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T20 World Cup: अपने ही खिलाड़ी ने बीसीबी को दिखाया आईना, तमीम इकबाल ने भविष्य को लेकर चेताया; विवाद पर दी राय
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 09 Jan 2026 01:33 PM IST
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सार
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने भले ही आईसीसी को दोबारा पत्र लिखकर भारत में नहीं खेलने की मांग दोहराई है, लेकिन इसे लेकर अब बांग्लादेश में ही मतभेद सामने नजर आ रहे हैं। पूरे मामले को लेकर पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने भी अपनी राय रखी है।
तमीम इकबाल
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत में टी20 विश्व कप नहीं खेलने की मांग पर अड़े बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) को अपने ही खिलाड़ी ने आईना दिखाया है। पूर्व कप्तान तमीम इकबाल ने बोर्ड को चेताया है कि वह भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला ले। दरअसल, बीसीबी ने आईसीसी को पत्र लिखकर मांग की है कि वह टी20 विश्व कप में अपने मुकाबले भारत के बजाए श्रीलंका में खेलना चाहता है।
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भारत में सुरक्षा को बना रहा बहाना
बीसीबी ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर आईसीसी को दूसरी बार पत्र लिखा था। बीसीबी ने भारत में सुरक्षा पर चिंता जाहिर की और क्रिकेट की वैश्विक संस्था से टी20 विश्व कप में अपने मुकाबले श्रीलंका में कराने की मांग दोहराई। टी20 विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होनी है और बांग्लादेश को ग्रुप चरण के अपने चार मैच भारत में खेलने हैं। इसमें से तीन कोलकाता में और एक मुंबई में खेला जाना है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को निर्देश दिया था कि वह बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दे। इसके बाद से ही बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप को लेकर राग अलपाना शुरू कर दिया है। बीसीबी ने सुरक्षा को बहाना बनाया है और अपने मैच श्रीलंका में खेलने की मांग की है।
बीसीबी ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर आईसीसी को दूसरी बार पत्र लिखा था। बीसीबी ने भारत में सुरक्षा पर चिंता जाहिर की और क्रिकेट की वैश्विक संस्था से टी20 विश्व कप में अपने मुकाबले श्रीलंका में कराने की मांग दोहराई। टी20 विश्व कप की शुरुआत सात फरवरी से होनी है और बांग्लादेश को ग्रुप चरण के अपने चार मैच भारत में खेलने हैं। इसमें से तीन कोलकाता में और एक मुंबई में खेला जाना है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को निर्देश दिया था कि वह बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दे। इसके बाद से ही बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप को लेकर राग अलपाना शुरू कर दिया है। बीसीबी ने सुरक्षा को बहाना बनाया है और अपने मैच श्रीलंका में खेलने की मांग की है।
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वहीं, अब इस पूरे विवाद में तमीम की भी एंट्री हुई है और उन्होंने बीसीबी से अपील की है कि अगले महीने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में टीम की भागीदारी के बारे में फैसला लोगों की भावनाओं से प्रभावित नहीं हों क्योंकि ऐसे किसी भी निर्णय का असर अगले 10 साल तक पड़ सकता है। तमीम इकबाल ने कहा, स्थिति फिलहाल थोड़ी गंभीर है और अभी अचानक कोई बयान देना मुश्किल है। लेकिन यह ध्यान में रखना चाहिए कि अगर सब मिलकर काम करें तो कई समस्याएं संवाद के माध्यम से हल हो सकती हैं। आपको यह देखना होगा कि बांग्लादेश विश्व क्रिकेट में कहां खड़ा है और बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य क्या हो सकता है। फिर उसी आधार पर निर्णय लेना चाहिए।
बांग्लादेश के रुख से बीसीबी में ही मतभेद
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने स्थल बदलने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रीय गौरव का हवाला दिया और सरकारी गलियारों में भारत विरोधी बढ़ती भावना को जारी रखा। बीसीबी और सरकार के बीच इस मुद्दे पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। अमिनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व वाला बीसीबी इस दृष्टिकोण से पूरी तरह सहमत नहीं है।
बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नजरुल ने स्थल बदलने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रीय गौरव का हवाला दिया और सरकारी गलियारों में भारत विरोधी बढ़ती भावना को जारी रखा। बीसीबी और सरकार के बीच इस मुद्दे पर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। अमिनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व वाला बीसीबी इस दृष्टिकोण से पूरी तरह सहमत नहीं है।
'बांग्लादेश क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में हो फैसला'
तमीम ने स्पष्ट किया, हम बीसीबी को एक स्वतंत्र संस्था मानते हैं। निश्चित रूप से सरकार बड़ी भूमिका जरूर निभाती है और उसके साथ चर्चा जरूरी है, लेकिन अगर हम बीसीबी को स्वतंत्र मानते हैं तो इसे अपने निर्णय लेने का अधिकार भी होना चाहिए। अगर बोर्ड किसी फैसले को सही मानता है तो उसे वह निर्णय लेना चाहिए। सार्वजनिक राय हमेशा अलग-अलग होगी। जब हम खेलते हैं, दर्शक भावनाओं से प्रभावित होकर कई बातें कहते हैं। लेकिन अगर आप उन सब के आधार पर निर्णय लेने लगेंगे तो इतनी बड़ी संस्था नहीं चला पाएंगे। आज के फैसले का असर अगले 10 साल तक पड़ेगा इसलिए निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में लिया जाना चाहिए। यही मेरा व्यक्तिगत विचार है।
तमीम ने स्पष्ट किया, हम बीसीबी को एक स्वतंत्र संस्था मानते हैं। निश्चित रूप से सरकार बड़ी भूमिका जरूर निभाती है और उसके साथ चर्चा जरूरी है, लेकिन अगर हम बीसीबी को स्वतंत्र मानते हैं तो इसे अपने निर्णय लेने का अधिकार भी होना चाहिए। अगर बोर्ड किसी फैसले को सही मानता है तो उसे वह निर्णय लेना चाहिए। सार्वजनिक राय हमेशा अलग-अलग होगी। जब हम खेलते हैं, दर्शक भावनाओं से प्रभावित होकर कई बातें कहते हैं। लेकिन अगर आप उन सब के आधार पर निर्णय लेने लगेंगे तो इतनी बड़ी संस्था नहीं चला पाएंगे। आज के फैसले का असर अगले 10 साल तक पड़ेगा इसलिए निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट और खिलाड़ियों के हित में लिया जाना चाहिए। यही मेरा व्यक्तिगत विचार है।