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2016 में रन मशीन, 2026 में मैच विनर: कौन से कोहली रहे ज्यादा खतरनाक? केवल स्ट्राइक रेट नहीं, इम्पैक्ट भी देखें
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 01 Jun 2026 02:58 PM IST
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सार
विराट कोहली ने 2016 में रिकॉर्ड 973 रन बनाए थे, लेकिन 2026 में कम रन बनाकर भी अधिक प्रभाव छोड़ा। 165.85 के स्ट्राइक रेट, बेहतर टीम रोल, तेज बल्लेबाजी और आरसीबी को लगातार दूसरी ट्रॉफी दिलाने में उनकी भूमिका ने 2026 के सीजन को उनके सबसे प्रभावशाली आईपीएल अभियानों में शामिल कर दिया।
क्या कोहली 2026 > कोहली 2016?
- फोटो : ANI/IPL/BCCI
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विस्तार
जब भी विराट कोहली के सर्वश्रेष्ठ आईपीएल सीजन की बात होगी तो सबसे पहले 2016 का नाम लिया जाएगा। 16 मैच, 973 रन, चार शतक, सात अर्धशतक और 152.03 का स्ट्राइक रेट। यह ऐसा रिकॉर्ड है जो आज भी आईपीएल इतिहास में सबसे बड़ा व्यक्तिगत बल्लेबाजी प्रदर्शन माना जाता है, लेकिन आईपीएल 2026 के बाद एक दिलचस्प बहस शुरू हो गई है। क्या 675 रन बनाने वाला विराट कोहली वास्तव में 973 रन वाले विराट से ज्यादा प्रभावशाली है?
पहली नजर में यह सवाल अजीब लगता है। आखिर 300 रन कम बनाने वाला सीजन बेहतर कैसे हो सकता है? लेकिन टी20 क्रिकेट सिर्फ रन गिनने का खेल नहीं है। यह रन बनाने की गति, मैच पर प्रभाव और टीम की सफलता का भी खेल है। यहीं 2026 का विराट 2016 वाले विराट को चुनौती देता दिखाई देता है।
973 रन vs 675 रन: क्या तुलना करना भी उचित है?
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पहली नजर में यह सवाल अजीब लगता है। आखिर 300 रन कम बनाने वाला सीजन बेहतर कैसे हो सकता है? लेकिन टी20 क्रिकेट सिर्फ रन गिनने का खेल नहीं है। यह रन बनाने की गति, मैच पर प्रभाव और टीम की सफलता का भी खेल है। यहीं 2026 का विराट 2016 वाले विराट को चुनौती देता दिखाई देता है।
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973 रन vs 675 रन: क्या तुलना करना भी उचित है?
| आंकड़ा | आईपीएल 2016 | आईपीएल 2026 |
|---|---|---|
| मैच | 16 | 16 |
| पारियां | 16 | 16 |
| रन | 973 | 675 |
| शतक | 4 | 1 |
| अर्धशतक | 7 | 5 |
| सर्वोच्च स्कोर | 113 | 105* |
| औसत | 81.08 | 56.25 |
| स्ट्राइक रेट | 152.03 | 165.85 |
| चौके | 83 | 73 |
| छक्के | 38 | 25 |
| 50+ स्कोर | 11 | 6 |
| नाबाद पारियां | 4 | 4 |
| टीम का परिणाम | फाइनल में हार | चैंपियन |
आईपीएल कोहली 2016 vs 2026 की तुलना
- फोटो : IPL/BCCI
टीम को ज्यादा फायदा किस विराट ने पहुंचाया?
2016 में विराट ने 16 मैचों में 973 रन बनाए थे। उनका औसत 81.08 और स्ट्राइक रेट 152.03 रहा था। उन्होंने 83 चौके और 38 छक्के लगाए थे। दूसरी तरफ 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए, औसत 56.25 रहा, लेकिन स्ट्राइक रेट बढ़कर 165.85 तक पहुंच गया। उन्होंने 73 चौके और 25 छक्के लगाए। सिर्फ इन आंकड़ों को देखें तो मुकाबला खत्म हो जाता है। 2016 का सीजन आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा बल्लेबाजी सीजन माना जाता है। लेकिन सवाल यह नहीं है कि किसने ज्यादा रन बनाए। सवाल यह है कि टी20 क्रिकेट में टीम को ज्यादा फायदा किस विराट ने पहुंचाया? 2026 में रन कम थे, लेकिन रन बनाने की रफ्तार कहीं ज्यादा थी।
2016 में विराट ने 16 मैचों में 973 रन बनाए थे। उनका औसत 81.08 और स्ट्राइक रेट 152.03 रहा था। उन्होंने 83 चौके और 38 छक्के लगाए थे। दूसरी तरफ 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए, औसत 56.25 रहा, लेकिन स्ट्राइक रेट बढ़कर 165.85 तक पहुंच गया। उन्होंने 73 चौके और 25 छक्के लगाए। सिर्फ इन आंकड़ों को देखें तो मुकाबला खत्म हो जाता है। 2016 का सीजन आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा बल्लेबाजी सीजन माना जाता है। लेकिन सवाल यह नहीं है कि किसने ज्यादा रन बनाए। सवाल यह है कि टी20 क्रिकेट में टीम को ज्यादा फायदा किस विराट ने पहुंचाया? 2026 में रन कम थे, लेकिन रन बनाने की रफ्तार कहीं ज्यादा थी।
आईपीएल कोहली 2016 vs 2026 की तुलना
- फोटो : IPL/BCCI
कोहली की सोच में दिखा असली अंतर
असल अंतर विराट की सोच में दिखा। 2016 में आरसीबी काफी हद तक विराट कोहली और एबी डिविलियर्स पर निर्भर थी। तब विराट मध्यक्रम में उतरते थे और एंकर का किरदार निभाते थे। उनका काम एक छोर को बचाए रखना और बाकी बल्लेबाजों को आक्रमक होकर खेलने देना होता था। वह भी रन गति को बनाए रखते थे। विराट को अक्सर लंबी पारी खेलनी पड़ती थी क्योंकि टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। यही वजह थी कि उन्होंने 63 गेंदों में 100*, 58 गेंदों में 108*, 55 गेंदों में 109 और 50 गेंदों में 113 रन जैसी विशाल पारियां खेलीं। वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि पूरी बल्लेबाजी इकाई को संभाल रहे थे।
असल अंतर विराट की सोच में दिखा। 2016 में आरसीबी काफी हद तक विराट कोहली और एबी डिविलियर्स पर निर्भर थी। तब विराट मध्यक्रम में उतरते थे और एंकर का किरदार निभाते थे। उनका काम एक छोर को बचाए रखना और बाकी बल्लेबाजों को आक्रमक होकर खेलने देना होता था। वह भी रन गति को बनाए रखते थे। विराट को अक्सर लंबी पारी खेलनी पड़ती थी क्योंकि टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। यही वजह थी कि उन्होंने 63 गेंदों में 100*, 58 गेंदों में 108*, 55 गेंदों में 109 और 50 गेंदों में 113 रन जैसी विशाल पारियां खेलीं। वह सिर्फ रन नहीं बना रहे थे, बल्कि पूरी बल्लेबाजी इकाई को संभाल रहे थे।
| 2016 वाले विराट अक्सर
शुरुआत से अंत तक बल्लेबाजी करते थे। उस दौर की सोच थी- |
2026 में सोच बदल गई।
इस सजीन विराट का मंत्र था- |
|---|---|
| 'मैं क्रीज पर रहूंगा तो टीम जीतेगी।' | 'मैं मैच की गति सेट करूंगा,
बाकी बल्लेबाज उसे आगे बढ़ाएंगे।' |
आईपीएल कोहली 2016 vs 2026 की तुलना
- फोटो : IPL/BCCI
2026 में तस्वीर पूरी तरह अलग थी। कोहली बतौर ओपनर खेल रहे थे और उन्हें पता था कि नीचे उनका बोझ बांटने के लिए रजत पाटीदार, वेंकटेश अय्यर, जितेश शर्मा और देवदत्त पडिक्कल जैसे आक्रामक बल्लेबाज मौजूद हैं। नतीजा यह हुआ कि कोहली ने अपनी बल्लेबाजी को और आक्रामक बनाया। इस सीजन में 38 गेंदों पर नाबाद 69, 44 गेंदों पर 81, 37 गेंदों पर 58 और फाइनल में 42 गेंदों पर नाबाद 75 रन जैसी पारियां देखने को मिलीं। उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर हमला किया और मैच की गति तय की।
किस तरह बदली विराट कोहली की सोच?
किस तरह बदली विराट कोहली की सोच?
- 2016 में विराट ने 152.03 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। 2026 में यह बढ़कर 165.85 हो गई।
- यानी हर 100 गेंद पर लगभग 14 रन ज्यादा। टी20 क्रिकेट में यह अंतर बहुत बड़ा माना जाता है।
- अगर 2026 वाली स्ट्राइक रेट को 2016 की 640 गेंदों पर लागू करें तो विराट लगभग 1060 रन के आसपास पहुंच जाते।
- यानी रन कम हैं क्योंकि उन्होंने कम गेंदें खेलीं, लेकिन प्रति गेंद ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
- 2016 में विराट परिस्थितियों को पढ़कर खेलते थे। 2026 में विराट परिस्थितियां तय कर रहे थे।
- उन्होंने पावरप्ले में लगभग हर दूसरी गेंद पर बाउंड्री लगाने की कोशिश की।
- यह वही विराट नहीं था जो कभी विकेट बचाने को प्राथमिकता देता था। यह वह विराट था जो शुरुआत से गेंदबाजों पर हमला कर रहा था।
आईपीएल कोहली 2016 vs 2026 की तुलना
- फोटो : IPL/BCCI
पावरप्ले वाला विराट भी सबसे बड़ा अंतर
सबसे बड़ा बदलाव पावरप्ले में नजर आया। 2016 का विराट परिस्थितियों के हिसाब से खेलता था, जबकि 2026 का विराट परिस्थितियां बदल देता था। इस सीजन में उन्होंने लगभग हर दूसरी गेंद पर बाउंड्री लगाने का प्रयास किया। यही कारण है कि उनका स्ट्राइक रेट 165 से ऊपर पहुंचा। आधुनिक टी20 क्रिकेट में यह आंकड़ा बेहद खास माना जाता है।
अगर दोनों सीजन के मैच-विजेता प्रदर्शनों को देखें तो 2016 में विराट ने 11 बार 50 से ज्यादा रन बनाए थे, जबकि 2026 में यह संख्या सात रही। लेकिन 2026 की पारियां ज्यादा तेज और ज्यादा मैच-निर्णायक थीं। उन्होंने कम गेंदों में मैच को विपक्ष की पहुंच से बाहर कर दिया। यही आधुनिक टी20 बल्लेबाजी की पहचान है।
सबसे बड़ा बदलाव पावरप्ले में नजर आया। 2016 का विराट परिस्थितियों के हिसाब से खेलता था, जबकि 2026 का विराट परिस्थितियां बदल देता था। इस सीजन में उन्होंने लगभग हर दूसरी गेंद पर बाउंड्री लगाने का प्रयास किया। यही कारण है कि उनका स्ट्राइक रेट 165 से ऊपर पहुंचा। आधुनिक टी20 क्रिकेट में यह आंकड़ा बेहद खास माना जाता है।
अगर दोनों सीजन के मैच-विजेता प्रदर्शनों को देखें तो 2016 में विराट ने 11 बार 50 से ज्यादा रन बनाए थे, जबकि 2026 में यह संख्या सात रही। लेकिन 2026 की पारियां ज्यादा तेज और ज्यादा मैच-निर्णायक थीं। उन्होंने कम गेंदों में मैच को विपक्ष की पहुंच से बाहर कर दिया। यही आधुनिक टी20 बल्लेबाजी की पहचान है।
आईपीएल कोहली 2016 vs 2026 की तुलना
- फोटो : IPL/BCCI
शतक कम, लेकिन मैच जिताने वाली पारियां ज्यादा
| IPL 2016 | IPL 2026 |
|---|---|
| 100* (63 गेंद) | 105 (60 गेंद)* |
| 108 (58 गेंद)* | 81 (44 गेंद) |
| 109 (55 गेंद) | 75 (42 गेंद)* |
| 113 (50 गेंद) | 69 (38 गेंद)* |
| 2016 में कोहली के चार शतक आए। | 2026 में शतक कम आए |
| लेकिन इनमें से कई पारियों में
विराट ने 55-65 गेंदें खेलीं। |
लेकिन रन बनाने की गति ज्यादा रही।
यानी टीम का स्कोर तेजी से बढ़ा। |
| 2016 का विराट- अकेला योद्धा |
|---|
| आरसीबी की बल्लेबाजी काफी हद तक कोहली और डिविलियर्स पर निर्भर थी। |
| विराट ने 973 रन और एबी ने 687 रन बनाए। |
| दोनों ने मिलकर लगभग 1660 रन बनाए। |
| बाकी बल्लेबाजी अक्सर पीछे रह जाती थी। |
| इसलिए विराट को लंबी पारियां खेलनी पड़ती थीं। |
| 2026 का विराट- सिस्टम का हिस्सा |
|---|
| टीम में वेंकटेश अय्यर, रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल जैसे कई मैच विनर मौजूद थे। |
| रन बनाने की जिम्मेदारी कई बल्लेबाजों में बंटी हुई थी। |
| विराट को अकेले बल्लेबाजी का बोझ नहीं उठाना पड़ा। |
| बल्लेबाजी क्रम ज्यादा संतुलित और गहरा था। |
| इसलिए विराट 35-40 गेंदों में मैच की दिशा बदल सकते थे। |
आईपीएल कोहली 2016 vs 2026 की तुलना
- फोटो : IPL/BCCI
फिर आता है सबसे अहम सवाल- टीम को क्या मिला?
2016 में विराट का रिकॉर्डतोड़ सीजन फाइनल में हार के साथ खत्म हुआ। आरसीबी खिताब से चूक गई। फाइनल में विराट ने 35 गेंदों पर 54 रन बनाए, लेकिन टीम ट्रॉफी नहीं जीत सकी। 2026 में विराट ने फाइनल में नाबाद 75 रन बनाए और आखिरी तक क्रीज पर रहकर टीम को लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन बनाया। यही वह अंतर है जो आंकड़ों से आगे जाकर विरासत तय करता है।
दिलचस्प बात यह भी है कि 2016 में विराट का औसत और रन संख्या दोनों ज्यादा थे, लेकिन 2026 में उन्होंने टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी की। वह हर मैच में शतक बनाने नहीं निकले, बल्कि मैच जिताने निकले। यही वजह है कि कई क्रिकेट विश्लेषक इस सीजन को विराट के सबसे परिपक्व टी20 सीजन के रूप में देख रहे हैं।
2016 में विराट का रिकॉर्डतोड़ सीजन फाइनल में हार के साथ खत्म हुआ। आरसीबी खिताब से चूक गई। फाइनल में विराट ने 35 गेंदों पर 54 रन बनाए, लेकिन टीम ट्रॉफी नहीं जीत सकी। 2026 में विराट ने फाइनल में नाबाद 75 रन बनाए और आखिरी तक क्रीज पर रहकर टीम को लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन बनाया। यही वह अंतर है जो आंकड़ों से आगे जाकर विरासत तय करता है।
दिलचस्प बात यह भी है कि 2016 में विराट का औसत और रन संख्या दोनों ज्यादा थे, लेकिन 2026 में उन्होंने टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी की। वह हर मैच में शतक बनाने नहीं निकले, बल्कि मैच जिताने निकले। यही वजह है कि कई क्रिकेट विश्लेषक इस सीजन को विराट के सबसे परिपक्व टी20 सीजन के रूप में देख रहे हैं।
आईपीएल कोहली 2016 vs 2026 की तुलना
- फोटो : IPL/BCCI
इन आधार पर निकालें निष्कर्ष
इसलिए निष्कर्ष सीधा है। अगर सवाल सबसे ज्यादा रन बनाने का है तो 2016 का विराट आज भी नंबर-1 है, लेकिन अगर सवाल यह है कि किस सीजन में विराट ने टी20 क्रिकेट को सबसे बेहतर तरीके से खेला और टीम को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाया और वह एक परिपूर्ण टी20 बल्लेबाज दिखे, तो 2026 का सीजन 2016 के बराबर, और कुछ मायनों में उससे आगे भी खड़ा दिखाई देता है। 2016 में विराट ने इतिहास बनाया था। 2026 में उन्होंने चैंपियनशिप दिलाई। और टी20 क्रिकेट में आखिरकार ट्रॉफी ही सबसे बड़ा पैमाना होती है।
इसलिए निष्कर्ष सीधा है। अगर सवाल सबसे ज्यादा रन बनाने का है तो 2016 का विराट आज भी नंबर-1 है, लेकिन अगर सवाल यह है कि किस सीजन में विराट ने टी20 क्रिकेट को सबसे बेहतर तरीके से खेला और टीम को सबसे ज्यादा फायदा पहुंचाया और वह एक परिपूर्ण टी20 बल्लेबाज दिखे, तो 2026 का सीजन 2016 के बराबर, और कुछ मायनों में उससे आगे भी खड़ा दिखाई देता है। 2016 में विराट ने इतिहास बनाया था। 2026 में उन्होंने चैंपियनशिप दिलाई। और टी20 क्रिकेट में आखिरकार ट्रॉफी ही सबसे बड़ा पैमाना होती है।