{"_id":"6a30d4866d20b0a9500f997d","slug":"why-was-vaibhav-sooryavanshi-angry-sri-lanka-a-player-s-go-home-remark-sparks-controversy-2026-06-16","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Vaibhav Sooryavanshi: श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर क्यों भड़के सूर्यवंशी? सुपर ओवर के बाद मैदान पर गरमाया था माहौल","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
Vaibhav Sooryavanshi: श्रीलंकाई खिलाड़ियों पर क्यों भड़के सूर्यवंशी? सुपर ओवर के बाद मैदान पर गरमाया था माहौल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 16 Jun 2026 10:13 AM IST
विज्ञापन
सार
भारत ए और श्रीलंका ए के बीच त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले के बाद विवाद खड़ा हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुपर ओवर में भारत की हार के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी से मैच खत्म हो गया, अब घर जाओ जैसी टिप्पणी की। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हुई और अन्य खिलाड़ियों और अधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा। मैच पहले ही सुपर ओवर, खराब रोशनी और 10 पेनल्टी रन को लेकर चर्चा में था।
वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों की लड़ाई
- फोटो : Screegrab X
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया त्रिकोणीय सीरीज का चौथा मुकाबला रोमांच के साथ-साथ विवादों के लिए भी याद रखा जाएगा। मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर में श्रीलंका ए ने जीत दर्ज की, लेकिन मुकाबले के बाद जो हुआ उसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशेन हलाम्बागे और भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों आपस में भिड़ते दिखे थे। हालांकि, अन्य खिलाड़ियों ने बीच बचाव किया और अंपायर को भी दोनों को रोकना पड़ा था।
क्रिकबज की रिपोर्ट में बताया गया है कि सुपर ओवर समाप्त होने के बाद हलाम्बागे ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी से कहा, 'मैच खत्म हो गया... अब घर जाओ...।' यह टिप्पणी भारतीय बल्लेबाज को पसंद नहीं आई और वह नाराज हो गए। देखते ही देखते दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी बढ़ गई। मामला इतना बढ़ा कि अन्य खिलाड़ियों और अधिकारियों को हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराना पड़ा।
क्रिकबज की रिपोर्ट में बताया गया है कि सुपर ओवर समाप्त होने के बाद हलाम्बागे ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी से कहा, 'मैच खत्म हो गया... अब घर जाओ...।' यह टिप्पणी भारतीय बल्लेबाज को पसंद नहीं आई और वह नाराज हो गए। देखते ही देखते दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी बढ़ गई। मामला इतना बढ़ा कि अन्य खिलाड़ियों और अधिकारियों को हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
What is this aggressive behavior from Vaibhav Suryavanshi? Is this what the richest board, @BCCI, teaches them? Shame on.. pic.twitter.com/GBbg93L9Gk
— TheFreeSource (@sarkar3703) June 15, 2026विज्ञापन
सुपर ओवर के फैसले पर भी उठा सवाल
विवाद सिर्फ खिलाड़ियों की नोकझोंक तक सीमित नहीं रहा। मैच का सुपर ओवर भी चर्चा का विषय बन गया। निर्धारित 50 ओवर के बाद दोनों टीमों का स्कोर 265 रन पर बराबर था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंकाई टीम सुपर ओवर नहीं चाहती थी, जबकि भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने मैच अधिकारियों से बातचीत कर सुपर ओवर कराने पर जोर दिया। बताया गया कि खराब रोशनी के बावजूद सुपर ओवर खेला गया। यहां तक कि अंपायरों ने शर्त रखी थी कि यदि रोशनी और खराब हुई तो भारत की बल्लेबाजी रोक दी जाएगी। हालांकि मैच जारी रहा और सुपर ओवर पूरा कराया गया।
विवाद सिर्फ खिलाड़ियों की नोकझोंक तक सीमित नहीं रहा। मैच का सुपर ओवर भी चर्चा का विषय बन गया। निर्धारित 50 ओवर के बाद दोनों टीमों का स्कोर 265 रन पर बराबर था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीलंकाई टीम सुपर ओवर नहीं चाहती थी, जबकि भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने मैच अधिकारियों से बातचीत कर सुपर ओवर कराने पर जोर दिया। बताया गया कि खराब रोशनी के बावजूद सुपर ओवर खेला गया। यहां तक कि अंपायरों ने शर्त रखी थी कि यदि रोशनी और खराब हुई तो भारत की बल्लेबाजी रोक दी जाएगी। हालांकि मैच जारी रहा और सुपर ओवर पूरा कराया गया।
श्रीलंका क्रिकेट अधिकारी ने भी उठाए सवाल
मुकाबले के बाद एक श्रीलंका क्रिकेट अधिकारी ने कहा, 'पहली बात तो यह है कि सुपर ओवर होना ही नहीं चाहिए था।' रिपोर्ट के मुताबिक, मैच के बाद श्रीलंका ए के ड्रेसिंग रूम में भी इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा हुई। कुछ लोगों ने भारतीय टीम से माफी मांगने की सलाह भी दी, क्योंकि खराब रोशनी में सुपर ओवर कराना कई लोगों को सही नहीं लगा।
मुकाबले के बाद एक श्रीलंका क्रिकेट अधिकारी ने कहा, 'पहली बात तो यह है कि सुपर ओवर होना ही नहीं चाहिए था।' रिपोर्ट के मुताबिक, मैच के बाद श्रीलंका ए के ड्रेसिंग रूम में भी इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा हुई। कुछ लोगों ने भारतीय टीम से माफी मांगने की सलाह भी दी, क्योंकि खराब रोशनी में सुपर ओवर कराना कई लोगों को सही नहीं लगा।
10 पेनल्टी रन भी बने हार की वजह
भारत ए की मुश्किलें मैच शुरू होने से पहले ही बढ़ गई थीं। अंपायर प्रगीथ रामबुकवेला और शांथा फोंसेका ने भारतीय ऑलराउंडर विप्रज निगम पर पिच के संरक्षित हिस्से पर दो बार दौड़ने का आरोप लगाया। चेतावनी मिलने के बावजूद गलती दोहराने पर भारत ए पर कुल 10 पेनल्टी रन लगाए गए। इसका मतलब यह हुआ कि श्रीलंका ए की पारी शुरू होते ही उसके खाते में 10 रन जुड़ गए। आखिर में जब मुकाबला टाई हुआ और सुपर ओवर तक पहुंचा, तब यही 10 अतिरिक्त रन भारत की हार का बड़ा कारण माने गए।
भारत ए की मुश्किलें मैच शुरू होने से पहले ही बढ़ गई थीं। अंपायर प्रगीथ रामबुकवेला और शांथा फोंसेका ने भारतीय ऑलराउंडर विप्रज निगम पर पिच के संरक्षित हिस्से पर दो बार दौड़ने का आरोप लगाया। चेतावनी मिलने के बावजूद गलती दोहराने पर भारत ए पर कुल 10 पेनल्टी रन लगाए गए। इसका मतलब यह हुआ कि श्रीलंका ए की पारी शुरू होते ही उसके खाते में 10 रन जुड़ गए। आखिर में जब मुकाबला टाई हुआ और सुपर ओवर तक पहुंचा, तब यही 10 अतिरिक्त रन भारत की हार का बड़ा कारण माने गए।
चर्चा में रहे वैभव सूर्यवंशी
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। ऐसे में मुकाबले के बाद उनके साथ हुई कहासुनी ने इस विवाद को और बड़ा बना दिया। हालांकि दोनों टीमों या टूर्नामेंट आयोजकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में आगे कोई जांच या अनुशासनात्मक कदम उठाया जाता है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया यह मुकाबला लंबे समय तक अपने रोमांच और विवाद दोनों के लिए याद रखा जाएगा।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ समय से भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हैं। ऐसे में मुकाबले के बाद उनके साथ हुई कहासुनी ने इस विवाद को और बड़ा बना दिया। हालांकि दोनों टीमों या टूर्नामेंट आयोजकों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस मामले में आगे कोई जांच या अनुशासनात्मक कदम उठाया जाता है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया यह मुकाबला लंबे समय तक अपने रोमांच और विवाद दोनों के लिए याद रखा जाएगा।