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Why Kohli Quit Test Captaincy: कोहली ने क्यों छोड़ी थी टेस्ट में कप्तानी? बोले- उम्मीदों का बोझ इतना था कि...
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 20 May 2026 03:56 PM IST
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सार
विराट कोहली ने खुलासा किया कि भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला लगातार बढ़ते दबाव और जिम्मेदारियों की वजह से लिया था। उन्होंने कहा कि कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों का बोझ उन्हें पूरी तरह थका चुका था। कोहली ने राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर को मुश्किल दौर में मदद के लिए धन्यवाद भी दिया।
कोहली
- फोटो : IANS
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने पहली बार खुलकर बताया है कि आखिर उन्होंने टेस्ट कप्तानी छोड़ने का फैसला क्यों लिया था। जनवरी 2022 में टेस्ट कप्तानी से इस्तीफा देने वाले कोहली ने कहा कि लगातार जिम्मेदारियों और उम्मीदों का दबाव उन्हें भीतर से पूरी तरह थका चुका था।
कोहली ने सात वर्षों तक भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी की और इस दौरान भारत ने 68 टेस्ट मैचों में 40 जीत दर्ज कीं। उनके नेतृत्व में टीम ने विदेशों में भी कई यादगार जीत हासिल कीं। हालांकि, कप्तानी छोड़ने से पहले उन्होंने टी20 टीम की कप्तानी भी छोड़ी थी और बाद में उनसे वनडे टीम की कप्तानी भी ले ली गई थी।
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कोहली ने सात वर्षों तक भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी की और इस दौरान भारत ने 68 टेस्ट मैचों में 40 जीत दर्ज कीं। उनके नेतृत्व में टीम ने विदेशों में भी कई यादगार जीत हासिल कीं। हालांकि, कप्तानी छोड़ने से पहले उन्होंने टी20 टीम की कप्तानी भी छोड़ी थी और बाद में उनसे वनडे टीम की कप्तानी भी ले ली गई थी।
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'मैं पूरी तरह थक चुका था'
आरसीबी इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट के दौरान कोहली ने कहा, 'मैं ऐसी स्थिति में पहुंच गया था जहां बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों का केंद्र मैं बन चुका था। मुझे एहसास ही नहीं हुआ कि ये दोनों जिम्मेदारियां मेरी रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना असर डाल रही हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस बात के लिए पूरी तरह समर्पित था कि भारतीय क्रिकेट हमेशा शीर्ष पर बना रहे। लेकिन जब मैंने कप्तानी छोड़ी, तब तक मैं पूरी तरह थक चुका था। मैं पूरी तरह उसमें डूब गया था। यह बहुत कठिन था और उम्मीदों को संभालना आसान नहीं था।'
आरसीबी इनोवेशन लैब इंडियन स्पोर्ट्स समिट के दौरान कोहली ने कहा, 'मैं ऐसी स्थिति में पहुंच गया था जहां बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों का केंद्र मैं बन चुका था। मुझे एहसास ही नहीं हुआ कि ये दोनों जिम्मेदारियां मेरी रोजमर्रा की जिंदगी पर कितना असर डाल रही हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस बात के लिए पूरी तरह समर्पित था कि भारतीय क्रिकेट हमेशा शीर्ष पर बना रहे। लेकिन जब मैंने कप्तानी छोड़ी, तब तक मैं पूरी तरह थक चुका था। मैं पूरी तरह उसमें डूब गया था। यह बहुत कठिन था और उम्मीदों को संभालना आसान नहीं था।'
रवि शास्त्री और टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय
कोहली ने अपने कप्तानी दौर में टीम के माहौल को सकारात्मक बनाए रखने का श्रेय तत्कालीन कोच रवि शास्त्री और टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा, 'मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में सबसे जरूरी बात यह थी कि टीम सुरक्षित महसूस करे और ड्रेसिंग रूम में असुरक्षा का माहौल न आए। इसके लिए रवि शास्त्री और पूरी मैनेजमेंट को बहुत श्रेय जाता है।'
कोहली ने अपने कप्तानी दौर में टीम के माहौल को सकारात्मक बनाए रखने का श्रेय तत्कालीन कोच रवि शास्त्री और टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा, 'मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ दौर में सबसे जरूरी बात यह थी कि टीम सुरक्षित महसूस करे और ड्रेसिंग रूम में असुरक्षा का माहौल न आए। इसके लिए रवि शास्त्री और पूरी मैनेजमेंट को बहुत श्रेय जाता है।'
राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर ने संभाला मुश्किल दौर
कप्तानी छोड़ने के बाद के समय को कोहली ने काफी चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उस दौर में राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौड़ ने उनका काफी साथ दिया। कोहली ने कहा, 'कप्तानी छोड़ने के बाद ही मैंने राहुल भाई और विक्रम राठौर जैसे लोगों से खुलकर बातें कीं। 2023 में टेस्ट क्रिकेट में मेरा शानदार प्रदर्शन रहा और जब भी मैं उनसे मिलता हूं, दिल से उनका धन्यवाद करता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने मेरा इस तरह ख्याल रखा कि मुझे फिर से क्रिकेट खेलने का आनंद महसूस होने लगा। मुझे लगा कि मैं उनके लिए खेलना चाहता हूं और मैदान पर जाकर पूरी मेहनत करना चाहता हूं।'
कप्तानी छोड़ने के बाद के समय को कोहली ने काफी चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उस दौर में राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौड़ ने उनका काफी साथ दिया। कोहली ने कहा, 'कप्तानी छोड़ने के बाद ही मैंने राहुल भाई और विक्रम राठौर जैसे लोगों से खुलकर बातें कीं। 2023 में टेस्ट क्रिकेट में मेरा शानदार प्रदर्शन रहा और जब भी मैं उनसे मिलता हूं, दिल से उनका धन्यवाद करता हूं।' उन्होंने आगे कहा, 'उन्होंने मेरा इस तरह ख्याल रखा कि मुझे फिर से क्रिकेट खेलने का आनंद महसूस होने लगा। मुझे लगा कि मैं उनके लिए खेलना चाहता हूं और मैदान पर जाकर पूरी मेहनत करना चाहता हूं।'