीसी ने बीसीबी को इससे अवगत कराया, लेकिन बांग्लादेश अपनी जिद पर ही अड़ा रहा और उसने लगातार भारत में नहीं खेलने की बात दोहराई। बीसीबी ने आईसीसी के सामने यह भी विकल्प रखा कि बांग्लादेश को ग्रुप सी से हटाकर ग्रुप बी में शामिल किया जाए और आयरलैंड को ग्रुप सी में भेजा जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रुप बी के मैच श्रीलंका में होने हैं। इन सबके बीच आईसीसी का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ढाका में बीसीबी अधिकारियों से मिला और मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बांग्लादेश अपने हठ पर कायम रहा।
- 21 जनवरी को आईसीसी बोर्ड की बैठक हुई जिसमें बांग्लादेश की मांग बहुमत के आधार पर खारिज कर दी गई।
- आईसीसी ने बांग्लादेश को अल्टीमेटम दे दिया था कि या तो वह तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में खेले या उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम में शामिल किया जाएगा।
- आईसीसी के अल्टीमेटम के बाद बीसीबी और खिलाड़ियों की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के साथ बैठक हुई।
- बैठक के बाद बीसीबी ने फिर पुराना राग अलापते हुए कहा कि उसकी टीम भारत नहीं जाएगी।
- आईसीसी पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि तय कार्यक्रम में बदलाव नहीं होगा और उसने बीसीबी को सूचित कर दिया कि बांग्लादेश की जगह अब स्कॉटलैंड की टीम विश्व कप खेलेगी।
बांग्लादेश क्रिकेट अपने इतिहास के सबसे बड़े संकट के मुहाने पर खड़ा हो गया है। बांग्लादेश की इस जिद का असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे बीसीबी को करोड़ों का आर्थिक झटका लग सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, आईसीसी से मिलने वाली सालाना आय के तौर पर बीसीबी को करीब 325 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 27 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा प्रसारण अधिकार, प्रायोजन और अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई भी घटेगी। कुल मिलाकर मौजूदा वित्तीय वर्ष में बीसीबी की आय 60 प्रतिशत या उससे ज्यादा तक गिर सकती है। वहीं, इसका असर द्विपक्षीय क्रिकेट पर भी पड़ सकता है। भारत का अगस्त-सितंबर में प्रस्तावित बांग्लादेश दौरा रद्द होने की आशंका है। इस सीरीज के टीवी प्रसारण अधिकारों की कीमत कम से कम 10 अन्य द्विपक्षीय मुकाबलों के बराबर मानी जाती है।
ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, जब बांग्लादेश ने आईसीसी से अपने मुकाबले भारत से स्थानांतरित कर श्रीलंका में कराने की मांग की थी तब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) इस पूरे मामले में अचानक कूद पड़ा था। उसने आईसीसी को ईमेल लिखकर कहा था कि वह बांग्लादेश की मांग का समर्थन करता है, जिसमें भारत में मैच खेलने पर सुरक्षा और राजनीतिक स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है। पीसीबी ने आईसीसी बोर्ड के अन्य सदस्यों को भी ईमेल की कॉपी भेजी। पीसीबी ने साथ ही बांग्लादेश के मैचों की मेजबानी करने की पेशकश भी की थी।
पीएम से मुलाकात के बाद लिया जाएगा फैसला: नकवी
आईसीसी के फैसले के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने हाय-तौबा मचाना शुरू कर दिया। पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने शनिवार को एक तरफ आईसीसी पर बांग्लादेश मामले में पक्षपात का आरोप लगाया तो दूसरी तरफ यह भी संकेत दिया कि पाकिस्तान भी आगामी विश्व कप से बाहर हो सकता है। उन्होंने कहा, 'विश्व कप में हिस्सा लेने के बारे में हमारा रुख वही होगा जो पाकिस्तान सरकार हमें बताएगी। प्रधानमंत्री अभी पाकिस्तान में नहीं हैं। जब वह वापस आएंगे, तो मैं आपको हमारा आखिरी फैसला बता पाऊंगा। यह सरकार का फैसला है। हम उनकी बात मानते हैं, आईसीसी की नहीं।' नकवी ने आगे कहा, 'अगर पाकिस्तान की सरकार कहती है कि हमें नहीं खेलना चाहिए, तो हो सकता है कि आईसीसी (स्कॉटलैंड के बाद) 22वीं टीम ले आए। यह सरकार पर निर्भर करता है।'
सोमवार को पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात हुई। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस बैठक में शहबाज शरीफ ने नकवी से कहा कि पाकिस्तान को बांग्लादेश को हर संभव मदद देनी चाहिए। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री को कई संभावित स्थितियों के बारे में बताया गया, जिसमें पाकिस्तान का विश्व कप के लिए अपनी टीम न भेजना, या टूर्नामेंट में हिस्सा लेना लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले हाई-प्रोफाइल मैच का बहिष्कार करना शामिल था, अगर इस कदम से बांग्लादेश क्रिकेट को किसी भी तरह से मदद मिलती है।
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विवाद के बीच पाकिस्तान ने रविवार को टी20 विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित कर दी थी। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में सलमान अली आगा की कप्तानी में खेलने उतरेगा। पाकिस्तान ग्रुप ए में शामिल है जिसमें गत चैंपियन भारत, नीदरलैंड, अमेरिका और नामीबिया मौजूद हैं।
टी20 विश्व कप के लिए पाकिस्तान टीम
सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा मोहम्मद नफे (विकेटकीपर), मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, शाहिबजादा फरहान (विकेटकीपर), सईम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।
- मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अगर पाकिस्तान अपने इस रवैये पर अडिग रहा और उसने विश्व कप में खेलने से मना किया तो आईसीसी इस बार उसे कड़ा सबक सिखाएगा।
- आईसीसी पाकिस्तान पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगा सकता है जिसमें किसी भी द्विपक्षीय सीरीज का निलंबन रहना शामिल है। यानी कोई भी टीम पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेल सकेगी।
- इतना ही नहीं पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर भी एक तरह से रोक लगेगी और इन खिलाड़ियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दिया जाएगा।
- इसके अलावा पाकिस्तान टीम एशिया कप में भी हिस्सा नहीं ले सकेगी।
दिलचस्प बात तो यह है कि पाकिस्तान को विश्व कप में अपने सभी मैच भारत के बजाय श्रीलंका में खेलने हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनी हुई जिसके अनुसार दोनों ही टीमें आईसीसी या बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे के देश के बजाए तटस्थ स्थल पर अपने मुकाबले खेलती हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान का बांग्लादेश के विवाद में कूदना महज ओछी हरकत और सुर्खियों में बने रहने की आदत मात्र है। मोहसिन जिस तरह से पिछले कुछ समय से बयान दे रहे हैं उसे आईसीसी नजरअंदाज करने के मूड में नजर नहीं आ रहा है।