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Team India: आठ महीने में 10 भारतीय खिलाड़ियों को लगी चोट, नाराज बीसीसीआई ने शुरू की फिटनेस मानकों की समीक्षा
Fri, 07 Aug 2026 12:56 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:56 PM IST
सार
श्रीलंका में अभ्यास के दौरान भारतीय कप्तान शुभमन गिल के दाहिने हाथ के अंगूठे में चोट लग गई। बल्लेबाजी के बाद फील्डिंग प्रैक्टिस में दोबारा चोट लगने के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। पिछले आठ महीनों में करीब 10 भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने के बीच बीसीसीआई फिटनेस व्यवस्था की आंतरिक समीक्षा कर रहा है। बोर्ड फिटनेस मानकों में बदलाव और ब्रोंको टेस्ट को ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने पर भी विचार कर सकता है।
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शुभमन गिल भी चोटिल
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट टीम के श्रीलंका दौरे से पहले कप्तान शुभमन गिल के चोटिल होने से टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ गई है। कोलंबो में अभ्यास के दौरान गिल के दाहिने हाथ की अंगुली पर चोट लगी। इसके बाद उन्हें मेडिकल टीम ने तत्काल जरूरी उपचार दिया। कुछ देर बाद वह नेट्स पर लौटे, लेकिन फील्डिंग प्रैक्टिस के दौरान उनके हाथ में दोबारा चोट लग गई और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद मेडिकल टीम ने उन्हें दोबारा मैदान पर नहीं लौटने दिया। वह श्रीलंका के खिलाफ वार्म अप मैच के पहले दिन फील्डिंग के लिए भी नहीं उतरे।
गिल की चोट ऐसे समय में सामने आई है, जब भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और फिजियो से जुड़े मुद्दों को लेकर बहस तेज है। पिछले आठ महीनों में करीब 10 भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी फिटनेस व्यवस्था की समीक्षा करने की तैयारी में है।
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गिल की चोट ऐसे समय में सामने आई है, जब भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस और फिजियो से जुड़े मुद्दों को लेकर बहस तेज है। पिछले आठ महीनों में करीब 10 भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी फिटनेस व्यवस्था की समीक्षा करने की तैयारी में है।
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Update: Captain Shubman Gill sustained an impact injury to his right ring finger during India's practice on Thursday. As a precautionary measure, he will not take the field on Day 1 of the warm-up game against SLC XI. The BCCI Medical Team is monitoring his progress.
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KL Rahul… https://t.co/Mzu2yW4OgX— BCCI (@BCCI) August 7, 2026
बुमराह
- फोटो : ANI
10 खिलाड़ी चोटिल, बढ़ते मामलों से BCCI भी चिंतित
भारतीय टीम में पिछले आठ महीनों के दौरान करीब 10 खिलाड़ियों के चोटिल होने की बात सामने आई है। इनमें जसप्रीत बुमराह, कप्तान शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या और हर्षित राणा जैसे नाम शामिल हैं। खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने को लेकर फिटनेस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और फिटनेस से जुड़े सपोर्ट स्टाफ के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। बीसीसीआई की ओर से खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट प्रबंधन व्यवस्था की आंतरिक समीक्षा कराए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद बोर्ड मौजूदा फिटनेस मानकों में बदलाव करने पर फैसला ले सकता है।
भारतीय टीम में पिछले आठ महीनों के दौरान करीब 10 खिलाड़ियों के चोटिल होने की बात सामने आई है। इनमें जसप्रीत बुमराह, कप्तान शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या और हर्षित राणा जैसे नाम शामिल हैं। खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने को लेकर फिटनेस व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और फिटनेस से जुड़े सपोर्ट स्टाफ के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। बीसीसीआई की ओर से खिलाड़ियों की फिटनेस और चोट प्रबंधन व्यवस्था की आंतरिक समीक्षा कराए जाने की बात भी सामने आई है। इसके बाद बोर्ड मौजूदा फिटनेस मानकों में बदलाव करने पर फैसला ले सकता है।
हर्षित राणा
- फोटो : IPL/BCCI
फिजियो और फिटनेस टीम को लेकर भी उठे सवाल
- भारतीय खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के बीच टीम की फिजियो और फिटनेस व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लंबे और व्यस्त कार्यक्रम के लिए तैयार रखने के लिए फिटनेस मानकों को लेकर बोर्ड नए सिरे से विचार कर सकता है।
- रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई ने फिटनेस के स्तर में गिरावट और खिलाड़ियों के चोटिल होने के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लिया है। बोर्ड की आंतरिक समीक्षा में टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फिटनेस को प्रभावित करने वाले कारणों पर विचार किया जा रहा है।
जसप्रीत बुमराह और वॉशिंगटन सुंदर
- फोटो : BCCI
बुमराह की फिटनेस से लेकर राणा के वजन तक, कई मामलों पर सवाल
- भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की फिटनेस भी पिछले कुछ समय से चर्चा में रही है। श्रीलंका दौरे से पहले उनकी उपलब्धता को लेकर भी स्थिति साफ नहीं रही। वहीं, युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा के वजन को लेकर भी सवाल उठे हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार, राणा का वजन पिछले टी20 विश्व कप से पहले करीब चार किलोग्राम बढ़ा था। बाद में उन्होंने फिट होने के लिए कड़ी मेहनत की और वजन कम किया। हालांकि, मौजूदा समय में उनका वजन फिर बढ़ने की बात सामने आई है। इससे खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर को लेकर टीम प्रबंधन की चिंताएं बढ़ी हैं।
ब्रोंको टेस्ट पर मनोज तिवारी की रोहित को लेकर प्रतिक्रिया
- फोटो : ANI
अब तक लागू नहीं हो सका 'ब्रोंको टेस्ट'
भारतीय टीम में फिटनेस जांच के लिए ब्रोंको टेस्ट को लेकर भी चर्चा होती रही है। पिछले साल टीम के स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच ने इस टेस्ट को लागू करने की पहल की थी, लेकिन इसके लिए तय मानक नहीं थे। नई जानकारी के मुताबिक, ब्रोंको टेस्ट के लिए मानक तय किए गए थे, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें कुछ हद तक हल्का किया गया। बीसीसीआई ने फिटनेस टेस्ट में पुरुष क्रिकेटरों के लिए समय सीमा 5.15 से 5.20 मिनट तय की थी, जबकि सीओई ने दो किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के लिए नौ-10 मिनट का समय निर्धारित किया है। हालांकि, यह टेस्ट अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो सका है।
भारतीय टीम में फिटनेस जांच के लिए ब्रोंको टेस्ट को लेकर भी चर्चा होती रही है। पिछले साल टीम के स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच ने इस टेस्ट को लागू करने की पहल की थी, लेकिन इसके लिए तय मानक नहीं थे। नई जानकारी के मुताबिक, ब्रोंको टेस्ट के लिए मानक तय किए गए थे, लेकिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें कुछ हद तक हल्का किया गया। बीसीसीआई ने फिटनेस टेस्ट में पुरुष क्रिकेटरों के लिए समय सीमा 5.15 से 5.20 मिनट तय की थी, जबकि सीओई ने दो किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के लिए नौ-10 मिनट का समय निर्धारित किया है। हालांकि, यह टेस्ट अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो सका है।
गंभीर और शुभमन गिल
- फोटो : IANS
गंभीर ने कहा- हर चुनौती के लिए तैयार रहो
- श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने खिलाड़ियों से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा कि टीम को आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
- गंभीर ने खिलाड़ियों से कहा कि उन्हें हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टीम को हर चुनौती का सामना करना होगा और 15 अगस्त की सुबह तक खुद को पूरी तरह तैयार रखना होगा।
- ऐसे में गिल की चोट ने टीम की तैयारियों के बीच नई चिंता जरूर पैदा कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि भारतीय कप्तान कितनी जल्दी पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटते हैं।
साई सुदर्शन
- फोटो : IANS
पिछले आठ महीने में चोटिल हुए कई बड़े नाम
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ महीनों के दौरान चोटों का सिलसिला लगातार देखने को मिला है। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ महीनों के दौरान चोटों का सिलसिला लगातार देखने को मिला है। प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
- शुभमन गिल: श्रीलंका में अभ्यास के दौरान दाहिने हाथ के अंगूठे में चोट।
- जसप्रीत बुमराह: घुटने में चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर होने की स्थिति।
- हार्दिक पांड्या और आकाश दीप: चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं।
- हर्षित राणा: इंग्लैंड दौरे के दौरान चोट के बाद वापसी की।
- साई सुदर्शन: अंगूठे में चोट लगने के बाद फिट नहीं होने के कारण बाहर हुए।
- वॉशिंगटन सुंदर: इंग्लैंड दौरे के दूसरे वनडे में चोटिल हुए।
- विराट कोहली: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान चोट की समस्या से जूझे।
- रवींद्र जडेजा: आईपीएल के दौरान आंतरिक चोट के बाद अब श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए लौटे हैं।
भारतीय टीम
- फोटो : ANI
क्या बदलेंगे फिटनेस के नियम?
लगातार चोटों के मामलों के बीच बीसीसीआई फिटनेस मानकों में बदलाव कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, चोटिल खिलाड़ियों की फिटनेस जांच पहले की तुलना में ज्यादा सख्त तरीके से की जा सकती है। इसके अलावा चोटिल खिलाड़ियों को फिट घोषित करने से पहले अलग-अलग दिन दो बार ब्रोंको टेस्ट कराया जा सकता है। छह महीने में सभी खिलाड़ियों की फिटनेस जांच करने की भी योजना है। शिविर में आने वाले खिलाड़ियों का भी ब्रोंको टेस्ट होगा और इसके परिणाम के आधार पर ट्रेनिंग शेड्यूल तय किया जा सकता है।
लगातार चोटों के मामलों के बीच बीसीसीआई फिटनेस मानकों में बदलाव कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, चोटिल खिलाड़ियों की फिटनेस जांच पहले की तुलना में ज्यादा सख्त तरीके से की जा सकती है। इसके अलावा चोटिल खिलाड़ियों को फिट घोषित करने से पहले अलग-अलग दिन दो बार ब्रोंको टेस्ट कराया जा सकता है। छह महीने में सभी खिलाड़ियों की फिटनेस जांच करने की भी योजना है। शिविर में आने वाले खिलाड़ियों का भी ब्रोंको टेस्ट होगा और इसके परिणाम के आधार पर ट्रेनिंग शेड्यूल तय किया जा सकता है।