सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Sourav Ganguly Reveals How He Fought BCCI To Save Rahul Dravid’s ODI Career IPL 2026

Ganguly-Dravid: जब राहुल द्रविड़ के करियर के लिए बीसीसीआई से भिड़ गए थे गांगुली, सुनाया अनसुना किस्सा

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: स्वप्निल शशांक Updated Mon, 18 May 2026 09:32 AM IST
विज्ञापन
सार

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने राहुल द्रविड़ के वनडे करियर को बचाने के लिए चयनकर्ताओं से लड़ाई लड़ी थी। गांगुली ने कहा कि उस समय द्रविड़ के स्ट्राइक रेट को लेकर सवाल उठते थे और चयनकर्ता उन्हें टीम से बाहर करना चाहते थे। लेकिन उन्होंने द्रविड़ पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी देकर टीम का अहम हिस्सा बनाए रखा।

Sourav Ganguly Reveals How He Fought BCCI To Save Rahul Dravid’s ODI Career IPL 2026
सचिन, गांगुली और द्रविड़ - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

भारतीय क्रिकेट में एक समय ऐसा भी था, जब राहुल द्रविड़ का वनडे करियर खतरे में माना जा रहा था। धीमे स्ट्राइक रेट को लेकर चयनकर्ता उन्हें टीम से बाहर करने की बात कर रहे थे, लेकिन तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने अपने साथी खिलाड़ी पर भरोसा बनाए रखा। गांगुली ने न सिर्फ द्रविड़ का समर्थन किया, बल्कि उन्हें विकेटकीपिंग की नई भूमिका देकर टीम इंडिया का सबसे अहम खिलाड़ी बना दिया। अब गांगुली ने उस दौर का अनसुना किस्सा साझा करते हुए बताया है कि कैसे उन्होंने चयनकर्ताओं के दबाव के बावजूद द्रविड़ का करियर बचाने के लिए संघर्ष किया।

पॉडकास्ट में गांगुली ने खोला राज
राज शमानी के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सौरव गांगुली ने बताया कि उनके कप्तानी कार्यकाल में चयनकर्ता अक्सर राहुल द्रविड़ को वनडे टीम से बाहर करने की बात करते थे। गांगुली ने कहा, 'राहुल द्रविड़... लोग मेरे पास आते थे और कहते थे कि उनका स्ट्राइक रेट अच्छा नहीं है। चयनकर्ता कहते थे कि वनडे में किसी और को देखो, यहां तेजी से रन बनाने पड़ते हैं। लेकिन मैंने उन्हें ड्रॉप नहीं किया, क्योंकि अगर मैं उन्हें छोड़ देता तो उनका करियर खत्म हो जाता।'

उन्होंने आगे बताया कि वह द्रविड़ से अलग से बात करते थे और उन्हें अपने खेल में बदलाव करने के लिए प्रेरित करते थे। गांगुली ने कहा, 'मैं उनसे कहता था, ‘जैम, थोड़ा अलग तरीके से खेलना होगा।’ और वह इतने महान खिलाड़ी थे कि उन्होंने खुद को ढाल लिया। उन्होंने भारत के लिए नंबर-5 पर बल्लेबाजी की और विकेटकीपिंग भी की।'
विज्ञापन
विज्ञापन

विकेटकीपर बनकर बदली टीम इंडिया की तस्वीर
गांगुली ने खुलासा किया कि उस दौर में भारत के पास ऐसा विकेटकीपर नहीं था जो बल्लेबाजी भी अच्छी कर सके। इसी वजह से उन्होंने द्रविड़ को विकेटकीपिंग के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा, 'हमारे पास ऐसा विकेटकीपर नहीं था जो बल्लेबाजी कर सके। श्रीलंका के पास संगकारा थे, दक्षिण अफ्रीका के पास बाउचर और ऑस्ट्रेलिया के पास गिलक्रिस्ट थे। हमारी बल्लेबाजी नंबर-6 पर खत्म हो जाती थी। इसलिए हमने द्रविड़ को विकेटकीपर बनाया। फिर हम मोहम्मद कैफ को नंबर-सात पर खिलाने लगे, जिससे बल्लेबाजी मजबूत हुई।'

ऑलराउंडर की कमी ऐसे की पूरी
गांगुली ने यह भी बताया कि उस समय टीम इंडिया के पास कोई भरोसेमंद ऑलराउंडर नहीं था। इसी कारण उन्होंने खुद, सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह से गेंदबाजी करवाई। उन्होंने कहा, 'हमें टीम बनानी थी, इसलिए सहवाग गेंदबाजी करते थे, सचिन गेंदबाजी करते थे, मैं गेंदबाजी करता था और युवराज भी गेंदबाजी करते थे। अच्छी टीमों के पास ऑलराउंडर और बल्लेबाजी करने वाले विकेटकीपर होते थे, जो हमारे पास उस समय नहीं थे। टीम बनाने के लिए यह जरूरी था।'
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed