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ICC टूर्नामेंट में खेलने से इनकार के 5 मामले: टी20 विश्वकप 2026 से पहले कब-कब हुआ ऐसा? बहिष्कार का लंबा इतिहास
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 27 Jan 2026 09:58 AM IST
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सार
ICC टूर्नामेंटों में राजनीतिक, सुरक्षा और राजनयिक कारणों से कई बार टीमें मेजबान देश में खेलने से इनकार कर चुकी हैं। बांग्लादेश का हालिया मामला नया जरूर है, पर अनोखा नहीं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूज़ीलैंड, जिम्बाब्वे जैसी टीमें भी विभिन्न कारणों से मैच छोड़ चुकी हैं। यह इतिहास बताता है कि क्रिकेट सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि भू-राजनीति, सुरक्षा और कूटनीति से भी प्रभावित होता है।
जब टीमों ने मेजबान देश में खेलने से इनकार किया
- फोटो : PTI
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा बांग्लादेश को टी20 विश्व कप 2026 से हटाने और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल करने का निर्णय विवाद को समाप्त नहीं कर पाया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट में टीम भेजने से इनकार कर दिया था, सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए। इसके तुरंत बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को प्रतिस्पर्धा से बाहर करते हुए स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। दूसरी तरफ, पाकिस्तान की ओर से भी विश्व कप के बहिष्कार की धमकी दी जा रही है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड दो फरवरी तक अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करेगा।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम ने किसी मेजबान देश में खेलने से इनकार किया हो। आईसीसी टूर्नामेंटों की इतिहास में कई ऐसे अवसर आए हैं जब राजनीति, सुरक्षा या राजनयिक तनावों के चलते टीमें किसी मेजबान देश में खेलने को तैयार नहीं हुईं। आइए नजर डालते हैं ऐसे पांच प्रमुख घटनाक्रमों पर...
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हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम ने किसी मेजबान देश में खेलने से इनकार किया हो। आईसीसी टूर्नामेंटों की इतिहास में कई ऐसे अवसर आए हैं जब राजनीति, सुरक्षा या राजनयिक तनावों के चलते टीमें किसी मेजबान देश में खेलने को तैयार नहीं हुईं। आइए नजर डालते हैं ऐसे पांच प्रमुख घटनाक्रमों पर...
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1. 1996 वनडे वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका का दौरा ठुकराया
1996 वनडे विश्व कप श्रीलंका, भारत और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाना था, लेकिन टूनार्मेंट से ठीक दो सप्ताह पहले, कोलंबो में एक भीषण बम धमाके ने पूरी दुनिया में चिंता पैदा कर दी। श्रीलंका पहले से ही गृहयुद्ध के दौर से गुजर रहा था, ऐसे में सुरक्षा मुद्दे और गंभीर हो गए।
भारत और पाकिस्तान ने श्रीलंका के समर्थन में एक संयुक्त इलेवन टीम भेजकर कोलंबो में एक प्रदर्शनी मैच खेला, ताकि सामरिक एकता का संदेश दिया जा सके। परंतु ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने अपने ग्रुप मैचों के लिए श्रीलंका जाने से इनकार कर दिया। उनकी सुरक्षा चिंता पर आईसीसी ने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं दी और दोनों टीमों को अपने-अपने मैचों का बहिष्कार करना पड़ा। नतीजतन, श्रीलंका को अंक मिल गए और वे आसानी से क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। मजेदार बात यह है कि आगे जाकर श्रीलंका ने वही विश्व कप जीत लिया, वह भी ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में हराकर और इस तरह एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक स्क्रिप्ट लिखी।
1996 वनडे विश्व कप श्रीलंका, भारत और पाकिस्तान द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाना था, लेकिन टूनार्मेंट से ठीक दो सप्ताह पहले, कोलंबो में एक भीषण बम धमाके ने पूरी दुनिया में चिंता पैदा कर दी। श्रीलंका पहले से ही गृहयुद्ध के दौर से गुजर रहा था, ऐसे में सुरक्षा मुद्दे और गंभीर हो गए।
भारत और पाकिस्तान ने श्रीलंका के समर्थन में एक संयुक्त इलेवन टीम भेजकर कोलंबो में एक प्रदर्शनी मैच खेला, ताकि सामरिक एकता का संदेश दिया जा सके। परंतु ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने अपने ग्रुप मैचों के लिए श्रीलंका जाने से इनकार कर दिया। उनकी सुरक्षा चिंता पर आईसीसी ने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं दी और दोनों टीमों को अपने-अपने मैचों का बहिष्कार करना पड़ा। नतीजतन, श्रीलंका को अंक मिल गए और वे आसानी से क्वार्टर फाइनल में पहुंचे। मजेदार बात यह है कि आगे जाकर श्रीलंका ने वही विश्व कप जीत लिया, वह भी ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में हराकर और इस तरह एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक स्क्रिप्ट लिखी।
2. 2003 वनडे वर्ल्ड कप: इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे छोड़ा, न्यूजीलैंड ने केन्या
पहला विश्व कप जो अफ्रीका में आयोजित हुआ, उसने सुरक्षा और राजनीतिक तनावों के चलते कई विवाद देखे। इंग्लैंड की टीम ने जिम्बाब्वे में मैच खेलने से इनकार किया क्योंकि ब्रिटेन की सरकार, उस समय टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में, रॉबर्ट मुगाबे शासन की आलोचना कर रही थी। इंग्लैंड ने आईसीसी से मैच को तटस्थ स्थान पर शिफ्ट करने की गुहार लगाई पर अनुरोध खारिज हुआ, और जिम्बाब्वे को वॉकओवर मिला।
उधर न्यूजीलैंड ने नैरोबी (केन्या) में खेलने से इनकार किया क्योंकि कुछ महीने पहले मोम्बासा में आतंकवादी हमला हुआ था। उन्होंने सुरक्षा कारणों से मैच को हटाने की मांग की जो कि अस्वीकार कर दी गई, और परिणामस्वरूप केन्या को वॉकओवर मिला। यही वॉकओवर केन्या के लिए टूनामेंट का सबसे बड़ा वरदान साबित हुआ क्योंकि वे पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचे। इंग्लैंड, शुरुआती चरण में ही बाहर हो गया, जबकि न्यूजीलैंड सुपर सिक्स चरण तक पहुंचा।
पहला विश्व कप जो अफ्रीका में आयोजित हुआ, उसने सुरक्षा और राजनीतिक तनावों के चलते कई विवाद देखे। इंग्लैंड की टीम ने जिम्बाब्वे में मैच खेलने से इनकार किया क्योंकि ब्रिटेन की सरकार, उस समय टोनी ब्लेयर के नेतृत्व में, रॉबर्ट मुगाबे शासन की आलोचना कर रही थी। इंग्लैंड ने आईसीसी से मैच को तटस्थ स्थान पर शिफ्ट करने की गुहार लगाई पर अनुरोध खारिज हुआ, और जिम्बाब्वे को वॉकओवर मिला।
उधर न्यूजीलैंड ने नैरोबी (केन्या) में खेलने से इनकार किया क्योंकि कुछ महीने पहले मोम्बासा में आतंकवादी हमला हुआ था। उन्होंने सुरक्षा कारणों से मैच को हटाने की मांग की जो कि अस्वीकार कर दी गई, और परिणामस्वरूप केन्या को वॉकओवर मिला। यही वॉकओवर केन्या के लिए टूनामेंट का सबसे बड़ा वरदान साबित हुआ क्योंकि वे पहली बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचे। इंग्लैंड, शुरुआती चरण में ही बाहर हो गया, जबकि न्यूजीलैंड सुपर सिक्स चरण तक पहुंचा।
3. 2009 टी20 वर्ल्ड कप: जिम्बाब्वे ने खुद हटना बेहतर समझा
2009 टी20 विश्व कप इंग्लैंड में होना था, लेकिन सवाल उठ रहा था कि क्या जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों को वीजा मिल पाएगा। मुगाबे सरकार और ब्रिटेन के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर था। लंबे विमर्श के बाद जिम्बाब्वे क्रिकेट ने एक अप्रत्याशित लेकिन सुलझा हुआ निर्णय लिया। उन्होंने टूर्नामेंट से हट जाने का फैसला लिया।
उन्होंने बयान में कहा, 'हम ऐसी पार्टी में घुसपैठ करने नहीं आए हैं, जिसमें हमें आमंत्रित ही नहीं किया गया और साथ ही यह भी जताया कि यह निर्णय क्रिकेट के हित में है। आईसीसी ने इसे दोनों पक्षों को लाभ वाली स्थिति बताया और जिम्बाब्वे को पूरा भागीदारी शुल्क दिया। उनकी जगह एसोसिएट टीम स्कॉटलैंड को चुना गया।
2009 टी20 विश्व कप इंग्लैंड में होना था, लेकिन सवाल उठ रहा था कि क्या जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों को वीजा मिल पाएगा। मुगाबे सरकार और ब्रिटेन के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर था। लंबे विमर्श के बाद जिम्बाब्वे क्रिकेट ने एक अप्रत्याशित लेकिन सुलझा हुआ निर्णय लिया। उन्होंने टूर्नामेंट से हट जाने का फैसला लिया।
उन्होंने बयान में कहा, 'हम ऐसी पार्टी में घुसपैठ करने नहीं आए हैं, जिसमें हमें आमंत्रित ही नहीं किया गया और साथ ही यह भी जताया कि यह निर्णय क्रिकेट के हित में है। आईसीसी ने इसे दोनों पक्षों को लाभ वाली स्थिति बताया और जिम्बाब्वे को पूरा भागीदारी शुल्क दिया। उनकी जगह एसोसिएट टीम स्कॉटलैंड को चुना गया।
4. 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा चिंता कायम रही
2015 में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश दौरा सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया था और 2016 अंडर-19 विश्व कप तक उनका रुख नहीं बदला। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों ने टीम पर खतरे को हाईअलर्ट बताया और बोर्ड ने टीम भेजने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, 'हम ऑस्ट्रेलिया के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है।' बाद में आयरलैंड को ऑस्ट्रेलिया की जगह शामिल किया गया।
2015 में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश दौरा सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया था और 2016 अंडर-19 विश्व कप तक उनका रुख नहीं बदला। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियों ने टीम पर खतरे को हाईअलर्ट बताया और बोर्ड ने टीम भेजने से इनकार कर दिया। आईसीसी ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, 'हम ऑस्ट्रेलिया के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है।' बाद में आयरलैंड को ऑस्ट्रेलिया की जगह शामिल किया गया।
5. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी: भारत ने पाकिस्तान जाने से इनकार किया
2025 चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान की मेजबानी में होना था, जो लगभग 29 साल बाद किसी आईसीसी इवेंट की वापसी दर्शाता। पीसीबी के लिए यह ऐतिहासिक क्षण होता, परंतु प्रश्न उठ रहा था, क्या भारत पाकिस्तान जाएगा? भारत ने 2008 के बाद से पाकिस्तान में कोई मैच नहीं खेला और राजनीतिक वातावरण तनावपूर्ण बना रहा। 2023 में पाकिस्तान टीम भारत में वनडे वर्ल्ड कप खेलकर लौटी, लेकिन उसके बावजूद भारत सरकार ने 2025 के लिए यात्रा अनुमति नहीं दी। बीसीबीआई ने कहा कि हमारी टीम को सरकारी अनुमति नहीं मिली है, इसलिए हम पाकिस्तान नहीं जाएंगे।
काफी बातचीत के बाद आईसीसी ने एक अनोखा समझौता कराया। 2024–27 चक्र में यदि किसी टूर्नामेंट की मेजबानी भारत या पाकिस्तान करते हैं तो उनके बीच के मुकाबले तटस्थ स्थान पर होंगे। परिणामस्वरूप, भारत के 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के मैच दुबई में कराए गए और भारत ने ट्रॉफी जीती।
2025 चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान की मेजबानी में होना था, जो लगभग 29 साल बाद किसी आईसीसी इवेंट की वापसी दर्शाता। पीसीबी के लिए यह ऐतिहासिक क्षण होता, परंतु प्रश्न उठ रहा था, क्या भारत पाकिस्तान जाएगा? भारत ने 2008 के बाद से पाकिस्तान में कोई मैच नहीं खेला और राजनीतिक वातावरण तनावपूर्ण बना रहा। 2023 में पाकिस्तान टीम भारत में वनडे वर्ल्ड कप खेलकर लौटी, लेकिन उसके बावजूद भारत सरकार ने 2025 के लिए यात्रा अनुमति नहीं दी। बीसीबीआई ने कहा कि हमारी टीम को सरकारी अनुमति नहीं मिली है, इसलिए हम पाकिस्तान नहीं जाएंगे।
काफी बातचीत के बाद आईसीसी ने एक अनोखा समझौता कराया। 2024–27 चक्र में यदि किसी टूर्नामेंट की मेजबानी भारत या पाकिस्तान करते हैं तो उनके बीच के मुकाबले तटस्थ स्थान पर होंगे। परिणामस्वरूप, भारत के 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के मैच दुबई में कराए गए और भारत ने ट्रॉफी जीती।
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