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IND vs SA: तीन बार शून्य पर आउट हो चुके अभिषेक शर्मा, क्या दक्षिण अफ्रीका भी उनके खिलाफ लगाएगा स्पिनर?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 20 Feb 2026 04:39 PM IST
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सार
टी20 विश्व कप में लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने के बावजूद अभिषेक शर्मा पर टीम इंडिया का भरोसा कायम है। पेट संक्रमण से उबरने के तुरंत बाद मैदान पर लौटे इस सलामी बल्लेबाज की फॉर्म पर सवाल उठ रहे हैं। अब सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले संभावना जताई जा रही है कि कप्तान एडेन मारक्रम या जॉर्ज लिंडे पावरप्ले में स्पिन से उन्हें परख सकते हैं। हालांकि आईपीएल के एक अनुभवी बल्लेबाजी कोच का मानना है कि अभिषेक की तकनीक में कोई बड़ी खामी नहीं है और उनका आत्मविश्वास कायम है।
अभिषेक शर्मा पिछली लगातार तीन पारियों में खाता नहीं खोल सके
- फोटो : PTI
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विस्तार
टी20 विश्व कप में भारत का अभियान मजबूती से आगे बढ़ रहा है, लेकिन सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है। लगातार तीन पारियों में शून्य पर आउट होने से उनके आत्मविश्वास और तकनीक पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि टीम प्रबंधन के भीतर यह चिंता अभी सार्वजनिक रूप से नहीं दिखती, क्योंकि बाकी बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी निभाई है।
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बीमारी या तकनीकी कमजोरी?
अभिषेक का स्ट्राइक रेट 192 से अधिक है, जो उनके आक्रामक अंदाज का प्रमाण है। लेकिन पेट के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के एक हफ्ते के भीतर ही उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। संभव है कि शारीरिक कमजोरी ने उनकी लय पर असर डाला हो। इसके अलावा धीमी पिचों पर स्पिन के खिलाफ उनकी चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऑफ-स्पिनर की अंदर आती गेंद पर बोल्ड होना और मिड-ऑन पर कैच होना उनकी हालिया पारियों की कहानी रही है।
अभिषेक का स्ट्राइक रेट 192 से अधिक है, जो उनके आक्रामक अंदाज का प्रमाण है। लेकिन पेट के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने के एक हफ्ते के भीतर ही उन्होंने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की। संभव है कि शारीरिक कमजोरी ने उनकी लय पर असर डाला हो। इसके अलावा धीमी पिचों पर स्पिन के खिलाफ उनकी चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऑफ-स्पिनर की अंदर आती गेंद पर बोल्ड होना और मिड-ऑन पर कैच होना उनकी हालिया पारियों की कहानी रही है।
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अभिषेक शर्मा
- फोटो : PTI
क्या दक्षिण अफ्रीका बदलेगा रणनीति?
भारत का सुपर-8 में पहला मुकाबला 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कप्तान एडेन मारक्रम पावरप्ले में तेज गेंदबाजों कागिसो रबाडा और लुंगी एनगिडी के बजाय खुद ऑफ-ब्रेक से शुरुआत कर सकते हैं। जॉर्ज लिंडे को भी शुरुआती ओवर देने की संभावना जताई जा रही है, ताकि अभिषेक को स्पिन से परखा जा सके। टी20 जैसे प्रारूप में छोटी सी गलती भी महंगी पड़ सकती है।
भारत का सुपर-8 में पहला मुकाबला 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कप्तान एडेन मारक्रम पावरप्ले में तेज गेंदबाजों कागिसो रबाडा और लुंगी एनगिडी के बजाय खुद ऑफ-ब्रेक से शुरुआत कर सकते हैं। जॉर्ज लिंडे को भी शुरुआती ओवर देने की संभावना जताई जा रही है, ताकि अभिषेक को स्पिन से परखा जा सके। टी20 जैसे प्रारूप में छोटी सी गलती भी महंगी पड़ सकती है।
'फॉर्म अस्थायी है, आत्मविश्वास स्थायी'
आईपीएल की एक फ्रेंचाइजी के अनुभवी बल्लेबाजी कोच ने अभिषेक की तकनीक का बचाव किया। नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने कहा, 'बिलकुल नहीं। पहले मैच में वह खराब गेंद पर डीप एक्स्ट्रा कवर पर कैच हुए थे, जो छह रन के लिए जा सकती थी।' उन्होंने आगे कहा, 'ऑफ-स्पिनर की अंदर आती गेंद पर बोल्ड होना या मिड-ऑन पर कैच होना, इससे यह साबित नहीं होता कि उन्हें ऑफ-स्पिनर हमेशा परेशान करते हैं। वह आम तौर पर ऑफ-स्पिन काफी अच्छा खेलते हैं। मैंने कुछ भी गलत नहीं देखा है।' उनके अनुसार अभिषेक की समस्या तकनीकी से ज्यादा परिस्थितिजन्य हो सकती है, धीमी विकेट और तेज स्विंग वाले बल्ले का तालमेल।
आईपीएल की एक फ्रेंचाइजी के अनुभवी बल्लेबाजी कोच ने अभिषेक की तकनीक का बचाव किया। नाम न बताने की शर्त पर उन्होंने कहा, 'बिलकुल नहीं। पहले मैच में वह खराब गेंद पर डीप एक्स्ट्रा कवर पर कैच हुए थे, जो छह रन के लिए जा सकती थी।' उन्होंने आगे कहा, 'ऑफ-स्पिनर की अंदर आती गेंद पर बोल्ड होना या मिड-ऑन पर कैच होना, इससे यह साबित नहीं होता कि उन्हें ऑफ-स्पिनर हमेशा परेशान करते हैं। वह आम तौर पर ऑफ-स्पिन काफी अच्छा खेलते हैं। मैंने कुछ भी गलत नहीं देखा है।' उनके अनुसार अभिषेक की समस्या तकनीकी से ज्यादा परिस्थितिजन्य हो सकती है, धीमी विकेट और तेज स्विंग वाले बल्ले का तालमेल।
अभिषेक शर्मा
- फोटो : BCCI
कोचिंग स्टाफ की अहम भूमिका
यह अभिषेक के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला दौर है जब उन्हें लगातार असफलता का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। अभिषेक का आत्मविश्वासी स्वभाव बताता है कि वह इस चुनौती से घबराने वाले नहीं हैं। लेकिन यह भी सच है कि भारत के टी20 अभियान की मजबूत शुरुआत काफी हद तक उनके प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
यह अभिषेक के अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला दौर है जब उन्हें लगातार असफलता का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। अभिषेक का आत्मविश्वासी स्वभाव बताता है कि वह इस चुनौती से घबराने वाले नहीं हैं। लेकिन यह भी सच है कि भारत के टी20 अभियान की मजबूत शुरुआत काफी हद तक उनके प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
असली परीक्षा अब
सुपर-8 चरण से टूर्नामेंट की असली परीक्षा शुरू होगी। अगर अभिषेक ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लय पकड़ ली, तो सारी चर्चाएं खत्म हो सकती हैं। आखिरकार, टी20 में एक पारी ही कहानी बदलने के लिए काफी होती है।
सुपर-8 चरण से टूर्नामेंट की असली परीक्षा शुरू होगी। अगर अभिषेक ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लय पकड़ ली, तो सारी चर्चाएं खत्म हो सकती हैं। आखिरकार, टी20 में एक पारी ही कहानी बदलने के लिए काफी होती है।